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गिरिडीह में ₹50 लाख की नकली विदेशी शराब फैक्ट्री सील, 350 पेटी बरामद

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गिरिडीह में ₹50 लाख की नकली विदेशी शराब फैक्ट्री सील, 350 पेटी बरामद

सारांश

गिरिडीह के घाघरा गांव में छापेमारी ने एक बड़े संगठित नकली शराब नेटवर्क की परतें खोल दीं — ₹50 लाख की बरामदगी, रॉयल स्टैग जैसे ब्रांडों की जालसाजी और 25,000 ढक्कन व होलोग्राम रोल जब्त। यह महज एक फैक्ट्री नहीं, एक औद्योगिक स्तर का फर्जीवाड़ा था।

मुख्य बातें

गिरिडीह के घाघरा गांव में 12 जुलाई को उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में अवैध शराब फैक्ट्री सील की गई।
₹50 लाख मूल्य की 350 पेटी नकली विदेशी शराब बरामद; रॉयल स्टैग , रॉयल चैलेंज और आइकोनिक ब्रांड के नकली लेबल लगे थे।
25,000 ढक्कन , 55 रोल नकली रैपर, 20 रोल होलोग्राम और 4,000 लीटर क्षमता की टंकी समेत भारी मात्रा में उपकरण जब्त।
झारखंड उत्पाद अधिनियम की धारा 47(ए) , 52(डी) और 55 के तहत प्राथमिकी दर्ज।
कार्रवाई का नेतृत्व उत्पाद अधीक्षक शिव कुमार साहू और थाना प्रभारी अमन कुमार ने किया; नेटवर्क के अन्य आरोपियों की तलाश जारी।

झारखंड के गिरिडीह जिले में उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में ₹50 लाख मूल्य की नकली ब्रांडेड विदेशी शराब बनाने वाले एक बड़े संगठित नेटवर्क का 12 जुलाई को भंडाफोड़ हुआ। बेंगाबाद थाना क्षेत्र के घाघरा गांव में संचालित इस अवैध फैक्ट्री को सील कर दिया गया और भारी मात्रा में उपकरण व तैयार माल जब्त किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि बेंगाबाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से विदेशी शराब का निर्माण हो रहा है। इसी सूचना के आधार पर उत्पाद अधीक्षक शिव कुमार साहू के नेतृत्व में उत्पाद विभाग और बेंगाबाद थाना प्रभारी अमन कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल की संयुक्त टीम ने घाघरा गांव की फैक्ट्री पर धावा बोला। अभियान में उत्पाद विभाग के अवर निरीक्षक जानानाथ पाल, रवि रंजन, सहायक अवर निरीक्षक लक्ष्मण महतो और सत्यराज बल सहित अन्य अधिकारी भी शामिल थे।

बरामदगी का ब्यौरा

छापेमारी में 350 पेटी तैयार नकली विदेशी शराब बरामद की गई, जिन पर रॉयल स्टैग, रॉयल चैलेंज और आइकोनिक जैसे लोकप्रिय ब्रांडों के लेबल लगे थे। इसके अलावा 4,000 लीटर क्षमता की पानी की टंकी, 55 रोल नकली रैपर, 25,000 ढक्कन, 20 रोल होलोग्राम, 1,000 कार्टन, 60 खाली बोतलें, एक एसीई मशीन तथा 20 फीट पाइप सहित निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री से स्पष्ट है कि यहाँ संगठित तरीके से औद्योगिक स्तर पर नकली शराब तैयार की जा रही थी।

सरकार और जनस्वास्थ्य पर असर

उत्पाद विभाग के अफसरों ने बताया कि इस अवैध कारोबार से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुँच रहा था। साथ ही, नामी ब्रांडों की आड़ में संभावित रूप से खतरनाक नकली शराब बाजार में बेचकर आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था। विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी या रासायनिक रूप से असुरक्षित शराब के सेवन से गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।

कानूनी कार्रवाई

इस मामले में झारखंड उत्पाद अधिनियम की धारा 47(ए), 52(डी) और 55 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और पूरे नेटवर्क की जाँच जारी है।

आगे की जाँच

अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी का अभियान जारी है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह नकली शराब किन-किन बाजारों में आपूर्ति की जा रही थी और नेटवर्क की जड़ें कहाँ तक फैली हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि झारखंड में फल-फूल रहे संगठित नकली शराब उद्योग की एक कड़ी है — होलोग्राम, रैपर रोल और हजारों ढक्कन की बरामदगी बताती है कि यह नेटवर्क पेशेवर स्तर पर चल रहा था। सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने पर सामग्री की आपूर्ति और तैयार माल की बिक्री बिना स्थानीय मिलीभगत के कैसे संभव थी। जाँच का दायरा केवल फैक्ट्री तक सीमित रखने से असली सरगनाओं तक पहुँचना मुश्किल होगा। जनस्वास्थ्य की दृष्टि से यह और भी गंभीर है — मिलावटी शराब से होने वाली मौतों की घटनाएँ देश में बार-बार सामने आती हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरिडीह में नकली शराब फैक्ट्री पर छापेमारी कब और कहाँ हुई?
यह छापेमारी 12 जुलाई को झारखंड के गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के घाघरा गांव में हुई। उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इस अवैध फैक्ट्री पर धावा बोला।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद किया गया?
350 पेटी तैयार नकली विदेशी शराब के अलावा 4,000 लीटर क्षमता की पानी की टंकी, 55 रोल नकली रैपर, 25,000 ढक्कन , 20 रोल होलोग्राम, 1,000 कार्टन , 60 खाली बोतलें और एक एसीई मशीन जब्त की गई। कुल बरामदगी का अनुमानित मूल्य ₹50 लाख बताया गया है।
किन ब्रांडों के नाम पर नकली शराब बनाई जा रही थी?
फैक्ट्री में रॉयल स्टैग , रॉयल चैलेंज और आइकोनिक जैसे लोकप्रिय विदेशी शराब ब्रांडों के नकली लेबल लगाकर शराब तैयार की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार यह माल बाजार में खपाने की पूरी तैयारी थी।
इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
झारखंड उत्पाद अधिनियम की धारा 47(ए) , 52(डी) और 55 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। नेटवर्क के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
नकली शराब से जनस्वास्थ्य को क्या खतरा है?
अधिकारियों के अनुसार, ब्रांडेड शराब के नाम पर बेची जा रही यह नकली और संभावित रूप से रासायनिक रूप से असुरक्षित शराब उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा थी। मिलावटी शराब के सेवन से अंधापन, अंग विफलता और मृत्यु तक की आशंका रहती है।
राष्ट्र प्रेस
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