18 अगस्त 2026
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गुमला में जेजेएमपी का ₹5 लाख इनामी सबजोनल कमांडर रामदेव लोहरा समेत चार उग्रवादी गिरफ्तार, AK-56 समेत भारी हथियार जब्त

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गुमला में जेजेएमपी का ₹5 लाख इनामी सबजोनल कमांडर रामदेव लोहरा समेत चार उग्रवादी गिरफ्तार, AK-56 समेत भारी हथियार जब्त

सारांश

झारखंड के गुमला में पुलिस ने जेजेएमपी के ₹5 लाख इनामी सबजोनल कमांडर रामदेव लोहरा उर्फ काका समेत चार उग्रवादियों को दबोचा। AK-56 समेत तीन राइफलें, कारतूस और आठ मोबाइल फोन बरामद। संगठन को गुमला में पुनः सक्रिय करने की साजिश नाकाम।

मुख्य बातें

गुमला पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को जेजेएमपी के ₹5 लाख इनामी सबजोनल कमांडर रामदेव लोहरा उर्फ काका समेत चार उग्रवादी गिरफ्तार किए।
अन्य गिरफ्तार उग्रवादियों में एरिया कमांडर अरविंद नायक , मुनेश्वर सिंह और जितेंद्र लोहरा शामिल हैं।
बरामद हथियारों में एके-56 राइफल , एसएलआर राइफल , सेमी-ऑटोमैटिक राइफल और तीनों के जिंदा कारतूस शामिल हैं।
पुलिस ने एक वॉकी-टॉकी , आठ मोबाइल फोन , एक वाई-फाई डोंगल और प्रतिबंधित संगठन के पर्चे भी जब्त किए।
जेजेएमपी सुप्रीमो रामदेव उरांव की गिरफ्तारी के बाद ये उग्रवादी लातेहार से गुमला में संगठन विस्तार की योजना के साथ पहुँचे थे।

झारखंड के गुमला जिले में पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹5 लाख के इनामी सबजोनल कमांडर रामदेव लोहरा उर्फ काका समेत कुल चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। इस अभियान में पुलिस ने एके-56 राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार और संचार उपकरण भी बरामद किए।

गिरफ्तार उग्रवादियों का विवरण

पुलिस के अनुसार, रामदेव लोहरा लातेहार जिले के बिंगाडा गांव का निवासी है और झारखंड पुलिस ने उस पर ₹5 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। गिरफ्तार अन्य तीन उग्रवादियों में जेजेएमपी का एरिया कमांडर अरविंद नायक, संगठन के सदस्य मुनेश्वर सिंह और जितेंद्र लोहरा शामिल हैं। ये सभी संगठन में अलग-अलग महत्वपूर्ण भूमिकाओं में सक्रिय थे।

संगठन को फिर से सक्रिय करने की थी साजिश

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जेजेएमपी के सुप्रीमो रामदेव उरांव की गिरफ्तारी के बाद संगठन को गुमला क्षेत्र में पुनः सक्रिय करने और उसका विस्तार करने की योजना बनाई जा रही थी। इसी मकसद से ये उग्रवादी लातेहार से गुमला पहुँचे थे। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड पुलिस प्रतिबंधित वामपंथी उग्रवादी संगठनों के पुनरुद्धार प्रयासों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।

बरामद हथियार और सामग्री

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उग्रवादियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार जब्त किए। बरामद सामग्री में मैगजीन सहित एक एके-56 राइफल, मैगजीन सहित एक एसएलआर राइफल और एक सेमी-ऑटोमैटिक राइफल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एके-47, एसएलआर और सेमी-ऑटोमैटिक राइफल के जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।

पुलिस ने उग्रवादियों के पास से एक वॉकी-टॉकी, आठ मोबाइल फोन, एक वाई-फाई डोंगल तथा प्रतिबंधित जेजेएमपी और नक्सली संगठन से संबंधित पर्चे भी जब्त किए हैं। गौरतलब है कि इतनी बड़ी संख्या में संचार उपकरणों की बरामदगी संगठन के सक्रिय नेटवर्क की ओर इशारा करती है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार उग्रवादियों से पूछताछ जारी है। इस पूछताछ के आधार पर जेजेएमपी के नेटवर्क, संगठन से जुड़े अन्य सदस्यों और गुमला तथा आसपास के इलाकों में उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से गुमला में जेजेएमपी को दोबारा सक्रिय करने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है — जेजेएमपी सुप्रीमो की गिरफ्तारी के बाद भी संगठन ने पुनर्गठन की कोशिश की, जो दर्शाता है कि केवल शीर्ष नेतृत्व को पकड़ना पर्याप्त नहीं है। लातेहार से गुमला तक का यह विस्तार प्रयास बताता है कि संगठन के पास अभी भी सक्रिय भर्ती और आपूर्ति नेटवर्क मौजूद है। AK-56 जैसे परिष्कृत हथियारों की बरामदगी यह सवाल उठाती है कि प्रतिबंधित संगठन को हथियार कहाँ से मिल रहे हैं — जो पूछताछ का सबसे अहम बिंदु होना चाहिए।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुमला में गिरफ्तार जेजेएमपी सबजोनल कमांडर कौन है?
गिरफ्तार सबजोनल कमांडर का नाम रामदेव लोहरा उर्फ काका है, जो लातेहार जिले के बिंगाडा गांव का निवासी है। झारखंड पुलिस ने उस पर ₹5 लाख का इनाम घोषित कर रखा था।
गुमला में जेजेएमपी के उग्रवादियों से क्या हथियार बरामद हुए?
पुलिस ने मैगजीन सहित एक एके-56 राइफल, एक एसएलआर राइफल और एक सेमी-ऑटोमैटिक राइफल बरामद की। इसके अलावा तीनों राइफलों के जिंदा कारतूस, एक वॉकी-टॉकी, आठ मोबाइल फोन, एक वाई-फाई डोंगल और प्रतिबंधित संगठन के पर्चे भी जब्त किए गए।
जेजेएमपी उग्रवादी लातेहार से गुमला क्यों आए थे?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, जेजेएमपी सुप्रीमो रामदेव उरांव की गिरफ्तारी के बाद संगठन को गुमला क्षेत्र में फिर से सक्रिय करने और उसका विस्तार करने की योजना थी। इसी उद्देश्य से ये उग्रवादी लातेहार से गुमला पहुँचे थे।
झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) क्या है?
झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) एक प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन है जो झारखंड और आसपास के राज्यों में सक्रिय रहा है। यह संगठन नक्सल विचारधारा से जुड़ा है और सुरक्षा बलों के लिए लंबे समय से चुनौती रहा है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे क्या कदम उठा रही है?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार चारों उग्रवादियों से पूछताछ जारी है। इस पूछताछ के आधार पर जेजेएमपी के नेटवर्क, अन्य सदस्यों और गुमला व आसपास के इलाकों में संगठन की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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