29 जुलाई 2026
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JPSC-JSSC भर्ती घोटाले के खिलाफ रांची में हजारों छात्रों की 'संविधान यात्रा', जंतर-मंतर जैसे स्थायी धरने की चेतावनी

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JPSC-JSSC भर्ती घोटाले के खिलाफ रांची में हजारों छात्रों की 'संविधान यात्रा', जंतर-मंतर जैसे स्थायी धरने की चेतावनी

सारांश

JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धाँधली से नाराज हजारों अभ्यर्थी 29 जुलाई को रांची की सड़कों पर उतरे। 'संविधान यात्रा' के साथ उन्होंने जंतर-मंतर जैसे स्थायी धरने की चेतावनी दी — झारखंड में छात्र आंदोलन की नई आँधी।

मुख्य बातें

29 जुलाई को रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हजारों अभ्यर्थियों ने 'संविधान यात्रा' निकाली।
यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक गई; शाम करीब चार बजे मार्च शुरू हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे और JPSC-JSSC पर जवाबदेही तय करने की माँग की।
सरकार की ओर से सकारात्मक पहल न होने पर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम को दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर स्थायी आंदोलन स्थल बनाने की चेतावनी।
मेन रोड , रेडियम रोड और लालपुर रोड समेत रांची के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित रहा।

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में बुधवार, 29 जुलाई को राजधानी रांची में हजारों अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाली गई 'संविधान यात्रा' में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो स्टेडियम परिसर को दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर स्थायी आंदोलन स्थल बनाया जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

शाम करीब चार बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुई संविधान यात्रा के दौरान तेज बारिश ने मार्च को कुछ देर के लिए रोक दिया, लेकिन बारिश थमते ही अभ्यर्थी फिर एकजुट होकर आगे बढ़ गए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर, बैनर और तख्तियाँ थीं, जिन पर 'जेपीएससी छात्रों के साथ खिलवाड़ बंद करो', 'उत्पाद सिपाही भर्ती में सेटिंग-गेटिंग बंद करो', 'जेपीएससी सीट का दाम बताओ, हम पैसा जुटा रहे हैं', 'हेमंत सोरेन इस्तीफा दो' और 'जेपीएससी-जेएसएससी पर जवाबदेही तय करो' जैसे नारे लिखे थे।

प्रशासन की तैयारी और यातायात पर असर

प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक व्यापक पुलिस बल तैनात किया। संविधान यात्रा के कारण राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित रहा — कचहरी चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। मेन रोड, रेडियम रोड और लालपुर रोड पर भी जाम की स्थिति बनी रही।

अभ्यर्थियों की मांगें

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होने और उनकी लंबित मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अभ्यर्थियों के अनुसार सैकड़ों छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए तैयार हैं और आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की योजना है।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पहले से ही कई मोर्चों पर विपक्षी दबाव झेल रही है। गौरतलब है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप नए नहीं हैं — पिछले कुछ वर्षों में भी इन आयोगों पर अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि सरकार ने अब तक इन मामलों में पर्याप्त जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की है।

क्या होगा आगे

देर शाम तक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी रहा। यदि सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होती, तो जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में स्थायी धरने की शुरुआत हो सकती है। आंदोलन की अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत विफलता की स्वीकृति है। असली सवाल यह है कि हेमंत सोरेन सरकार इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच करवाने की इच्छाशक्ति दिखाएगी या केवल प्रशासनिक आश्वासनों से काम चलाएगी — क्योंकि अतीत में इसी रवैये ने आंदोलन को और धार दी है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में 'संविधान यात्रा' क्यों निकाली गई?
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की माँग को लेकर 29 जुलाई को रांची में हजारों अभ्यर्थियों ने 'संविधान यात्रा' निकाली। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी माँगों पर ध्यान नहीं दिया गया।
अभ्यर्थियों की मुख्य माँगें क्या हैं?
अभ्यर्थी JPSC और JSSC भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जाँच और जवाबदेही तय करने की माँग कर रहे हैं। इसके अलावा कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी माँग की।
स्थायी धरने की चेतावनी का क्या मतलब है?
यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो अभ्यर्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम को दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर स्थायी आंदोलन स्थल बनाने की योजना रखते हैं। सैकड़ों अभ्यर्थी वहाँ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए तैयार बताए जा रहे हैं।
प्रदर्शन का रांची की यातायात पर क्या असर पड़ा?
संविधान यात्रा के कारण कचहरी चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लगीं। मेन रोड, रेडियम रोड और लालपुर रोड पर भी जाम की स्थिति बनी रही।
JPSC और JSSC पर इससे पहले भी आरोप लगे हैं?
हाँ, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) पर पहले भी अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि सरकार ने अब तक इन मामलों में पर्याप्त जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस
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