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जेपीएससी आंदोलन के बीच रांची में युवक हाईमास्ट टावर पर चढ़ा, घंटों बाद सुरक्षित उतारा

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जेपीएससी आंदोलन के बीच रांची में युवक हाईमास्ट टावर पर चढ़ा, घंटों बाद सुरक्षित उतारा

सारांश

जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में रांची में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच एक युवक रात डेढ़ बजे हाईमास्ट टावर पर चढ़ गया। पत्नी के छोड़ने और बेरोज़गारी की पीड़ा बताई वजह। घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस और परिजनों ने उसे सुरक्षित उतारा।

मुख्य बातें

लातेहार के बालूमाथ निवासी युवक हीरालाल शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे रांची के स्टेडियम परिसर में हाईमास्ट टावर पर चढ़ गया।
युवक का आरोप था कि नौकरी न मिलने के कारण पत्नी पूनम उसे छोड़कर चली गई; वह पत्नी की वापसी की माँग कर रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के समय युवक के शराब के नशे में होने की आशंका भी जताई गई।
पुलिस द्वारा माता-पिता और परिजनों को बुलाने और घंटों समझाने के बाद रविवार सुबह हीरालाल सुरक्षित नीचे उतरा।
घटना उस समय हुई जब परिसर में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का धरना जारी था।

रांची के स्टेडियम परिसर में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान शनिवार-रविवार की दरमियानी रात उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब लातेहार जिले के बालूमाथ निवासी एक युवक अचानक वहाँ लगे हाईमास्ट टावर पर चढ़ गया। पुलिस और परिजनों की कई घंटे की कोशिशों के बाद रविवार सुबह उसे सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।

घटनाक्रम: कैसे हुई अफरातफरी

युवक की पहचान हीरालाल के रूप में हुई है, जो लातेहार जिले के बालूमाथ का रहने वाला है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह रात करीब डेढ़ बजे स्टेडियम परिसर में लगे हाईमास्ट टावर पर चढ़ गया और ऊपर से जोर-जोर से चिल्लाने लगा। इससे आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्र, पुलिसकर्मी और अन्य लोग तत्काल टावर के नीचे एकत्र हो गए।

पारिवारिक विवाद बना कारण

बताया जा रहा है कि हीरालाल का अपनी पत्नी पूनम के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। युवक का आरोप था कि नौकरी न मिलने के कारण उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई है। वह टावर पर चढ़कर पत्नी को वापस लाने की माँग कर रहा था और ऐसा न होने पर कूदकर जान देने की धमकी दे रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय युवक के शराब के नशे में होने की भी आशंका जताई गई।

पुलिस और परिजनों की मशक्कत

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने हीरालाल के माता-पिता और अन्य परिजनों को मौके पर बुलाया। परिजनों ने युवक को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह काफी देर तक तैयार नहीं हुआ। पुलिस अधिकारियों और परिजनों के लगातार समझाने-बुझाने के बाद अंततः रविवार सुबह वह सुरक्षित नीचे उतर आया।

आंदोलन पर असर

यह घटना ऐसे समय में हुई जब स्टेडियम परिसर में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का धरना जारी था। युवक के टावर पर चढ़ने से कुछ समय के लिए आंदोलन स्थल पर तनाव और भगदड़ जैसा माहौल बन गया, हालाँकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। गौरतलब है कि झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलनरत हैं। इस घटना ने आंदोलन की चर्चा के साथ-साथ बेरोज़गारी से जुड़ी मानसिक पीड़ा को भी सामने ला दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की मानवीय कीमत को रेखांकित करता है। आंदोलन स्थल पर ऐसी घटनाएँ प्रशासन के लिए चेतावनी हैं कि परीक्षा-सुधार की माँग केवल छात्रों की राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन-यापन और सम्मान का प्रश्न बन चुकी है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में हाईमास्ट टावर पर कौन चढ़ा और क्यों?
लातेहार जिले के बालूमाथ निवासी युवक हीरालाल जेपीएससी छात्र आंदोलन के दौरान रांची के स्टेडियम परिसर में हाईमास्ट टावर पर चढ़ गया। उसका कहना था कि नौकरी न मिलने के कारण उसकी पत्नी पूनम उसे छोड़कर चली गई है और वह उसकी वापसी की माँग कर रहा था।
युवक को टावर से कैसे उतारा गया?
पुलिस ने हीरालाल के माता-पिता और परिजनों को मौके पर बुलाया। घंटों की समझाइश के बाद रविवार सुबह वह सुरक्षित नीचे उतरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के समय उसके शराब के नशे में होने की भी आशंका जताई गई।
जेपीएससी-जेएसएससी छात्र आंदोलन किस बात के खिलाफ है?
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों के विरोध में छात्र रांची के स्टेडियम परिसर में धरना दे रहे हैं। यह आंदोलन लंबे समय से जारी है और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की माँग इसका केंद्र है।
क्या टावर पर चढ़ने की घटना का आंदोलन से सीधा संबंध था?
नहीं, हीरालाल का टावर पर चढ़ना पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया गया है, न कि सीधे छात्र आंदोलन से। हालाँकि घटना आंदोलन स्थल पर ही हुई, जिससे कुछ समय के लिए वहाँ तनाव और अफरातफरी का माहौल बन गया।
इस घटना का आंदोलन पर क्या असर पड़ा?
युवक के टावर पर चढ़ने से कुछ समय के लिए आंदोलन स्थल पर भगदड़ जैसा माहौल बन गया और छात्र, पुलिस व अन्य लोग टावर के नीचे एकत्र हो गए। बाद में स्थिति सामान्य हो गई और धरना जारी रहा।
राष्ट्र प्रेस
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