NIT राउरकेला की स्वदेशी चिप सेमीकॉन इंडिया 2026 में शामिल, CM माझी बोले — ओडिशा के लिए गर्व का क्षण
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 18 सितंबर 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक सशक्त और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की दिशा में निरंतर अग्रसर है। उन्होंने यह प्रतिक्रिया सेमीकॉन इंडिया 2026 में NIT राउरकेला की स्वदेशी चिप डिज़ाइनों के प्रदर्शन के संदर्भ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी।
माझी का बयान और NIT राउरकेला की उपलब्धि
मुख्यमंत्री माझी ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की उस एक्स-पोस्ट को उद्धृत करते हुए लिखा कि सेमीकॉन में 'मेड-इन-इंडिया' सेमीकंडक्टर चिप्स के बीच NIT राउरकेला की स्वदेशी चिप डिज़ाइनों को देखकर गर्व हो रहा है। उन्होंने इसे 'हर ओडिया के लिए बेहद गर्व का क्षण' बताया और कहा कि यह हमारे संस्थानों की प्रतिभा, इनोवेशन और रिसर्च क्षमताओं का ज़ीवंत प्रमाण है।
माझी ने वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और NIT राउरकेला की पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि ओडिशा के प्रतिभाशाली युवा भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा और तकनीकी आत्मनिर्भरता में अहम योगदान दे रहे हैं। उन्होंने अश्विनी वैष्णव के समर्पित प्रयासों की भी सराहना की।
सेमीकॉन इंडिया 2026 में PM मोदी के संबोधन की मुख्य बातें
गुरुवार को सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद भारत ने वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की मज़बूत वृद्धि दर हासिल की है। उन्होंने कहा कि 'भारत की चिप्स दुनिया भर में जाएंगी', जो देश की चिप इंडस्ट्री की तेज़ रफ्तार को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने पिछले 15 दिनों की प्रमुख घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का ज़िक्र किया, जिसमें एजेंटिक आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, टोकनाइज़ेशन और क्वांटम टेक्नोलॉजी के माध्यम से सभी को वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।
फ्रेट कॉरिडोर और आर्थिक संकेतक
प्रधानमंत्री ने लगभग 3,000 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये कॉरिडोर देश भर में माल की आवाजाही को तेज़ करेंगे, लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाएंगे और मैन्युफैक्चरिंग को नई गति प्रदान करेंगे।
इसके अतिरिक्त, एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा भारत की सॉवरेन रेटिंग में किए गए सुधार का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते वैश्विक भरोसे का संकेत है। गौरतलब है कि यह रेटिंग सुधार ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में अपनी पहचान मज़बूत कर रहा है।
भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षा का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में भू-राजनीतिक पुनर्गठन जारी है और अमेरिका, यूरोप तथा चीन आपूर्ति श्रृंखलाओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश में हैं। भारत का सेमीकॉन इंडिया जैसा आयोजन और NIT जैसे संस्थानों की भागीदारी संकेत देती है कि देश केवल असेंबली हब नहीं, बल्कि डिज़ाइन-स्तरीय प्रतिभा का केंद्र बनने की राह पर है।
आने वाले महीनों में सरकार की सेमीकंडक्टर नीति के तहत नई इकाइयों के लिए प्रोत्साहन पैकेज और शैक्षणिक संस्थानों के साथ अधिक उद्योग-साझेदारी की उम्मीद की जा रही है।