JPSC-JSSC भर्ती घोटाले के खिलाफ रांची में हजारों छात्रों की 'संविधान यात्रा', जंतर-मंतर जैसे स्थायी धरने की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में बुधवार, 29 जुलाई को राजधानी रांची में हजारों अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाली गई 'संविधान यात्रा' में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो स्टेडियम परिसर को दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर स्थायी आंदोलन स्थल बनाया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
शाम करीब चार बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुई संविधान यात्रा के दौरान तेज बारिश ने मार्च को कुछ देर के लिए रोक दिया, लेकिन बारिश थमते ही अभ्यर्थी फिर एकजुट होकर आगे बढ़ गए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर, बैनर और तख्तियाँ थीं, जिन पर 'जेपीएससी छात्रों के साथ खिलवाड़ बंद करो', 'उत्पाद सिपाही भर्ती में सेटिंग-गेटिंग बंद करो', 'जेपीएससी सीट का दाम बताओ, हम पैसा जुटा रहे हैं', 'हेमंत सोरेन इस्तीफा दो' और 'जेपीएससी-जेएसएससी पर जवाबदेही तय करो' जैसे नारे लिखे थे।
प्रशासन की तैयारी और यातायात पर असर
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक व्यापक पुलिस बल तैनात किया। संविधान यात्रा के कारण राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित रहा — कचहरी चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। मेन रोड, रेडियम रोड और लालपुर रोड पर भी जाम की स्थिति बनी रही।
अभ्यर्थियों की मांगें
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होने और उनकी लंबित मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अभ्यर्थियों के अनुसार सैकड़ों छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए तैयार हैं और आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की योजना है।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पहले से ही कई मोर्चों पर विपक्षी दबाव झेल रही है। गौरतलब है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप नए नहीं हैं — पिछले कुछ वर्षों में भी इन आयोगों पर अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि सरकार ने अब तक इन मामलों में पर्याप्त जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की है।
क्या होगा आगे
देर शाम तक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी रहा। यदि सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होती, तो जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में स्थायी धरने की शुरुआत हो सकती है। आंदोलन की अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।