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अहमदाबाद के ढोलका में सील दुकान की दीवार तोड़ ₹11.23 लाख के पटाखे चुराए, आरोपी गिरफ्तार

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अहमदाबाद के ढोलका में सील दुकान की दीवार तोड़ ₹11.23 लाख के पटाखे चुराए, आरोपी गिरफ्तार

सारांश

दिवाली से पहले अहमदाबाद के ढोलका में एक शातिर आरोपी ने बगल की दुकान किराए पर लेकर सीलबंद परिसर की दीवार तोड़ी और ₹11.23 लाख के 387 डिब्बे पटाखे चुरा लिए — लेकिन पुलिस ने कुछ ही घंटों में उसे दबोच लिया।

मुख्य बातें

पंकजभाई राणा (32 वर्ष) ने ढोलका, अहमदाबाद में सीलबंद दुकान की दीवार तोड़कर ₹11,23,210 मूल्य के पटाखे चुराए।
चोरी में 387 डिब्बे पटाखे शामिल, जो विभिन्न कंपनियों की अलग-अलग किस्में थीं।
आरोपी ने बगल की दुकान किराए पर लेकर हथौड़े से साझा दीवार में सुराख बनाया।
ढोलका टाउन पुलिस ने सूचना मिलने के कुछ घंटों के भीतर राणा को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी पर बीएनएस धारा 305(ए), 331(3), 331(4) के तहत नई एफआईआर दर्ज; आगे की कार्रवाई जारी।
यह गिरफ्तारी दिवाली से पहले संपत्ति अपराधों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्देशित विशेष अभियान के तहत हुई।

अहमदाबाद के ढोलका में पंकजभाई राणा (उम्र 32 वर्ष) ने कथित तौर पर एक सीलबंद दुकान की साझा दीवार में हथौड़े से छेद कर ₹11,23,210 मूल्य के पटाखे चुरा लिए। ढोलका टाउन पुलिस ने सूचना मिलते ही कुछ घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

घटनाक्रम कैसे हुआ

पुलिस के अनुसार, राणा ने ढोलका के श्री राम मार्केट में स्थित एक सीलबंद दुकान के बगल की दुकान किराए पर ली थी। कथित तौर पर उसने दोनों दुकानों को अलग करने वाली साझा दीवार में हथौड़े से सुराख बनाया और सील परिसर में घुसकर 387 डिब्बे पटाखे चुरा लिए।

चोरी हुए स्टॉक में विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित अलग-अलग किस्में शामिल थीं, जिनकी कुल कीमत ₹11,23,210 बताई गई है।

पुलिस को कैसे मिली सूचना

यह चोरी तब उजागर हुई जब हेड कांस्टेबल हसमुखभाई हेमूभाई को सिंधी गेट पुलिस चौकी पर मौजूद रहते हुए घटना की विशिष्ट सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल राणा से पूछताछ की, जिसने कथित तौर पर अपराध स्वीकार कर लिया।

कानूनी कार्रवाई

गौरतलब है कि वह दुकान पहले से ही भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 125 और 288 तथा विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 9बी(1-बी) और 12 के तहत दर्ज एक मामले में ढोलका टाउन पुलिस स्टेशन द्वारा सील की गई थी और उसका स्टॉक जब्त किया जा चुका था।

राणा के विरुद्ध अब चोरी और सेंधमारी से संबंधित बीएनएस की धारा 305(ए), 331(3) और 331(4) के तहत एक नई एफआईआर दर्ज की गई है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

दिवाली से पहले विशेष अभियान

पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई दिवाली से पहले संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्देशित विशेष अभियान का हिस्सा है। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीमों को निवारक जाँच मजबूत करने, चोरी की संपत्ति के बारे में सूचनाएँ जुटाने और रणनीतिक स्थानों पर वाहन जाँच एवं नाकाबंदी करने के निर्देश दिए थे।

इस त्वरित गिरफ्तारी से संकेत मिलता है कि आगामी त्योहारी सीज़न में पुलिस की सतर्कता बढ़ी हुई है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पहले से सील पड़े विस्फोटक स्टॉक की सुरक्षा में प्रशासनिक चूक का भी संकेत है — दुकान पहले से विस्फोटक अधिनियम के तहत जब्त थी, फिर भी उसकी भौतिक निगरानी इतनी कमज़ोर रही कि आरोपी हथौड़े से दीवार तोड़ कर अंदर घुस गया। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि जब्त और सील परिसरों की सुरक्षा के लिए कोई भौतिक गार्डिंग व्यवस्था क्यों नहीं थी। दिवाली जैसे त्योहार के आसपास अवैध पटाखा भंडार की सुरक्षा में यह खामी एक बड़े हादसे को आमंत्रण दे सकती थी।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद के ढोलका में पटाखे चोरी की घटना क्या है?
32 वर्षीय पंकजभाई राणा ने ढोलका के श्री राम मार्केट में एक सीलबंद दुकान की साझा दीवार में हथौड़े से छेद कर ₹11,23,210 मूल्य के 387 डिब्बे पटाखे चुराए। ढोलका टाउन पुलिस ने कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी पंकजभाई राणा के खिलाफ कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
राणा पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 305(ए), 331(3) और 331(4) के तहत चोरी और सेंधमारी की नई एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा वह दुकान पहले से विस्फोटक अधिनियम, 1884 और बीएनएस की अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामले में सील थी।
चोरी की दुकान पहले से सील क्यों थी?
वह दुकान भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 125 और 288 तथा विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 9बी(1-बी) और 12 के तहत दर्ज एक पूर्व मामले में ढोलका टाउन पुलिस स्टेशन द्वारा सील की गई थी और उसका स्टॉक जब्त किया गया था।
पुलिस को इस चोरी की जानकारी कैसे मिली?
हेड कांस्टेबल हसमुखभाई हेमूभाई को सिंधी गेट पुलिस चौकी पर तैनाती के दौरान घटना की विशिष्ट सूचना मिली। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने राणा से पूछताछ की, जिसने कथित तौर पर अपराध स्वीकार कर लिया।
क्या यह गिरफ्तारी किसी विशेष अभियान का हिस्सा है?
हाँ, पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई दिवाली से पहले संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्देशित विशेष अभियान के तहत हुई है, जिसमें निवारक जाँच, सूचना संग्रह और रणनीतिक नाकाबंदी शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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