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ग्रेटर नोएडा: सीताराम इंस्टीट्यूट के निर्माणाधीन हॉस्टल में 2 मजदूरों की हत्या, तीसरा फरार

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ग्रेटर नोएडा: सीताराम इंस्टीट्यूट के निर्माणाधीन हॉस्टल में 2 मजदूरों की हत्या, तीसरा फरार

सारांश

ग्रेटर नोएडा के सीताराम इंस्टीट्यूट के निर्माणाधीन हॉस्टल में दो मजदूरों के शव लहूलुहान मिले — धारदार हथियार, संघर्ष के निशान, और एक तीसरा मजदूर लापता। पुलिस फॉरेंसिक जाँच और सीसीटीवी फुटेज के सहारे सच तक पहुँचने की कोशिश में है।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में सीताराम इंस्टीट्यूट के निर्माणाधीन हॉस्टल में 2 मजदूरों के शव बरामद।
हत्या धारदार हथियार से किए जाने की आशंका; कमरे में खून के निशान और संघर्ष के संकेत मिले।
तीनों मजदूर माली का काम करने के लिए दो दिन पहले ही परिसर में आए थे।
घटना के बाद से तीसरा मजदूर लापता, पुलिस उसकी सक्रिय तलाश कर रही है।
फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए; सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।
पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे; जल्द गिरफ्तारी का दावा।

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में स्थित सीताराम इंस्टीट्यूट के निर्माणाधीन हॉस्टल परिसर में 8 मई को दो मजदूरों के शव लहूलुहान अवस्था में बरामद किए गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, हत्या धारदार हथियार से किए जाने की आशंका है और घटनास्थल पर संघर्ष के स्पष्ट संकेत मिले हैं। पुलिस ने मौके को घेराबंदी में लेकर फॉरेंसिक जाँच शुरू कर दी है।

घटना का क्रम

जानकारी के अनुसार, तीन मजदूर हाल ही में माली का काम करने के लिए इस निर्माणाधीन हॉस्टल में आए थे और घटना से करीब दो दिन पहले ही वे परिसर के एक कमरे में रहने लगे थे। शुक्रवार सुबह जब अन्य कर्मचारियों ने कमरे का दरवाज़ा नहीं खुलने पर संदेह जताया और अंदर जाकर देखा, तो दो मजदूरों के शव खून से लथपथ पड़े मिले। इसके तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम की कार्रवाई

नॉलेज पार्क थाना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी में ले लिया। पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुँची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। कमरे के भीतर खून के निशान और संघर्ष के संकेत मिलने की बात सामने आ रही है।

सीसीटीवी फुटेज और तीसरे मजदूर की तलाश

पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि किसी संदिग्ध की पहचान हो सके। गौरतलब है कि घटना के बाद से तीसरे मजदूर का कोई पता नहीं चल पाया है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में मामला आपसी विवाद या पुरानी रंजिश से जुड़ा हो सकता है, हालाँकि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाज़ी होगी।

आम जनता और मजदूरों में दहशत

घटना के बाद निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूरों और आसपास के निवासियों में भय का माहौल है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जाँच कर रही है और तीसरे मजदूर की भूमिका को भी जाँच के दायरे में रखा गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अक्सर बिना किसी आधिकारिक पंजीकरण या निगरानी के काम करते हैं। तीसरे मजदूर का लापता होना जाँच का सबसे अहम सूत्र है, लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि वह संदिग्ध है या स्वयं खतरे में, यह अभी स्पष्ट नहीं। उत्तर प्रदेश में निर्माण स्थलों पर मजदूरों के साथ अपराध की घटनाएँ पहले भी सामने आई हैं, फिर भी श्रमिक सुरक्षा तंत्र कागज़ों पर ही रहा है। बिना त्वरित और पारदर्शी जाँच के, यह मामला भी उन अनसुलझी फाइलों में दब सकता है जो न्याय की माँग करने वाले मजदूर परिवारों को कभी संतोष नहीं देतीं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा हॉस्टल में मजदूरों की हत्या कैसे हुई?
8 मई को ग्रेटर नोएडा के सीताराम इंस्टीट्यूट के निर्माणाधीन हॉस्टल में दो मजदूरों के शव खून से लथपथ अवस्था में एक कमरे में मिले। प्रारंभिक जाँच में धारदार हथियार से हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
तीसरा मजदूर कहाँ है और क्या वह संदिग्ध है?
घटना के बाद से तीसरा मजदूर लापता है और पुलिस उसकी सक्रिय तलाश कर रही है। अधिकारियों ने अभी उसे आधिकारिक रूप से संदिग्ध घोषित नहीं किया है; सभी पहलुओं की जाँच जारी है।
पुलिस इस मामले में क्या कदम उठा रही है?
नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने घटनास्थल को घेराबंदी में लिया, फॉरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटवाए और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
हत्या का कारण क्या बताया जा रहा है?
प्रारंभिक जाँच में पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला आपसी विवाद या पुरानी रंजिश से जुड़ा हो सकता है। हालाँकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाज़ी होगी और जाँच जारी है।
ये मजदूर सीताराम इंस्टीट्यूट में क्यों थे?
तीनों मजदूर माली का काम करने के लिए घटना से करीब दो दिन पहले ही इस निर्माणाधीन हॉस्टल परिसर में आए थे और वहीं एक कमरे में रह रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
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