1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अहमदाबाद हुक्का बार पर COTPA केस: FSL ने जब्त सामग्री में निकोटीन की पुष्टि की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अहमदाबाद हुक्का बार पर COTPA केस: FSL ने जब्त सामग्री में निकोटीन की पुष्टि की

सारांश

अहमदाबाद में अवैध हुक्का बार का भंडाफोड़ — हर्बल बताकर परोसे जा रहे थे निकोटीन-युक्त फ्लेवर। FSL की पुष्टि के बाद COTPA के तहत केस दर्ज; ₹46,250 का सामान जब्त। संचालक बहारुद्दीन असम के होजाई जिले का मूल निवासी।

मुख्य बातें

अहमदाबाद के दानिलिम्डा में 14 अप्रैल को की गई छापेमारी में अवैध हुक्का बार का भंडाफोड़।
मेघानीनगर FSL ने 23 अप्रैल को भेजे गए नमूनों में निकोटीन की पुष्टि की।
संचालक बहारुद्दीन (30) पर COTPA, 2003 की धारा 7 और धारा 20(2) के तहत केस दर्ज।
जब्त सामग्री में 13 हुक्के , 40+ फ्लेवर पैकेट और ₹14,250 नकद; कुल मूल्य ₹46,250 ।
यह कार्रवाई अहमदाबाद पुलिस के अवैध हुक्का बार-विरोधी व्यापक अभियान का हिस्सा है।

अहमदाबाद के दानिलिम्डा इलाके में एक अवैध हुक्का बार संचालक के खिलाफ सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 की धारा 7 और धारा 20(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मेघानीनगर स्थित फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) ने 14 अप्रैल को की गई छापेमारी में जब्त उत्पादों में निकोटीन की उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि की, जिसके बाद 1 अगस्त को पुलिस ने औपचारिक रूप से मामला दर्ज किया।

छापेमारी का घटनाक्रम

दानिलिम्डा पुलिस को सहायक पुलिस कांस्टेबल योगेंद्रसिंह खुमानसिंह से विशिष्ट सूचना मिली थी कि स्वेज फार्म के पास, कसमखान कंपाउंड स्थित जेडके एस्टेट-2 में एक परिसर में अवैध रूप से हुक्का बार संचालित हो रहा है। सूचना के अनुसार, यह प्रतिष्ठान हर्बल फ्लेवर की आड़ में ग्राहकों को निकोटीन-आधारित फ्लेवर्ड तंबाकू परोस रहा था।

यह छापा पुलिस इंस्पेक्टर सीटी देसाई की देखरेख में पुलिस सब-इंस्पेक्टर डीजे सोलंकी के नेतृत्व में मारा गया। टीम में पुलिस कांस्टेबल समीरसिंह प्रतापसिंह और पुलिस कांस्टेबल हर्ष रमेशकुमार भी शामिल थे।

आरोपी की पहचान और जब्त सामग्री

तलाशी के दौरान पुलिस ने परिसर के संचालक को हिरासत में लिया, जिसकी पहचान बहारुद्दीन (30 वर्ष) के रूप में हुई। वह जेडके एस्टेट-2, कसमखान कंपाउंड, दानिलिम्डा का निवासी है और मूल रूप से असम के होजाई जिले का रहने वाला है।

पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामग्री जब्त की — ₹12,000 मूल्य के विभिन्न हुक्का फ्लेवर के 40 पैकेट और तीन बॉक्स; ₹20,000 मूल्य के 13 हुक्के; आठ चिलम, चांदी की पन्नी के आठ टुकड़े, आठ फिल्टर पाइप, पाँच हुक्का पाइप, 25 हुक्का पाइप फिल्टर तथा ₹14,250 नकद और गोदाम का बिजली बिल। जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य ₹46,250 आंका गया है।

FSL रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई

जब्त सामग्री को 23 अप्रैल को मेघानीनगर फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में जब्त उत्पादों में निकोटीन की उपस्थिति की पुष्टि हुई। इस फोरेंसिक पुष्टि के आधार पर पुलिस ने COTPA, 2003 की धारा 7 (तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध से संबंधित) और धारा 20(2) के तहत औपचारिक मामला दर्ज किया।

गौरतलब है कि यह कार्रवाई अहमदाबाद शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर चलाए जा रहे उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मादक पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाना और शहर में अवैध हुक्का बारों को बंद कराना है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि आरोपी बहारुद्दीन के खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है। यह मामला इस बात की पुष्टि करता है कि हर्बल बताकर परोसे जाने वाले हुक्का उत्पादों में भी निकोटीन हो सकती है, जिससे ग्राहकों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि प्रवर्तन अक्सर फोरेंसिक पुष्टि की प्रतीक्षा में ठहर जाता है। अहमदाबाद पुलिस का यह अभियान एक सही दिशा में कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य स्तर पर नियमित FSL परीक्षण को अनिवार्य बनाया जाएगा — ताकि छापे के बाद महीनों की प्रतीक्षा के बजाय त्वरित कार्रवाई हो सके।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद हुक्का बार केस में क्या हुआ?
अहमदाबाद के दानिलिम्डा में 14 अप्रैल को छापेमारी कर एक अवैध हुक्का बार बंद कराया गया और संचालक बहारुद्दीन को हिरासत में लिया गया। FSL रिपोर्ट में निकोटीन की पुष्टि के बाद 1 अगस्त को COTPA के तहत औपचारिक केस दर्ज किया गया।
COTPA की किन धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ?
पुलिस ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 की धारा 7 और धारा 20(2) के तहत मामला दर्ज किया है। धारा 7 तंबाकू उत्पादों की अनधिकृत बिक्री से संबंधित है।
FSL ने जब्त सामग्री में क्या पाया?
मेघानीनगर फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने 23 अप्रैल को भेजे गए नमूनों की जांच में जब्त हुक्का फ्लेवर उत्पादों में निकोटीन की उपस्थिति की पुष्टि की। यही फोरेंसिक रिपोर्ट COTPA के तहत केस दर्ज करने का आधार बनी।
आरोपी बहारुद्दीन कौन है?
बहारुद्दीन (30 वर्ष) जेडके एस्टेट-2, कसमखान कंपाउंड, दानिलिम्डा का निवासी है और मूल रूप से असम के होजाई जिले का रहने वाला है। वह उक्त परिसर में अवैध हुक्का बार का संचालक था।
क्या यह अहमदाबाद में हुक्का बार के खिलाफ पहली कार्रवाई है?
नहीं, यह अहमदाबाद शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर चलाए जा रहे उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसका उद्देश्य मादक पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाना और अवैध हुक्का बारों को बंद कराना है। आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 8 महीने पहले