16 अक्टूबर 2026
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गुरुग्राम में CAQM का 'ऑपरेशन क्लीन एयर': 104 किमी सड़कों पर 258 खामियां उजागर

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गुरुग्राम में CAQM का 'ऑपरेशन क्लीन एयर': 104 किमी सड़कों पर 258 खामियां उजागर

सारांश

CAQM ने 14 अक्टूबर को गुरुग्राम की 104 किमी सड़कों पर विशेष निरीक्षण में 258 खामियां उजागर कीं। धूल, C&D कचरा और टूटे फुटपाथ — शीतकालीन प्रदूषण से पहले MCG और GMDA को कड़ी चेतावनी, लापरवाही पर अभियोजन तक की कार्रवाई संभव।

मुख्य बातें

CAQM ने 14 अक्टूबर 2026 को गुरुग्राम में 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत निरीक्षण चलाया।
104 किलोमीटर लंबे 52 सड़क खंडों पर कुल 258 कमियां दर्ज की गईं।
MCG क्षेत्र में 174 और GMDA क्षेत्र में 84 खामियां पाई गईं।
धूल का जमाव, C&D कचरा, क्षतिग्रस्त फुटपाथ और गड्ढे प्रमुख समस्याएं रहीं।
एजेंसियों को प्राथमिकता से सुधार के निर्देश; लापरवाही पर अभियोजन की चेतावनी।
दिल्ली-एनसीआर में इस तरह के निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 14 अक्टूबर 2026 को गुरुग्राम में 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के अंतर्गत एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें 104 किलोमीटर लंबे 52 सड़क खंडों की जांच के दौरान कुल 258 कमियां दर्ज की गईं। धूल का जमाव, निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरा, क्षतिग्रस्त फुटपाथ और गड्ढे — ये चार समस्याएं सबसे अधिक बार सामने आईं। यह अभियान दिल्ली-एनसीआर में शीतकालीन प्रदूषण के मौसम से पहले वायु गुणवत्ता सुधारने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।

निरीक्षण का दायरा और खामियों का ब्यौरा

CAQM ने निरीक्षण के लिए गुरुग्राम नगर निगम (MCG) और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के अधिकार क्षेत्रों में चार फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए। MCG के अधीन लगभग 56 किलोमीटर सड़कों पर 174 कमियां मिलीं, जबकि GMDA के अंतर्गत 48 किलोमीटर में 84 खामियां पाई गईं।

निरीक्षण के दायरे में पालम विहार, पेस सिटी-1 व 2, सेक्टर 10, 21, 22, 23, 26, 27, 42, 43, 53, 54 और 56, सिकंदरपुर, महरौली-गुरुग्राम रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे, दौलताबाद रोड और धर्मपुर रोड समेत कई प्रमुख सड़कें शामिल थीं।

प्रदूषण पर असर और आयोग का आकलन

CAQM के अनुसार, सड़कों पर जमी धूल, C&D कचरा, टूटे फुटपाथ और गड्ढे वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल को दोबारा हवा में उड़ाते हैं — जिसे 'रिसस्पेंशन' कहा जाता है — और यही दिल्ली-एनसीआर में PM10 व PM2.5 की बढ़त का एक प्रमुख कारण है। आयोग ने स्पष्ट किया कि संबंधित एजेंसियों को सड़क सफाई, यांत्रिक झाड़ू और धूल नियंत्रण उपायों को और अधिक कड़ाई से लागू करने की आवश्यकता है।

गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में अक्टूबर से जनवरी के बीच वायु प्रदूषण अपने चरम पर होता है, और हर वर्ष निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल इसे और बदतर बनाती है। यह ऑपरेशन उसी पैटर्न को तोड़ने की कोशिश का हिस्सा है।

