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हजारीबाग: भ्रष्टाचार से तंग युवक 80 फीट मोबाइल टावर पर चढ़ा, कटकमदाग में सड़क जाम

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हजारीबाग: भ्रष्टाचार से तंग युवक 80 फीट मोबाइल टावर पर चढ़ा, कटकमदाग में सड़क जाम

सारांश

14 साल से जमीन जोतने के बावजूद दाखिल-खारिज किसी और के नाम — इस कथित अन्याय के विरोध में हजारीबाग के विकास कुमार 80 फीट ऊँचे मोबाइल टावर पर चढ़ गए। ग्रामीणों का सड़क जाम और प्रशासन की हड़बड़ाहट बताती है कि झारखंड में भूमि अभिलेखों की खामियाँ अभी भी जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं।

मुख्य बातें

विकास कुमार , कटकमदाग निवासी, 5 जून 2026 को 80 फीट ऊँचे मोबाइल टावर पर चढ़े।
आरोप है कि 14 वर्षों से जोती जा रही 5 एकड़ जमीन का दाखिल-खारिज किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया।
6 महीनों से अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने सड़क जाम कर अंचलाधिकारी के विरुद्ध नारेबाजी की और जाँच की माँग की।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे; युवक को नीचे उतारने के प्रयास जारी रहे।

झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग अंचल कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार और जमीन के दाखिल-खारिज में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए 5 जून 2026 को एक युवक 80 फीट ऊँचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक के समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और सड़क जाम कर प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की।

कौन है युवक और क्या है आरोप

टावर पर चढ़े युवक की पहचान कटकमदाग निवासी विकास कुमार के रूप में हुई है। उनका आरोप है कि वे पिछले करीब 14 वर्षों से पाँच एकड़ जमीन पर खेती करते आ रहे हैं, लेकिन उस भूमि का दाखिल-खारिज किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया।

विकास कुमार का कहना है कि न्याय के लिए वे कई बार अंचल कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन पिछले छह महीनों से उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। टावर पर चढ़कर उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी जमीन के मामले में उचित जाँच और कार्रवाई नहीं होती, वे नीचे नहीं उतरेंगे।

मौके पर हड़कंप, सुरक्षा कड़ी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने विकास कुमार को समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास किया। टावर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए।

ग्रामीणों का विरोध, यातायात प्रभावित

युवक के समर्थन में उतरे स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर अंचलाधिकारी के विरुद्ध नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने भूमि मामलों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र जाँच की माँग की। प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में यातायात भी बाधित रहा।

क्या होगा आगे

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड में भूमि अभिलेखों की डिजिटलीकरण प्रक्रिया जारी है, फिर भी दाखिल-खारिज संबंधी शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। प्रशासन पर दबाव है कि वह विकास कुमार के मामले में पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करे और अंचल कार्यालय में कथित अनियमितताओं का निपटारा करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह अंचल स्तर पर जवाबदेही के पूरी तरह टूटे होने का संकेत है। असली सवाल यह है कि प्रशासन युवक को नीचे उतारने के बाद मामले को शांत करेगा या कथित अनियमितताओं की पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करेगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजारीबाग मोबाइल टावर पर कौन चढ़ा और क्यों?
कटकमदाग निवासी विकास कुमार 5 जून 2026 को 80 फीट ऊँचे मोबाइल टावर पर चढ़े। उनका आरोप है कि 14 वर्षों से जोती जा रही 5 एकड़ जमीन का दाखिल-खारिज किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया और 6 महीने से अंचल कार्यालय में शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
कटकमदाग अंचल कार्यालय पर क्या आरोप हैं?
विकास कुमार ने आरोप लगाया है कि अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार है और भूमि के दाखिल-खारिज में गड़बड़ी की गई है। ग्रामीणों ने भी भूमि मामलों में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जाँच की माँग की है।
घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और विकास कुमार को समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास किया गया। टावर के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई और एहतियाती इंतज़ाम किए गए।
ग्रामीणों ने सड़क जाम क्यों किया?
विकास कुमार के समर्थन में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर अंचलाधिकारी के विरुद्ध नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी भूमि मामलों में कथित भ्रष्टाचार की जाँच और दोषियों पर कार्रवाई की माँग कर रहे थे, जिससे क्षेत्र में यातायात भी बाधित हुआ।
झारखंड में दाखिल-खारिज विवाद कितने आम हैं?
झारखंड में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया जारी है, फिर भी दाखिल-खारिज संबंधी शिकायतें अंचल स्तर पर लगातार सामने आती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अंचल कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी इन विवादों की मुख्य वजह है।
राष्ट्र प्रेस
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