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उमरेठ उपचुनाव: मतदान के बाद 306 केंद्रों की ईवीएम कड़ी सुरक्षा में स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित

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उमरेठ उपचुनाव: मतदान के बाद 306 केंद्रों की ईवीएम कड़ी सुरक्षा में स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित

सारांश

गुजरात के उमरेठ विधानसभा उपचुनाव में 306 मतदान केंद्रों पर वोटिंग के बाद सभी ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनें सील कर स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गईं। दो-स्तरीय सशस्त्र सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी से पारदर्शिता सुनिश्चित की गई।

मुख्य बातें

उमरेठ विधानसभा उपचुनाव में 24 अप्रैल को 306 मतदान केंद्रों पर सफलतापूर्वक मतदान संपन्न हुआ।
सभी ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनें सील कर स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखी गई हैं।
दो-स्तरीय सशस्त्र सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरे चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं।
गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संदीप सांगले ने सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि की।
पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी की निगरानी में संपन्न हुई, रिजर्व ईवीएम अलग स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई हैं।
उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को बाहरी सुरक्षा घेरे तक निगरानी की अनुमति दी गई है।

उमरेठ (गुजरात), 24 अप्रैल। गुजरात की उमरेठ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में गुरुवार, 24 अप्रैल को 306 मतदान केंद्रों पर वोटिंग संपन्न होने के बाद सभी ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और वीवीपीएटी यूनिट्स को तत्काल सील कर स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रख दिया गया है। चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी सुनिश्चित की ताकि पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठे।

स्ट्रॉन्ग रूम तक कैसे पहुंचीं मशीनें?

मतदान समाप्त होते ही सभी ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों को उम्मीदवारों अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों और चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंचाया गया। यह पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी की निगरानी में संपन्न हुई, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को पूरी तरह नकारा जा सके।

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, मशीनों को सील करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए सुरक्षित स्थान पर रखा गया। रिजर्व ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों को अलग स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है।

दो-स्तरीय सशस्त्र सुरक्षा व्यवस्था

गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संदीप सांगले ने बताया कि मशीनों की सुरक्षा के लिए दो-स्तरीय सशस्त्र सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। परिसर के भीतर और बाहर सशस्त्र जवान तैनात हैं और सीसीटीवी कैमरों के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।

यह सुरक्षा व्यवस्था मतगणना तिथि तक जारी रहेगी। स्ट्रॉन्ग रूम में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्णतः प्रतिबंध है।

उम्मीदवारों को बाहरी निगरानी की अनुमति

चुनाव आयोग ने पहले ही सभी उम्मीदवारों को सूचित कर दिया था कि वे सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए अपने प्रतिनिधि नियुक्त कर सकते हैं। हालांकि, इन प्रतिनिधियों को केवल बाहरी सुरक्षा घेरे तक ही जाने की अनुमति दी गई है।

यह व्यवस्था चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है, ताकि कोई भी राजनीतिक दल मतगणना से पहले मशीनों की सुरक्षा पर सवाल न उठा सके।

उमरेठ उपचुनाव का राजनीतिक महत्व

उमरेठ विधानसभा क्षेत्र गुजरात के आणंद जिले में स्थित है। यह उपचुनाव राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके नतीजे भाजपा और विपक्षी दलों की क्षेत्रीय पकड़ का आकलन करने में सहायक होंगे। गौरतलब है कि गुजरात में भाजपा लंबे समय से सत्तारूढ़ है और उपचुनाव में उसकी प्रतिष्ठा दांव पर है।

देश के अन्य राज्यों में हुए उपचुनावों की तुलना में गुजरात के उपचुनाव में मतदान प्रतिशत और ईवीएम सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता रहा है। इस बार भी चुनाव आयोग ने किसी भी विवाद की संभावना को पहले ही खारिज करने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं।

अब सभी की निगाहें मतगणना तिथि पर टिकी हैं, जो जल्द ही घोषित की जाएगी। नतीजे तय करेंगे कि उमरेठ की जनता ने किस दिशा में अपना जनादेश दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय लोकतंत्र में बढ़ते अविश्वास का जवाब है — जहां हर चुनाव के बाद ईवीएम पर सवाल उठना एक राजनीतिक रिवाज बन चुका है। चुनाव आयोग का दो-स्तरीय सुरक्षा और वीडियोग्राफी का कदम इसी अविश्वास को पाटने की कोशिश है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पारदर्शिता की यह प्रक्रिया सभी दलों को संतुष्ट कर पाएगी, या मतगणना के बाद फिर वही पुराना विवाद शुरू होगा? गुजरात जैसे भाजपा के गढ़ में उपचुनाव के नतीजे 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा भी तय कर सकते हैं।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमरेठ उपचुनाव में ईवीएम को कहां रखा गया है?
उमरेठ उपचुनाव की सभी ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों को मतदान के बाद सील कर स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है। वहां दो-स्तरीय सशस्त्र सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था है।
उमरेठ उपचुनाव में कितने मतदान केंद्र थे?
उमरेठ विधानसभा उपचुनाव में कुल 306 मतदान केंद्र थे। इन सभी केंद्रों पर गुरुवार, 24 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ।
ईवीएम की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संदीप सांगले के अनुसार, स्ट्रॉन्ग रूम में दो-स्तरीय सशस्त्र सुरक्षा तैनात है और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। उम्मीदवारों के प्रतिनिधि बाहरी सुरक्षा घेरे तक नजर रख सकते हैं।
उमरेठ उपचुनाव की मतगणना कब होगी?
उमरेठ उपचुनाव की मतगणना की तारीख चुनाव आयोग द्वारा जल्द घोषित की जाएगी। तब तक ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रहेंगी।
क्या उम्मीदवार ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी कर सकते हैं?
हां, चुनाव आयोग ने सभी उम्मीदवारों को अपने प्रतिनिधि भेजने की अनुमति दी है। हालांकि, उन्हें केवल बाहरी सुरक्षा घेरे तक ही जाने की अनुमति है, अंदर प्रवेश वर्जित है।
राष्ट्र प्रेस
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