अहमदाबाद हुक्का बार पर COTPA केस: FSL ने जब्त सामग्री में निकोटीन की पुष्टि की
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के दानिलिम्डा इलाके में एक अवैध हुक्का बार संचालक के खिलाफ सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 की धारा 7 और धारा 20(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मेघानीनगर स्थित फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) ने 14 अप्रैल को की गई छापेमारी में जब्त उत्पादों में निकोटीन की उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि की, जिसके बाद 1 अगस्त को पुलिस ने औपचारिक रूप से मामला दर्ज किया।
छापेमारी का घटनाक्रम
दानिलिम्डा पुलिस को सहायक पुलिस कांस्टेबल योगेंद्रसिंह खुमानसिंह से विशिष्ट सूचना मिली थी कि स्वेज फार्म के पास, कसमखान कंपाउंड स्थित जेडके एस्टेट-2 में एक परिसर में अवैध रूप से हुक्का बार संचालित हो रहा है। सूचना के अनुसार, यह प्रतिष्ठान हर्बल फ्लेवर की आड़ में ग्राहकों को निकोटीन-आधारित फ्लेवर्ड तंबाकू परोस रहा था।
यह छापा पुलिस इंस्पेक्टर सीटी देसाई की देखरेख में पुलिस सब-इंस्पेक्टर डीजे सोलंकी के नेतृत्व में मारा गया। टीम में पुलिस कांस्टेबल समीरसिंह प्रतापसिंह और पुलिस कांस्टेबल हर्ष रमेशकुमार भी शामिल थे।
आरोपी की पहचान और जब्त सामग्री
तलाशी के दौरान पुलिस ने परिसर के संचालक को हिरासत में लिया, जिसकी पहचान बहारुद्दीन (30 वर्ष) के रूप में हुई। वह जेडके एस्टेट-2, कसमखान कंपाउंड, दानिलिम्डा का निवासी है और मूल रूप से असम के होजाई जिले का रहने वाला है।
पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामग्री जब्त की — ₹12,000 मूल्य के विभिन्न हुक्का फ्लेवर के 40 पैकेट और तीन बॉक्स; ₹20,000 मूल्य के 13 हुक्के; आठ चिलम, चांदी की पन्नी के आठ टुकड़े, आठ फिल्टर पाइप, पाँच हुक्का पाइप, 25 हुक्का पाइप फिल्टर तथा ₹14,250 नकद और गोदाम का बिजली बिल। जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य ₹46,250 आंका गया है।
FSL रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई
जब्त सामग्री को 23 अप्रैल को मेघानीनगर फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में जब्त उत्पादों में निकोटीन की उपस्थिति की पुष्टि हुई। इस फोरेंसिक पुष्टि के आधार पर पुलिस ने COTPA, 2003 की धारा 7 (तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध से संबंधित) और धारा 20(2) के तहत औपचारिक मामला दर्ज किया।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई अहमदाबाद शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर चलाए जा रहे उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मादक पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाना और शहर में अवैध हुक्का बारों को बंद कराना है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि आरोपी बहारुद्दीन के खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है। यह मामला इस बात की पुष्टि करता है कि हर्बल बताकर परोसे जाने वाले हुक्का उत्पादों में भी निकोटीन हो सकती है, जिससे ग्राहकों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है।