5 नवंबर 2026
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गुजरात: बिरसा मुंडा की 151वीं जयंती पर 32,000 आदिवासी लाभार्थियों को ₹1,500 करोड़ की सहायता

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गुजरात: बिरसा मुंडा की 151वीं जयंती पर 32,000 आदिवासी लाभार्थियों को ₹1,500 करोड़ की सहायता

सारांश

गुजरात सरकार बिरसा मुंडा की 151वीं जयंती पर 12-18 नवंबर तक ₹1,500 करोड़ की सहायता राशि 32,000 से अधिक आदिवासी लाभार्थियों तक पहुँचाएगी। आवास, स्वरोजगार, वन अधिकार और सांस्कृतिक सम्मान — यह समारोह केवल उत्सव नहीं, राज्य की सबसे बड़ी आदिवासी कल्याण मुहिम में से एक है।

मुख्य बातें

12 से 18 नवंबर 2026 के बीच गुजरात में बिरसा मुंडा जयंती सप्ताह मनाया जाएगा।
32,000 से अधिक आदिवासी लाभार्थियों को ₹1,500 करोड़ की विकास सहायता दी जाएगी।
17,000 से अधिक आदिवासी किसानों को वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत लाभ मिलेगा।
राज्य-स्तरीय मुख्य कार्यक्रम 15 नवंबर को छोटा उदेपुर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में होगा।
समारोह 14 आदिवासी जिलों के 55 विधानसभा क्षेत्रों , 20 गैर-आदिवासी जिलों और 17 नगर निगमों में आयोजित होगा।
परिवारों को आवास सहायता की पहली किस्त, दुधारू पशु, पौधे और स्वरोजगार सामग्री प्रदान की जाएगी।

गुजरात सरकार 12 से 18 नवंबर 2026 के बीच आयोजित होने वाले बिरसा मुंडा जयंती सप्ताह के दौरान 32,000 से अधिक आदिवासी लाभार्थियों को ₹1,500 करोड़ की विकास सहायता वितरित करेगी। यह घोषणा 5 नवंबर को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक में की गई।

मुख्य कार्यक्रम और आयोजन स्थल

राज्य-स्तरीय मुख्य समारोह 15 नवंबर को छोटा उदेपुर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। यह दिन 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में की थी। उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी वलसाड में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जबकि राज्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा दाहोद में कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।

यह समारोह 14 आदिवासी जिलों के 55 विधानसभा क्षेत्रों के साथ-साथ 20 गैर-आदिवासी जिलों और 17 नगर निगमों में आयोजित किया जाएगा।

लाभार्थियों को क्या मिलेगा

इस आयोजन के अंतर्गत 17,000 से अधिक आदिवासी किसानों को वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत लाभ प्रदान किए जाएंगे। आदिवासी परिवारों को आवास सहायता की पहली किस्त, दुधारू पशु, पौधे और स्वरोजगार के लिए अन्य सहायता भी दी जाएगी। आजीविका को बढ़ावा देने के लिए 14 आदिवासी जिलों के साप्ताहिक बाजारों में 'अटल बूथ' स्थापित किए जाएंगे, जहाँ ग्रामीण कारीगरों और स्वयं-सहायता समूहों के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय होगा।

सप्ताह भर के कार्यक्रमों का कार्यक्रम

13 नवंबर को 14 आदिवासी जिलों के 55 विधानसभा क्षेत्रों में 'युवा संवाद सम्मेलनों' से शुरुआत होगी। 14 नवंबर को बिरसा मुंडा और अन्य आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं के निकट स्वच्छता अभियान और पूजा-अर्चना होगी। इसी शाम आदिवासी तालुकों की ग्राम पंचायतों में 'दीपोत्सव' मनाया जाएगा, जिसमें प्रार्थना, आरती, भजन और पारंपरिक आदिवासी नृत्य शामिल होंगे।

