31 जुलाई 2026
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मैट्रिमोनियल साइट पर हिंदू विधुर बनकर विधवाओं से ठगी, अहमदाबाद में करीम सिपाई गिरफ्तार

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मैट्रिमोनियल साइट पर हिंदू विधुर बनकर विधवाओं से ठगी, अहमदाबाद में करीम सिपाई गिरफ्तार

सारांश

अहमदाबाद में एक विवाहित व्यक्ति ने मैट्रिमोनियल साइट पर हिंदू विधुर 'आदित्य पटेल' बनकर विधवा महिलाओं को निशाना बनाया — फर्जी आधार, पैन, पासपोर्ट और जाली मृत्यु प्रमाण-पत्र के ज़रिए। कॉलर आईडी ऐप से राज खुला और क्राइम ब्रांच ने करीम सिपाई को गिरफ्तार किया। दो से अधिक पीड़ितों की आशंका।

मुख्य बातें

करीम सिपाई ( 44 वर्ष , काडी, मेहसाणा) को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 14 जून 2026 को गिरफ्तार किया।
आरोपी ने मैट्रिमोनियल साइट पर 'आदित्य पटेल' नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर खुद को हिंदू विधुर बताया।
फर्जी आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और जाली मृत्यु प्रमाण-पत्र भेजकर पीड़ितों का विश्वास जीता।
एक पीड़ित को लगभग ₹70,000 और एक एक्टिवा दोपहिया वाहन का नुकसान हुआ।
आरोपी विवाहित है और उसके दो बच्चे हैं; पुलिस को दो से अधिक पीड़ितों की आशंका।
कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप पर संदिग्ध नाम दिखने से धोखाधड़ी का भंडाफोड़ हुआ।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 14 जून 2026 को करीम सिपाई (44 वर्ष) को गिरफ्तार किया, जिस पर आरोप है कि उसने एक मशहूर मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर खुद को हिंदू विधुर 'आदित्य पटेल' बताकर अकेली विधवा महिलाओं को निशाना बनाया और उनसे नकद व संपत्ति की धोखाधड़ी की। महिला वेस्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा।

कैसे रची गई धोखाधड़ी की साजिश

जांचकर्ताओं के अनुसार, मेहसाणा जिले के काडी स्थित सरघातानी घाटी निवासी सिपाई ने मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर 'आदित्य पटेल' के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाई। उसने अपनी असली धार्मिक पहचान छिपाकर खुद को बिना संतान वाला हिंदू विधुर बताया और दावा किया कि उसकी पत्नी का निधन हो चुका है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी जानबूझकर अकेली रहने वाली विधवा महिलाओं को चुनता था और उनके साथ भावनात्मक रिश्ता बनाकर विश्वास अर्जित करता था। इस विश्वास को पक्का करने के लिए उसने कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पत्नी का जाली मृत्यु प्रमाण-पत्र भेजे।

शादी का वादा और फिर ठगी

जांच अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही पीड़ित महिला का भरोसा जीत लिया जाता था, सिपाई विवाह का प्रस्ताव रखता था और इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर नकद रकम व अन्य कीमती सामान हासिल कर लेता था। जिस शिकायत पर यह गिरफ्तारी हुई, उसमें पीड़ित महिला को लगभग ₹70,000 और एक दोपहिया वाहन (एक्टिवा) का नुकसान हुआ।

कैसे खुला राज

यह धोखाधड़ी तब उजागर हुई जब फोन पर बातचीत के दौरान कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप पर एक संदिग्ध नाम दिखाई दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी द्वारा दिए गए पते और दस्तावेजों की पड़ताल की, जिसमें पता चला कि बताया गया पता पूरी तरह गलत था। गहन जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि 'आदित्य पटेल' असल में करीम सिपाई है।

पुलिस का बयान और व्यापक जांच

महिला वेस्ट पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर एनबी कलसरिया ने बताया कि आरोपी विवाहित है और उसके दो बच्चे हैं, जिनका परिवार काडी में रहता है। कलसरिया ने कहा, "वह मुस्लिम है और मैट्रिमोनियल साइट्स पर महिलाओं को ठगने के लिए हिंदू होने का नाटक कर रहा था।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि शिकायतकर्ता अकेली पीड़ित नहीं है — दो से अधिक महिलाओं के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी किए जाने की आशंका है।

गौरतलब है कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल धोखाधड़ी के मामले पिछले कुछ वर्षों में देशभर में तेज़ी से बढ़े हैं, जिनमें अकेली और बुजुर्ग महिलाएं विशेष रूप से निशाने पर रहती हैं। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितनी और महिलाओं को ठगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

पैन और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज़ बिना किसी बाधा के स्वीकार किए जाने का मतलब है कि ये प्लेटफॉर्म अभी भी KYC के मामले में गंभीर रूप से कमज़ोर हैं। अकेली और बुजुर्ग विधवाओं को जानबूझकर निशाना बनाने की रणनीति दर्शाती है कि यह सुनियोजित अपराध था, न कि आवेश में की गई ठगी। सवाल यह है कि क्या मैट्रिमोनियल कंपनियाँ अब भी जवाबदेही से बच सकती हैं, जबकि उनके प्लेटफॉर्म बार-बार ऐसे अपराधों का माध्यम बन रहे हैं?
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद मैट्रिमोनियल साइट धोखाधड़ी मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मेहसाणा जिले के काडी निवासी करीम सिपाई (44 वर्ष) को गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि उसने मैट्रिमोनियल साइट पर 'आदित्य पटेल' नाम से हिंदू विधुर बनकर विधवा महिलाओं से ठगी की।
आरोपी ने महिलाओं को कैसे धोखा दिया?
आरोपी ने फर्जी आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पत्नी का जाली मृत्यु प्रमाण-पत्र भेजकर खुद को हिंदू विधुर साबित किया। भरोसा जीतने के बाद वह शादी का वादा करता था और फिर नकद व कीमती सामान ले लेता था।
पीड़ित को कितना नुकसान हुआ?
जिस शिकायत पर गिरफ्तारी हुई, उसमें पीड़ित महिला को लगभग ₹70,000 और एक एक्टिवा दोपहिया वाहन का नुकसान हुआ। पुलिस को संदेह है कि दो से अधिक महिलाएं इस ठगी का शिकार हुई हैं।
धोखाधड़ी का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
फोन पर बातचीत के दौरान कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप पर एक संदिग्ध नाम दिखा, जिससे पीड़ित को शक हुआ। इसके बाद दस्तावेजों और पते की जांच में पाया गया कि 'आदित्य पटेल' असल में करीम सिपाई है।
क्या आरोपी के और भी पीड़ित हो सकते हैं?
हाँ, महिला वेस्ट पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर एनबी कलसरिया के अनुसार आरोपी ने दो से अधिक महिलाओं के साथ धोखाधड़ी की है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी रखे हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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