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ग्रेटर नोएडा अग्निकांड: पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह अस्पताल पहुंचीं, 2 फायरकर्मियों की मौत, जांच शुरू

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ग्रेटर नोएडा अग्निकांड: पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह अस्पताल पहुंचीं, 2 फायरकर्मियों की मौत, जांच शुरू

सारांश

ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 में एलजीआईएम कंपनी में लगी भीषण आग के दौरान दीवार और बीम गिरने से 5 फायरकर्मी घायल हुए — जिनमें से 2 की मौत हो गई। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अस्पताल पहुंचकर परिजनों को जांच और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 स्थित एलजीआईएम कंपनी में 4 अगस्त की रात करीब 3 बजे भीषण आग लगी।
आग बुझाने के दौरान दीवार और लोहे का बीम गिरने से 5 फायरकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए।
फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अस्पताल पहुंचकर निष्पक्ष जांच और सुरक्षा उल्लंघन पर एफआईआर का आश्वासन दिया।
कंपनी परिसर सील ; फोरेंसिक टीम और पीडब्ल्यूडी भवन की संरचनात्मक स्थिति की जांच कर रहे हैं।

गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह मंगलवार को उस निजी अस्पताल पहुंचीं जहाँ ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र स्थित एलजीआईएम कंपनी में लगी भीषण आग के दौरान घायल हुए फायर सेवा के कर्मियों का उपचार चल रहा है। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और परिजनों को हरसंभव सहायता तथा निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इस हादसे में फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई।

हादसे का घटनाक्रम

सोमवार, 4 अगस्त की देर रात करीब तीन बजे ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र स्थित एलजीआईएम कंपनी — जहाँ इलेक्ट्रॉनिक पीसीबी चिप का निर्माण होता है — में अचानक भीषण आग भड़क उठी। सूचना मिलते ही फायर सर्विस की कई गाड़ियाँ और पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के अभियान के दौरान कंपनी की एक साइड की दीवार और भारी लोहे का बीम अचानक भरभराकर गिर पड़ा।

इस दुर्घटना की चपेट में आकर मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, फायरमैन मनीष कुमार, मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह, फायरमैन अमित कुमार और फायरमैन रोहित यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ रोहित यादव और तीरथपाल सिंह ने दम तोड़ दिया।

पुलिस कमिश्नर की प्रतिक्रिया

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अस्पताल में मीडिया से कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए इन्क्वायरी बैठा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में कंपनी प्रबंधन या किसी अन्य स्तर पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि भवन की संरचनात्मक स्थिति की जांच के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को पत्र भेजेगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इमारत सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं।

जांच की स्थिति

घटना के बाद प्रशासन ने एलजीआईएम कंपनी परिसर को सुरक्षा की दृष्टि से सील कर दिया है। फोरेंसिक टीम और संबंधित विभाग आग लगने के कारणों के साथ-साथ भवन की संरचनात्मक मजबूती की भी जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में आग की उत्पत्ति और दीवार गिरने की वजह का पता लगाने का प्रयास जारी है।

आम जनता और विभाग पर असर

इस दुखद हादसे ने पूरे फायर विभाग और पुलिस महकमे को गहरे शोक में डाल दिया है। यह घटना उस समय सामने आई है जब औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों की पालना को लेकर सवाल पहले से उठाए जाते रहे हैं। गौरतलब है कि पीसीबी चिप निर्माण जैसे इलेक्ट्रॉनिक संयंत्रों में ज्वलनशील रसायनों की उपस्थिति आग के तेज़ी से फैलने का प्रमुख कारण बन सकती है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने आश्वस्त किया है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाएगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के नतीजे आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तंत्र की विफलता का संकेत है। पुलिस कमिश्नर का पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजने का कदम सही दिशा में है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई कितनी तेज़ और पारदर्शी होती है। औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित संरचनात्मक ऑडिट और अग्नि सुरक्षा अनुपालन की जवाबदेही तय किए बिना ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा एलजीआईएम कंपनी में आग कब और कैसे लगी?
4 अगस्त की देर रात करीब तीन बजे ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र स्थित एलजीआईएम कंपनी में अचानक भीषण आग भड़क उठी। कंपनी में इलेक्ट्रॉनिक पीसीबी चिप का निर्माण होता है और आग के कारणों की फोरेंसिक जांच जारी है।
इस अग्निकांड में कितने फायरकर्मी घायल हुए और कितनों की मौत हुई?
आग बुझाने के दौरान दीवार और लोहे का बीम गिरने से पाँच फायरकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए। इलाज के दौरान फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह की मौत हो गई, जबकि अन्य तीन का उपचार जारी है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अस्पताल में क्या आश्वासन दिया?
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने घायलों के परिजनों को हरसंभव सहायता और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आने पर कंपनी प्रबंधन सहित दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एलजीआईएम कंपनी की जांच में कौन-से विभाग शामिल हैं?
फोरेंसिक टीम आग के कारणों की जांच कर रही है, जबकि गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने भवन की संरचनात्मक स्थिति की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को पत्र भेजा है। कंपनी परिसर को फिलहाल सील कर दिया गया है।
क्या इस हादसे में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी?
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही सामने आने पर कंपनी प्रबंधन या किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। अभी इन्क्वायरी चल रही है और अंतिम निर्णय रिपोर्ट आने के बाद होगा।
राष्ट्र प्रेस
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