16 नवंबर को आदिवासी समुदाय के डॉक्टरों, वकीलों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, उद्यमियों और नेताओं का विशेष सम्मेलन होगा। 17 नवंबर की शाम को 55 विधानसभा क्षेत्रों में गिल्ली-डंडा, तीरंदाजी, रस्साकशी, कबड्डी और खो-खो जैसे पारंपरिक ग्रामीण खेल उत्सव आयोजित होंगे। 18 नवंबर को 14 आदिवासी जिलों में महिला सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।

सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व

गौरतलब है कि आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की इस वर्ष 151वीं जयंती है। इन समारोहों में उनकी जीवन गाथा गुजराती, भीली और स्थानीय आदिवासी बोलियों में सुनाई जाएगी। कार्यक्रमों का सोशल मीडिया पर सीधा प्रसारण भी किया जाएगा।

इन समारोहों का उद्देश्य आदिवासी समुदायों के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कौशल, कला और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को उजागर करना है। आदिवासी विकास विभाग मुख्य आयोजक की भूमिका निभाएगा, जबकि अन्य सरकारी विभाग सह-आयोजक के रूप में भागीदारी करेंगे।

प्रशासनिक तैयारियाँ

इस बैठक में आदिवासी विकास मंत्री नरेश पटेल, वरिष्ठ आदिवासी नेता गणपत वसावा, मुख्य सचिव एम.के. दास, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार, अतिरिक्त प्रधान सचिव विक्रांत पांडे, आदिवासी विकास सचिव आलोक कुमार पांडे और सचिव अजय कुमार उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री पटेल ने संबंधित विभागों के सचिवों को कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए परस्पर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह सप्ताह व्यापक सामाजिक-आर्थिक पहुँच और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वाकांक्षी प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 करोड़ की यह घोषणा गुजरात में आदिवासी मतदाताओं की बड़ी संख्या — विशेषकर दक्षिण और पूर्वी गुजरात के जिलों — को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक रूप से सुविचारित है। गौरतलब है कि वन अधिकार अधिनियम के लाभ अब तक धीमी गति से वितरित हुए हैं, और सप्ताह भर में एकमुश्त वितरण का प्रयास प्रशासनिक क्षमता की वास्तविक परीक्षा होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आवास सहायता की 'पहली किस्त' का अनुसरण करने वाली शेष किस्तें समयबद्ध तरीके से मिलती हैं या नहीं — क्योंकि अतीत में ऐसी योजनाओं में शुरुआती प्रचार के बाद क्रियान्वयन की रफ्तार अक्सर धीमी पड़ जाती है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में बिरसा मुंडा जयंती समारोह कब और कहाँ होगा?
यह समारोह 12 से 18 नवंबर 2026 तक गुजरात के 14 आदिवासी जिलों के 55 विधानसभा क्षेत्रों, 20 गैर-आदिवासी जिलों और 17 नगर निगमों में आयोजित होगा। राज्य-स्तरीय मुख्य कार्यक्रम 15 नवंबर को छोटा उदेपुर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में होगा।
आदिवासी लाभार्थियों को क्या-क्या सहायता मिलेगी?
32,000 से अधिक आदिवासी लाभार्थियों को ₹1,500 करोड़ की विकास सहायता दी जाएगी, जिसमें आवास सहायता की पहली किस्त, दुधारू पशु, पौधे और स्वरोजगार के लिए अन्य सामग्री शामिल हैं। इसके अलावा 17,000 से अधिक आदिवासी किसानों को वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत लाभ प्रदान किए जाएंगे।
जनजातीय गौरव दिवस क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई?
जनजातीय गौरव दिवस प्रतिवर्ष 15 नवंबर को मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में इसकी शुरुआत आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन पर उनके योगदान और आदिवासी समुदायों के सम्मान में की थी।
इस समारोह में किन वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी होगी?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 15 नवंबर को छोटा उदेपुर में मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी वलसाड में और BJP प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा दाहोद में कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे।
'अटल बूथ' क्या हैं और इनका उद्देश्य क्या है?
'अटल बूथ' 14 आदिवासी जिलों के साप्ताहिक बाजारों में स्थापित किए जाने वाले विशेष स्टॉल हैं। इनका उद्देश्य ग्रामीण कारीगरों और स्वयं-सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय कर आदिवासी समुदायों की आजीविका को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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