1 अगस्त 2026
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हजारीबाग में NTPC की कोल माइनिंग साइट पर भीड़ का हमला, BGR इंफ्रा कार्यालय में तोड़फोड़; इलाके में तनाव

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हजारीबाग में NTPC की कोल माइनिंग साइट पर भीड़ का हमला, BGR इंफ्रा कार्यालय में तोड़फोड़; इलाके में तनाव

सारांश

हजारीबाग में NTPC की बादाम कोल परियोजना के साइट कार्यालय पर भीड़ का हमला महज एक रात की घटना नहीं — यह भूमि अधिग्रहण, विस्थापन और पुलिस कार्रवाई से उपजे लंबे असंतोष का विस्फोट है। कोई हताहत नहीं, लेकिन तनाव बरकरार है और जाँच जारी है।

मुख्य बातें

16 जून 2026 को सुबह करीब 5 बजे अज्ञात भीड़ ने हजारीबाग के अंबाजीत स्थित BGR इंफ्रा माइनिंग के साइट कार्यालय पर हमला कर तोड़फोड़ की।
यह कार्यालय NTPC की बादाम कोल खनन परियोजना के लिए संचालित होता है, जहाँ BGR इंफ्रा MDO की भूमिका में है।
हमले में कार्यालय की संपत्ति को भारी नुकसान, लेकिन किसी कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं ।
भूमि अधिग्रहण, विस्थापन, मुआवजे और स्थानीय रोजगार को लेकर ग्रामीणों और कंपनी के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है।
हाल में सैकड़ों ग्रामीणों पर FIR और कुछ की गिरफ्तारी के बाद इलाके में नाराजगी बढ़ी थी।
CCTV फुटेज की जाँच और स्थानीय पूछताछ के जरिए पुलिस हमलावरों की पहचान में जुटी है; अतिरिक्त बल तैनात।

झारखंड के हजारीबाग जिले में 16 जून 2026 की तड़के करीब सुबह 5 बजे बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों की भीड़ ने BGR इंफ्रा माइनिंग के अंबाजीत स्थित साइट कार्यालय पर धावा बोलकर व्यापक तोड़फोड़ की। यह कार्यालय NTPC की बादाम कोल खनन परियोजना के लिए संचालित किया जा रहा है। घटना के बाद से पूरे परियोजना क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मंगलवार की सुबह अचानक बड़ी संख्या में लोग बादाम कोल परियोजना के साइट कार्यालय परिसर में जमा हो गए और देखते ही देखते तोड़फोड़ शुरू कर दी। हमले में कार्यालय के दरवाजे, खिड़कियाँ, फर्नीचर और अन्य संपत्तियाँ क्षतिग्रस्त कर दी गईं। घटना के दौरान परिसर में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में अफरातफरी मच गई और कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। सूचना मिलते ही बड़कागांव थाना की पुलिस मौके पर पहुँची।

हमले में किसी कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है, हालाँकि कार्यालय की संपत्ति और ढाँचे को भारी नुकसान पहुँचा है।

विवाद की पृष्ठभूमि

NTPC की बादाम कोल खनन परियोजना में BGR इंफ्रा माइनिंग माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर (MDO) की भूमिका में काम कर रही है। परियोजना शुरू होने के बाद से ही भूमि अधिग्रहण, विस्थापन, पुनर्वास, मुआवजा और स्थानीय रोजगार जैसे मुद्दों पर ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन के बीच विवाद चला आ रहा है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में यह तनाव और गहरा गया था। कुछ दिन पहले परियोजना प्रभावित ग्रामीणों ने कंपनी के अधिकारियों को घेर लिया था, जिसके बाद पुलिस हस्तक्षेप से अधिकारियों को सुरक्षित निकाला गया था। इस घटना पर कंपनी की शिकायत के आधार पर सैकड़ों ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी और कुछ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बताया जा रहा है कि इसी कार्रवाई के विरोध में इलाके में नाराजगी बढ़ रही थी, जो मंगलवार के हमले की तात्कालिक वजह बनी।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक सिंह ने बताया कि अज्ञात लोगों की भीड़ ने कार्यालय में तोड़फोड़ की है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर हमलावरों की पहचान की कोशिश की जा रही है। स्थानीय SDPO समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँचे और स्थिति की समीक्षा की।

पुलिस के अनुसार, मामले की जाँच में परियोजना-विरोध, हालिया पुलिस कार्रवाई और अन्य संभावित कारणों को भी दायरे में रखा गया है। पुलिस ने दावा किया है कि हमले में शामिल लोगों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आम जनता और परियोजना क्षेत्र पर असर

घटना के बाद परियोजना क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब झारखंड के कई खनन क्षेत्रों में विस्थापन और मुआवजे को लेकर ग्रामीण असंतोष लंबे समय से सुलग रहा है। गौरतलब है कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद और स्थानीय रोजगार की माँग राज्य के खनन क्षेत्रों में एक बार-बार उभरने वाला संघर्ष बन चुका है।

आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और प्रशासन के रुख से यह तय होगा कि क्या यह तनाव और बढ़ता है या बातचीत से रास्ता निकलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की शिकायतें अनसुनी रहती हैं, तो तनाव विस्फोट में बदलता है। प्रशासन की प्राथमिकता अभी कानून-व्यवस्था है, लेकिन जब तक मूल विवाद — रोजगार, पुनर्वास, मुआवजा — का ठोस समाधान नहीं होता, यह चक्र दोहराता रहेगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजारीबाग में BGR इंफ्रा माइनिंग के कार्यालय पर हमला क्यों हुआ?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण, विस्थापन, मुआवजे और स्थानीय रोजगार को लेकर ग्रामीणों और कंपनी के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। हाल ही में सैकड़ों ग्रामीणों पर FIR दर्ज होने और कुछ की गिरफ्तारी के बाद इलाके में नाराजगी और बढ़ गई थी, जो इस हमले की तात्कालिक वजह बताई जा रही है।
NTPC की बादाम कोल परियोजना क्या है और BGR इंफ्रा की क्या भूमिका है?
बादाम कोल खनन परियोजना झारखंड के हजारीबाग जिले में स्थित NTPC की कोयला खनन परियोजना है। BGR इंफ्रा माइनिंग इस परियोजना में माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर (MDO) की भूमिका निभाती है और अंबाजीत में उसका साइट कार्यालय संचालित होता है।
हमले में कोई हताहत हुआ क्या?
अधिकारियों के अनुसार, हमले में किसी कर्मचारी या अधिकारी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालाँकि कार्यालय की संपत्ति — दरवाजे, खिड़कियाँ, फर्नीचर — को भारी नुकसान पहुँचा है।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक सिंह के अनुसार, पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर हमलावरों की पहचान की कोशिश की जा रही है। SDPO समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे हैं और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस घटना के बाद इलाके में क्या स्थिति है?
घटना के बाद परियोजना क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने कहा है कि हमले में शामिल लोगों की पहचान होते ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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