हजारीबाग: नौकरी के वादे से धोखा, चंद्रगुप्त कोल परियोजना में टावर पर चढ़ा विस्थापित युवक
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की चंद्रगुप्त ओपन कास्ट कोल परियोजना में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक विस्थापित युवक नौकरी का वादा पूरा न होने से आक्रोशित होकर परिसर में लगे एक ऊँचे टावर पर चढ़ गया और कूदकर जान देने की धमकी देने लगा। युवक की पहचान पचड़ा गाँव निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है, जो परियोजना से विस्थापित क्षेत्र का रहने वाला है।
घटना का विवरण
राहुल कुमार का आरोप है कि परियोजना के माइन डेवलपर कम ऑपरेटर (MDO) सुशी इन्फ्रा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने उन्हें रोजगार देने का आश्वासन दिया था। उनके अनुसार, उन्होंने करीब छह महीने पहले कंपनी की ट्रायल परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली थी, फिर भी उन्हें काम नहीं मिला।
राहुल ने विशेष रूप से कंपनी के महाप्रबंधक आरएस यादव पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यादव ने रोजगार देने का भरोसा दिलाया था, लेकिन इसके बाद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने और हर बार खाली हाथ लौटने से व्यथित होकर राहुल ने यह कदम उठाया।
हाथ से लिखे पत्र में लगाए गंभीर आरोप
टावर पर चढ़ने के साथ ही राहुल ने एक हाथ से लिखा पत्र भी सामने रखा, जिसमें महाप्रबंधक पर वादाखिलाफी का विस्तृत विवरण दर्ज है। इस पत्र के माध्यम से राहुल ने अपनी पीड़ा और लंबे संघर्ष को सार्वजनिक करने की कोशिश की।
गौरतलब है कि विस्थापित परिवारों को खनन परियोजनाओं में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने का प्रावधान सामान्यतः भूमि अधिग्रहण की शर्तों में शामिल होता है। ऐसे में यदि ट्रायल पास करने के बावजूद नौकरी न मिले, तो यह विस्थापितों के लिए दोहरा धक्का माना जाता है।
सीसीएल प्रबंधन और स्थानीय ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलने पर जब CCL प्रबंधन से संपर्क किया गया, तो अधिकारियों ने इसे MDO कंपनी से संबंधित मामला बताते हुए कहा कि इस विवाद का निपटारा MDO के स्तर पर होना चाहिए। प्रबंधन के इस रुख पर स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का तर्क है कि परियोजना की निगरानी करने वाली प्रमुख एजेंसी होने के नाते CCL इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में खनन-प्रभावित क्षेत्रों में विस्थापितों के रोजगार के मुद्दे पर तनाव पहले से ही बना हुआ है।
प्रशासन का हस्तक्षेप और स्थिति सामान्य
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुँच गई। अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने राहुल कुमार को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी मान-मनौवल के बाद राहुल टावर से सुरक्षित नीचे उतरा और स्थिति नियंत्रण में आई।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जाँच करने और रोजगार के वादे से जुड़े विवाद का स्थायी समाधान निकालने की माँग की है। आगे की कार्रवाई और जाँच के परिणाम पर सभी की नजरें टिकी हैं।