राहुल गांधी PM बनाना 'शेखचिल्ली का सपना': BJP सांसद गोपचडे का रेवंत रेड्डी पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अजीत गोपचडे ने 26 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस बयान पर तीखा पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाए जाने की वकालत की थी। गोपचडे ने इस बयान को 'शेखचिल्ली की कहानी' और 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' जैसा करार देते हुए कहा कि ऐसी बात करने से पहले यह देखना ज़रूरी है कि कांग्रेस के पास वास्तव में कितने राज्य और कितने सांसद हैं।
राहुल गांधी पर 'फेक नैरेटिव' का आरोप
गोपचडे ने राहुल गांधी और उनके समर्थकों पर देश में 'फेक नैरेटिव' फैलाने और भ्रम की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे नेताओं को स्वीकार नहीं करेगी, क्योंकि देश को परिपक्व नेतृत्व, अच्छा श्रोता और चिंतनशील व्यक्तित्व की ज़रूरत है।
गौरतलब है कि यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब 30 सितंबर 2026 को इंडिया गठबंधन की एक अहम बैठक प्रस्तावित है। BJP ने पहले से ही इस बैठक को राजनीतिक स्वार्थ की उपज बताया है।
RSS और राजनीति: गोपचडे का स्पष्टीकरण
रेवंत रेड्डी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और राहुल गांधी के बीच राजनीतिक टकराव संबंधी बयान पर गोपचडे ने स्पष्ट किया कि संघ का राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने संघ को देशभक्ति और सेवा से जुड़ा संगठन बताते हुए कहा कि यह संस्था प्राकृतिक आपदाओं में सेवा कार्य करती है और व्यक्ति निर्माण पर केंद्रित है।
गोपचडे ने रेवंत रेड्डी को सलाह दी कि वे संघ को समझने के लिए उसकी शाखा में जाकर स्वयं गतिविधियाँ देखें और अध्ययन करें। उनके अनुसार, संघ को राजनीति से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं है।
मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद और विपक्ष पर निशाना
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPM के एकजुट होने पर गोपचडे ने कहा कि यह महज सत्ता की भूख का प्रदर्शन है। उन्होंने विरोधाभास उजागर करते हुए कहा कि जब लोकसभा चुनावों में BJP की सीटें कम रही थीं, तब यही दल चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार की तारीफ कर रहे थे।
गोपचडे ने एसआईआर (Special Intensive Revision) अभियान को मतदाता सूची की सफाई से जुड़ी ज़रूरी प्रक्रिया बताया और कहा कि इससे कथित फर्जी नामों और गलत तरीके से दर्ज मतदाताओं को हटाने का काम हुआ। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के कार्य की प्रशंसा करते हुए यहाँ तक कह दिया कि उन्हें पद्म पुरस्कार दिया जाना चाहिए।
इंडिया गठबंधन की बैठक पर BJP का रुख
30 सितंबर को प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर गोपचडे ने कहा कि विपक्षी एकता के मुद्दे में कोई दम नहीं है। उन्होंने विपक्ष को संसद में चर्चा का सामना करने की चुनौती देते हुए कहा कि BJP मुकाबले से पीछे हटने वाली पार्टी नहीं है और अगर ज्ञानेश कुमार का मुद्दा संसद में उठाया गया, तो BJP उसका करारा जवाब देगी।
उत्तर प्रदेश: सपा-कांग्रेस गठजोड़ पर कटाक्ष
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के बीच चल रही बातचीत पर गोपचडे ने कहा कि दोनों दल केवल चुनावी स्वार्थ के आधार पर साथ आते हैं और उनके बीच कोई वास्तविक वैचारिक एकता नहीं है। उन्होंने इसे 'नौटंकी' कहते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास की यात्रा जारी है और राज्य की जनता एक बार फिर उन्हें समर्थन देगी। आलोचकों का कहना है कि BJP का यह रुख उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले अपने मतदाताओं को एकजुट करने की रणनीति का हिस्सा है।