गौरव वल्लभ ने 'खेलो इंडिया' का समर्थन किया, 'वंदे मातरम' विवाद पर विपक्ष को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गौरव वल्लभ ने 27 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'खेलो इंडिया' पहल का खुलकर समर्थन किया और साथ ही रक्षाबंधन के अवसर पर जादवपुर विश्वविद्यालय के निकट 'वंदे मातरम' के सभी छह पद गाने की योजना की घोषणा की। उन्होंने राष्ट्रगीत को लेकर विपक्ष पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
खेलो इंडिया डायलॉग: पीएम मोदी का युवाओं से संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से आयोजित 'खेलो इंडिया डायलॉग — खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ' कार्यक्रम में देशभर के युवा एथलीटों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल के सहयोगियों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों और 'माय भारत' के लाखों स्वयंसेवकों को बधाई दी।
मोदी ने कहा, 'आप सभी ने शानदार तरीके से खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया है। इसके लिए सभी को बधाई।' उन्होंने तकनीक के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े सभी प्रतिभागियों की सराहना की।
गौरव वल्लभ का समर्थन: खेल और राष्ट्रीय एकता
BJP नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मुहिम देश के युवाओं को विकसित भारत-2047 के संकल्प से जोड़ने की है। उनके अनुसार, पीएम का मानना है कि 'जो खेलेगा वही खिलेगा।' वल्लभ ने यह भी रेखांकित किया कि मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए अपने संबोधन में भी खेलों के प्रति व्यापक दृष्टिकोण का उल्लेख किया था।
उन्होंने बताया कि भारत ओलंपिक-2036 की मेजबानी का प्रयास कर रहा है और कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन भारत में होना निर्धारित है। वल्लभ के अनुसार, प्रधानमंत्री का लक्ष्य खेल को राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रतीक के रूप में स्थापित करना है।
राष्ट्रगीत विवाद पर विपक्ष को घेरा
गौरव वल्लभ ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय पशु-पक्षी जैसे प्रतीकों पर 'संकुचित और संकीर्ण राजनीति' नहीं करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई 'वंदे मातरम' के केवल दो पद गाने की बात करता है, तो यह राष्ट्रीय गीत और भारत की गौरवशाली परंपरा का अपमान है।
वल्लभ ने कहा, 'राष्ट्रीय गीत देश की एकता और अखंडता को मजबूत करता है — जो इसकी अवहेलना करता है, वह तुष्टीकरण की राजनीति करता है।' उन्होंने आगे कहा कि देश में राष्ट्रगीत, राष्ट्रीय धरोहर और तिरंगे का सम्मान अनिवार्य है।
जादवपुर में 'वंदे मातरम' के छह पद गाने की घोषणा
BJP नेता ने रक्षाबंधन के अवसर पर जादवपुर विश्वविद्यालय के निकट 'वंदे मातरम' के सभी छह पद गाने का कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रगीत के पदों की संख्या को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। गौरतलब है कि जादवपुर विश्वविद्यालय पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गतिविधियों का एक संवेदनशील केंद्र रहा है।
आगे क्या
BJP का यह कदम पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक संघर्ष को और तेज कर सकता है। 'खेलो इंडिया' पहल के माध्यम से युवाओं को जोड़ने की रणनीति और राष्ट्रगीत विवाद — दोनों मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बने रहने की संभावना है।