एजेंसियों को निर्देश और चेतावनी

CAQM ने MCG, GMDA और अन्य संबद्ध एजेंसियों को निर्देश दिया है कि निरीक्षण में चिह्नित सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर, समयबद्ध तरीके से दूर किया जाए। सड़कों की नियमित सफाई, जमा धूल और C&D कचरे को हटाना तथा यांत्रिक झाड़ू की नियमितता सुनिश्चित करना — ये तीन बिंदु आयोग के निर्देशों के केंद्र में हैं।

आयोग ने चेतावनी दी है कि नियमों के पालन में लापरवाही पाए जाने पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई, जिसमें अभियोजन भी शामिल है, की जा सकती है। यह चेतावनी इससे पहले के अभियानों की तुलना में अधिक सख्त भाषा में दी गई है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

CAQM ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न जिलों में इस तरह के निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे, ताकि प्रदूषण नियंत्रण उपायों के जमीनी क्रियान्वयन की सतत निगरानी हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रतिवर्ष शीतकालीन प्रदूषण संकट को लेकर न्यायालयों और नागरिकों दोनों की ओर से दबाव बढ़ता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि नगर निकायों की जवाबदेही तय करना इस बार की असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या चिह्नित खामियां वास्तव में दूर होंगी या यह भी पिछले वर्षों की तरह 'निरीक्षण-रिपोर्ट-भूल जाओ' के चक्र में खो जाएगा। दिल्ली-एनसीआर में हर शीतकाल आयोग सक्रिय होता है, नोटिस जारी होते हैं, और अगली गर्मियों तक सब थम जाता है। अभियोजन की चेतावनी नई नहीं है — लेकिन MCG और GMDA के खिलाफ कार्रवाई के ठोस उदाहरण दुर्लभ हैं। जब तक नगर निकायों की जवाबदेही के लिए सार्वजनिक, समयबद्ध डेटा उपलब्ध नहीं होगा, 'ऑपरेशन क्लीन एयर' का असर जमीन पर कम, कागज़ पर ज़्यादा रहने का जोखिम है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CAQM का 'ऑपरेशन क्लीन एयर' क्या है?
'ऑपरेशन क्लीन एयर' वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों की जमीनी निगरानी के लिए चलाया जाने वाला विशेष निरीक्षण अभियान है। इसके तहत फ्लाइंग स्क्वॉड सड़कों, निर्माण स्थलों और अन्य प्रदूषण स्रोतों की जांच करती है और संबंधित एजेंसियों को सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश देती है।
गुरुग्राम निरीक्षण में कितनी और कहाँ-कहाँ खामियां मिलीं?
14 अक्टूबर 2026 को चलाए गए निरीक्षण में 104 किलोमीटर के 52 सड़क खंडों पर कुल 258 खामियां दर्ज हुईं — MCG क्षेत्र में 174 और GMDA क्षेत्र में 84। पालम विहार, द्वारका एक्सप्रेसवे, सिकंदरपुर और महरौली-गुरुग्राम रोड समेत कई प्रमुख सड़कें जांच के दायरे में थीं।
सड़कों पर धूल से वायु गुणवत्ता कैसे प्रभावित होती है?
सड़कों पर जमी धूल, C&D कचरा और टूटे फुटपाथ वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल के कण दोबारा हवा में उड़ाते हैं, जिसे 'रिसस्पेंशन' कहा जाता है। इससे PM10 और PM2.5 की मात्रा बढ़ती है, जो दिल्ली-एनसीआर में शीतकालीन प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है।
MCG और GMDA को क्या निर्देश दिए गए हैं?
CAQM ने दोनों एजेंसियों को निर्देश दिया है कि चिह्नित सभी खामियों को प्राथमिकता और समयबद्ध तरीके से दूर किया जाए। सड़कों की नियमित सफाई, यांत्रिक झाड़ू और C&D कचरे की समय पर निकासी सुनिश्चित करने के साथ ही लापरवाही पाए जाने पर अभियोजन समेत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
क्या यह निरीक्षण अभियान सिर्फ गुरुग्राम तक सीमित है?
नहीं। CAQM ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न जिलों में इस तरह के निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। इसका उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों के क्रियान्वयन की सतत निगरानी और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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