CAQM का 'ऑपरेशन क्लीन एयर': फरीदाबाद-गुरुग्राम की 64 सड़कों में 15 पर पक्कीकरण अधूरा, अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 22 जुलाई 2026 को 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत फरीदाबाद और गुरुग्राम में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें 64 सड़क हिस्सों की जाँच की गई और 15 स्थानों पर एंड-टू-एंड पक्कीकरण अधूरा पाया गया। आयोग ने संबंधित नगर निगमों को निर्देश दिया है कि गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
अभियान का दायरा और निरीक्षण दल
आयोग ने इस निरीक्षण के लिए 9 फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए, जिन्होंने फरीदाबाद नगर निगम और गुरुग्राम नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों की जाँच की। निरीक्षण का उद्देश्य आयोग द्वारा जारी शहरी सड़कों की री-डेवलपमेंट और पक्कीकरण के मानक फ्रेमवर्क के अनुसार कार्यों की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना था।
कुल 64 सड़क हिस्सों का निरीक्षण किया गया, जिनकी संयुक्त लंबाई लगभग 31 किलोमीटर थी। इनमें फरीदाबाद की 50 सड़कें और गुरुग्राम की 14 सड़कें शामिल थीं। 10 मीटर से कम और 10 से 15 मीटर चौड़ी सड़कों को भी इस जाँच के दायरे में रखा गया।
मुख्य निष्कर्ष: कहाँ मिला अनुपालन, कहाँ नहीं
CAQM के अनुसार, 49 सड़क हिस्सों पर पूरी तरह एंड-टू-एंड पक्कीकरण पाया गया — इनमें फरीदाबाद की 38 और गुरुग्राम की 11 सड़कें शामिल हैं।
वहीं, 15 सड़क हिस्सों पर पक्कीकरण अभी भी अधूरा था — फरीदाबाद की 12 और गुरुग्राम की 3 सड़कें। यह तब सामने आया जब दोनों नगर निगमों ने दावा किया था कि सड़कों का विकास मानक फ्रेमवर्क के अनुसार पूरा कर लिया गया है।
नगर निगमों को कड़े निर्देश
आयोग ने स्पष्ट किया कि नगर निगमों के दावों और ज़मीनी वास्तविकता के बीच पाया गया यह अंतर गंभीर है। CAQM ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान करें और उनके विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर गर्मियों में भी चिंताजनक बना हुआ है और सड़क की धूल इसके प्रमुख कारणों में से एक मानी जाती है।
पक्कीकरण और वायु गुणवत्ता का संबंध
CAQM ने रेखांकित किया कि शहरी सड़कों का एंड-टू-एंड पक्कीकरण सड़क की धूल को दोबारा हवा में फैलने से रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। इससे वाहनों की आवाजाही से उत्पन्न होने वाली धूल में उल्लेखनीय कमी आती है और मैकेनिकल रोड स्वीपिंग जैसे अन्य प्रदूषण नियंत्रण उपाय भी अधिक असरदार हो जाते हैं।
गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में सड़क धूल (रोड डस्ट) को PM10 और PM2.5 स्तर बढ़ाने में एक बड़ा योगदानकर्ता माना गया है। ऐसे में पक्कीकरण की गुणवत्ता की निगरानी सीधे तौर पर क्षेत्र की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को प्रभावित करती है।
आगे की कार्रवाई
CAQM ने सभी सड़क निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया है कि अधूरे विकास कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए और निर्माण में तय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत पूरे एनसीआर में निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों के ज़मीनी क्रियान्वयन की निरंतर निगरानी हो सके और समय पर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।