गौरव गोगोई बने भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष, हिमंता बिस्वा सरमा के बयानों पर दी स्पष्ट प्रतिक्रिया

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गौरव गोगोई बने भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष, हिमंता बिस्वा सरमा के बयानों पर दी स्पष्ट प्रतिक्रिया

सारांश

गौरव गोगोई ने भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बयानों को महत्व न देने की बात कही और असम के विकास पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

Key Takeaways

  • गौरव गोगोई का भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में नामांकन।
  • मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की टिप्पणियों पर कोई गंभीर प्रतिक्रिया नहीं।
  • संसदीय मैत्री समूह का उद्देश्य भारत की वैश्विक संसदीय भागीदारी को मजबूत करना।
  • असम के विकास और जन कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता।
  • राजनीतिक बयानों में उलझने के बजाय वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना।

गुवाहाटी, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य गौरव गोगोई ने बुधवार को भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में नामांकन किया। इस अवसर पर, उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के बयानों का कोई गंभीर उत्तर देने की आवश्यकता नहीं है।

गोगोई ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी शासन और जन कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना है, न कि संसदीय नियुक्तियों पर राजनीतिक टिप्पणियाँ करना। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयानों को अत्यधिक गंभीरता से लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। सब कुछ स्पष्ट है और ऐसी टिप्पणियों को अनावश्यक महत्व देने की जरूरत नहीं है।

गोगोई ने मुख्यमंत्री सरमा की उस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि गोगोई को 'पाकिस्तान से संबंधित जिम्मेदारी' दी जानी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से केवल सत्ताधारी दल की राजनीतिक मानसिकता का पता चलता है। मैं हर राजनीतिक टिप्पणी पर प्रतिक्रिया नहीं देता। मेरा कर्तव्य संसद और मुझे चुनने वाली जनता के प्रति है।

गोगोई ने यह भी कहा कि संसदीय मैत्री समूहों का गठन एक स्थापित प्रक्रिया के तहत होता है और इनका उद्देश्य भारत की वैश्विक संसदीय भागीदारी को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि दो लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग और संवाद को बढ़ावा देने के लिए फिलीपींस के साथ संसदीय मैत्री समूह का गठन किया गया है। यह लोकसभा द्वारा दी गई जिम्मेदारी है, और मैं इसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।

गोगोई ने यह भी कहा कि नेताओं को राजनीतिक बयानों में उलझने के बजाय रोजगार, शिक्षा, महंगाई और असम के विकास से संबंधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि असम के लोग वास्तविक समस्याओं का समाधान चाहते हैं, न कि राजनीतिक व्यंग्य या ध्यान भटकाने वाली बातों में।

उन्होंने कहा कि संसद के भीतर और बाहर, मेरा काम खुद बोलता है। मैं रचनात्मक सहयोग और जिम्मेदार राजनीति में विश्वास रखता हूं। हाल ही में, लोकसभा सचिवालय ने गोगोई को १८वीं लोकसभा के लिए भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में नामित किया है।

Point of View

असम की राजनीति में अधिक प्रभावशाली मुद्दों की ओर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास है। यह एक ऐसा समय है जब नेताओं को अपने शब्दों का सही उपयोग करना चाहिए।
NationPress
27/02/2026

Frequently Asked Questions

गौरव गोगोई ने किस पद के लिए नामांकन किया है?
गौरव गोगोई ने भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में नामांकन किया है।
गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बयानों पर क्या कहा?
गौरव गोगोई ने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा के बयानों पर किसी गंभीर प्रतिक्रिया की आवश्यकता नहीं है।
गौरव गोगोई का मुख्य ध्यान किस पर है?
गौरव गोगोई का मुख्य ध्यान असम के विकास और जन कल्याण के मुद्दों पर है।
भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह का उद्देश्य क्या है?
इस समूह का उद्देश्य भारत की वैश्विक संसदीय भागीदारी को मजबूत करना है।
गौरव गोगोई ने किस प्रक्रिया के तहत संसदीय मैत्री समूह का गठन बताया?
गौरव गोगोई ने बताया कि संसदीय मैत्री समूहों का गठन एक स्थापित प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।
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