4 नवंबर 2026
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कैबिनेट ने 'विस्तार' योजना को दी मंजूरी: ₹4,371 करोड़ से बदलेगी भारत की सांख्यिकीय प्रणाली

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कैबिनेट ने 'विस्तार' योजना को दी मंजूरी: ₹4,371 करोड़ से बदलेगी भारत की सांख्यिकीय प्रणाली

सारांश

केंद्रीय कैबिनेट ने ₹4,371 करोड़ की 'विस्तार' योजना को हरी झंडी दी — यह 2026 से 2031 तक चलेगी और एआई तथा तकनीक के ज़रिये भारत की पूरी सांख्यिकीय प्रणाली को वास्तविक समय में काम करने लायक बनाएगी। बेहतर डेटा, बेहतर नीतियाँ — यही है इस बड़े फैसले की धुरी।

मुख्य बातें

केंद्रीय कैबिनेट ने 4 नवंबर 2026 को 'विस्तार' योजना को मंजूरी दी।
कुल बजट ₹4,371.10 करोड़ ; अवधि वित्त वर्ष 2026 27 से 2030 31 तक।
योजना के तीन घटक: व्यापक सांख्यिकीय कार्य , SSS और आर्थिक जनगणना ।
MoSPI की सभी सांख्यिकीय एवं डेटा प्रबंधन गतिविधियाँ इसमें एकीकृत होंगी।
PM मोदी ने एक्स पर कहा — 'बेहतर डेटा का मतलब है बेहतर फैसले और बेहतर सेवाएँ।' योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों के अनुरूप एआई तैयार डेटासेट विकसित करेगी।

केंद्रीय कैबिनेट ने 4 नवंबर 2026 को 'विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च (विस्तार)' योजना को औपचारिक मंजूरी दे दी, जिसके तहत ₹4,371.10 करोड़ की लागत से देश की आधिकारिक सांख्यिकीय प्रणाली को आमूल रूप से बदला जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह योजना बेहतर डेटा के माध्यम से नीति निर्माण को अधिक सटीक और समयोचित बनाएगी।

विस्तार योजना क्या है

विस्तार योजना वित्त वर्ष 2026 27 से वित्त वर्ष 2030 31 तक संचालित होगी और इसे सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अंतर्गत लागू किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य एक गतिशील, वास्तविक समय और भविष्य के लिए तैयार आधिकारिक सांख्यिकीय ढाँचा स्थापित करना है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों के अनुरूप, यह योजना डेटा की समयबद्धता, सटीकता और एआई तैयार डेटासेट के माध्यम से अंतरसंचालनीयता को बढ़ाने पर केंद्रित है।

प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, "बेहतर डेटा का मतलब है बेहतर फैसले, बेहतर नीतियाँ और लोगों तक बेहतर सेवाएँ पहुँचाना।" उन्होंने यह भी कहा कि योजना की विशेषताओं में तकनीक और एआई का उपयोग, सूक्ष्म स्तर पर ध्यान और आधुनिक एकीकृत सांख्यिकीय प्रणालियों का निर्माण शामिल है। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब किसी स्टैटिस्टिकल सुधार पहल को इस स्तर के बजट आवंटन के साथ कैबिनेट स्तर की मंजूरी मिली है।

योजना के तीन प्रमुख घटक

कैबिनेट के अनुसार, विस्तार योजना के तीन मुख्य स्तंभ हैं। पहला, व्यापक सांख्यिकीय कार्य एवं इकोसिस्टम सुदृढ़ीकरण — जिसमें बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण, पद्धतिगत अनुसंधान और डिजिटल परिवर्तन शामिल हैं। दूसरा, सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण के लिए समर्थन (SSS) — जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की डेटा क्षमता बढ़ाएगा। तीसरा, आर्थिक जनगणना (Economic Census) — जो देश के उद्यमों और रोज़गार का विस्तृत चित्र प्रस्तुत करेगी।

आम जनता पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि सटीक और समय पर उपलब्ध डेटा से स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और रोज़गार जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार की कई कल्याण योजनाओं में लाभार्थी पहचान और वितरण की सटीकता पर सवाल उठते रहे हैं। योजना में तात्कालिक नीतिगत जरूरतों के आधार पर संसाधनों का लचीला आवंटन भी सुनिश्चित किया गया है।

आगे की राह

MoSPI इस योजना के तहत राष्ट्रीय डेटा गवर्नेंस के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण अपनाएगा और सभी सांख्यिकीय एवं डेटा प्रबंधन गतिविधियों को एकीकृत करेगा। आने वाले महीनों में योजना के क्रियान्वयन का रोडमैप जारी होने की उम्मीद है, जो भारत की आधिकारिक सांख्यिकी को वैश्विक मानकों के करीब लाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रोज़गार डेटा की देरी और NSSO सर्वेक्षणों में अंतराल इसके उदाहरण हैं। ₹4,371 करोड़ का यह निवेश महत्वाकांक्षी है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या 'वास्तविक समय डेटा' का दावा महज तकनीकी उन्नयन तक सीमित रहेगा या नीति निर्माण में वास्तविक पारदर्शिता भी आएगी। गौरतलब है कि आर्थिक जनगणना का पिछला चक्र वर्षों पीछे खिसकता रहा — इस बार समयबद्ध क्रियान्वयन ही योजना की साख तय करेगा।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विस्तार योजना क्या है?
'विस्तार' यानी 'विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च' — यह केंद्रीय कैबिनेट द्वारा 4 नवंबर 2026 को मंजूर की गई ₹4,371.10 करोड़ की योजना है। इसका उद्देश्य एआई और तकनीक के ज़रिये भारत की सांख्यिकीय प्रणाली को आधुनिक, वास्तविक समय और एकीकृत बनाना है।
विस्तार योजना कब से लागू होगी और कितने समय तक चलेगी?
यह योजना वित्त वर्ष 2026 27 से शुरू होकर वित्त वर्ष 2030 31 तक, यानी पाँच वर्षों तक संचालित रहेगी। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) पर है।
विस्तार योजना के तीन घटक कौन से हैं?
योजना के तीन प्रमुख घटक हैं: पहला, व्यापक सांख्यिकीय कार्य एवं इकोसिस्टम सुदृढ़ीकरण; दूसरा, सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण के लिए समर्थन (SSS); और तीसरा, आर्थिक जनगणना (Economic Census)। तीनों मिलकर डेटा संग्रह, विश्लेषण और गवर्नेंस की पूरी शृंखला को कवर करते हैं।
इस योजना से आम नागरिकों को क्या फायदा होगा?
सटीक और समय पर उपलब्ध डेटा से सरकारी योजनाओं का लाभार्थी निर्धारण और वितरण अधिक प्रभावी होगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और रोज़गार से जुड़ी नीतियाँ बेहतर तथ्यात्मक आधार पर बनेंगी, जिससे अंततः आम जनता तक सेवाएँ अधिक सटीकता से पहुँचेंगी।
PM मोदी ने विस्तार योजना पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि 'बेहतर डेटा का मतलब है बेहतर फैसले, बेहतर नीतियाँ और लोगों तक बेहतर सेवाएँ पहुँचाना।' उन्होंने योजना की विशेषताओं में एआई का उपयोग, सूक्ष्म स्तर पर फोकस और आधुनिक एकीकृत सांख्यिकीय प्रणालियों के निर्माण को रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
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