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ग्रेटर नोएडा: ILGIM कंपनी में भीषण आग, दीवार गिरने से फायरमैन रोहित यादव व तीरथपाल सिंह की मौत

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ग्रेटर नोएडा: ILGIM कंपनी में भीषण आग, दीवार गिरने से फायरमैन रोहित यादव व तीरथपाल सिंह की मौत

सारांश

ग्रेटर नोएडा की इलेक्ट्रॉनिक चिप कंपनी ILGIM में मध्यरात्रि लगी भीषण आग बुझाते वक्त दीवार और लोहे का बीम ढह गया — दो फायर कर्मी शहीद, तीन घायल। सुरक्षा मानकों पर जाँच जारी।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 क्षेत्र स्थित ILGIM कंपनी में 3-4 अगस्त 2026 की रात करीब 3 बजे भीषण आग लगी।
आग बुझाने के दौरान दीवार और लोहे का बीम गिरने से 5 फायर कर्मी मलबे में दब गए।
फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह की अस्पताल में मौत हो गई।
घायल राजपाल सिंह , मनीष कुमार और अमित कुमार की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस आग के कारणों और कंपनी के सुरक्षा मानकों की जाँच कर रही है; SDRF टीम मौके पर तैनात।

ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्ध नगर स्थित ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र की इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माता कंपनी ILGIM में 3-4 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि करीब तीन बजे भीषण आग भड़क उठी, जिसे काबू करने के दौरान कंपनी की दीवार और लोहे का भारी बीम अचानक ढह गया। इस हादसे में फायर विभाग के पाँच जवान मलबे की चपेट में आ गए, जिनमें से फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

पुलिस और फायर विभाग को 3 अगस्त की रात करीब 3 बजे आग लगने की सूचना मिली। तत्काल फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुँचे। काफी मशक्कत के बाद जवानों ने आग पर काबू पाया, लेकिन ठीक इसी दौरान कंपनी की एक साइड की दीवार और लोहे का भारी बीम अचानक भरभराकर गिर पड़ा। राहत कार्य में जुटे पाँच फायर कर्मी इस मलबे की चपेट में आ गए।

हताहत: कौन-कौन हुए घायल

घायलों में मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, फायरमैन मनीष कुमार, मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह, फायरमैन अमित कुमार और फायरमैन रोहित यादव शामिल थे। सभी को तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने रोहित यादव और तीरथपाल सिंह को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीन घायल कर्मियों की स्थिति चिकित्सकों के अनुसार खतरे से बाहर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है।

जाँच और प्रशासन की प्रतिक्रिया

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों की जाँच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि कंपनी में इलेक्ट्रॉनिक पीसीबी चिप के निर्माण का कार्य होता था। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फायर विभाग के अधिकारी और एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) की टीम मौके पर पहुँचकर राहत एवं जाँच कार्य में जुट गई। प्रशासन ने दोनों शहीद फायर कर्मियों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है।

सुरक्षा मानकों पर सवाल

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है और कंपनी में सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, इसकी भी जाँच की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा के मानकों को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। घटना के संबंध में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

आगे क्या होगा

जाँच एजेंसियाँ आग के स्रोत और संरचनात्मक विफलता के कारणों की पड़ताल कर रही हैं। गौरतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाइयों में ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी के कारण आग की घटनाएँ विशेष रूप से खतरनाक होती हैं। जाँच की रिपोर्ट आने के बाद कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यदि हाँ, तो रात के समय इतनी तेज़ आग और संरचना का इतनी जल्दी ढहना किस चूक की ओर इशारा करता है। गौतमबुद्ध नगर के औद्योगिक क्षेत्रों में यह पहली बड़ी अग्निकांड घटना नहीं है — जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा की ILGIM कंपनी में आग कब और कैसे लगी?
3-4 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि करीब तीन बजे गौतमबुद्ध नगर के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित ILGIM इलेक्ट्रॉनिक चिप कंपनी में भीषण आग लगी। आग के सटीक कारणों की जाँच पुलिस कर रही है।
इस हादसे में कितने फायर कर्मी हताहत हुए?
आग बुझाने के दौरान दीवार और लोहे का बीम गिरने से पाँच फायर कर्मी घायल हुए। इनमें से फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
ILGIM कंपनी में क्या बनता था?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कंपनी में इलेक्ट्रॉनिक पीसीबी चिप का निर्माण होता था। पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है और जाँच जारी है।
हादसे के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फायर विभाग के अधिकारी और SDRF की टीम मौके पर पहुँची। कंपनी में सुरक्षा मानकों के पालन की जाँच की जा रही है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
क्या कंपनी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई होगी?
पुलिस के अनुसार घटनास्थल का निरीक्षण जारी है और हादसे के सभी पहलुओं की जाँच की जाएगी। जाँच रिपोर्ट के आधार पर कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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