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सीएक्यूएम का 'ऑपरेशन क्लीन एयर': दिल्ली में 79 सड़कों का निरीक्षण, 78 पर पूरी पेविंग पाई गई

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सीएक्यूएम का 'ऑपरेशन क्लीन एयर': दिल्ली में 79 सड़कों का निरीक्षण, 78 पर पूरी पेविंग पाई गई

सारांश

सीएक्यूएम ने 9 जुलाई को 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत दिल्ली की 79 सड़कों की जाँच की — 78 पर पूरी पेविंग मिली। लेकिन 18 जून की पीडब्ल्यूडी जाँच में 21 सड़कों पर सेंट्रल वर्ज अधूरे मिले थे। सड़क धूल दिल्ली के पार्टिकुलेट प्रदूषण का बड़ा स्रोत है — और अभियान जारी है।

मुख्य बातें

सीएक्यूएम ने 9 जुलाई 2025 को 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत एमसीडी क्षेत्र की 79 सड़कों का निरीक्षण किया।
78 सड़कों पर पूरी पेविंग पाई गई; एक सड़क पर पुनर्निर्माण कार्य अभी जारी है।
10 फ्लाइंग स्क्वाड ने लगभग 13 किलोमीटर की सड़कों की जाँच की।
18 जून की पीडब्ल्यूडी जाँच में 48 सड़कों में से 7 पर अधूरी पेविंग और 21 पर पक्के सेंट्रल वर्ज नहीं मिले थे।
आयोग ने पीडब्ल्यूडी से गलत रिपोर्टिंग पर स्पष्टीकरण माँगा है।
सड़क धूल नियंत्रण के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 9 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी) के अधिकार क्षेत्र की 79 सड़कों की जाँच की गई। इनमें से 78 सड़कों पर पूर्ण पेविंग पाई गई, जो आयोग के निर्धारित मानक ढाँचे के अनुरूप है। यह अभियान दिल्ली-एनसीआर में सड़क धूल से होने वाले पार्टिकुलेट प्रदूषण को नियंत्रित करने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है।

निरीक्षण अभियान का विवरण

आयोग ने इस अभियान के लिए 10 फ्लाइंग स्क्वाड तैनात कीं, जिन्होंने दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में फैली लगभग 13 किलोमीटर की 79 सड़कों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण 7 जनवरी 2025 को जीएनसीटीडी और एनसीआर राज्य सरकारों को जारी शहरी सड़कों की पेविंग और हरियाली के मानक ढाँचे के तहत हुए सड़क पुनर्विकास कार्यों की स्थिति परखने के लिए किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि 78 सड़कों पर पेविंग पूरी तरह हो चुकी है, जबकि एक सड़क पर पुनर्निर्माण कार्य अभी जारी है।

18 जून की पिछली जाँच में क्या मिला

गौरतलब है कि इससे पहले 18 जून को आयोग ने पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (पीडब्ल्यूडी) के अधिकार क्षेत्र की लगभग 69 किलोमीटर की 48 सड़कों पर 9 फ्लाइंग स्क्वाड तैनात की थीं। उस जाँच में 41 सड़कों (लगभग 66 किलोमीटर) पर पूरी पेविंग पाई गई थी। हालाँकि, 7 सड़कों पर पेविंग अधूरी थी, 9 सड़कों के किनारे बिना पेविंग के या अनुपस्थित पाए गए, और 21 सड़कों पर पक्के सेंट्रल वर्ज नहीं थे। आयोग ने पीडब्ल्यूडी से गलत रिपोर्टिंग पर स्पष्टीकरण भी माँगा है।

सड़क धूल और वायु प्रदूषण का संबंध

आयोग के अनुसार, सड़कों की सही पेविंग शहरी इलाकों में पार्टिकुलेट प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में से एक — वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली सड़क धूल — को कम करने में अहम भूमिका निभाती है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर लगातार देश के सर्वाधिक प्रदूषित क्षेत्रों में शुमार होता है और मशीनीकृत सड़क सफाई जैसे उपायों की प्रभावशीलता पेविंग की गुणवत्ता पर निर्भर करती है।

आयोग के निर्देश और आगे की राह

सीएक्यूएम ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि बचे हुए पुनर्निर्माण कार्य को समय पर पूरा किया जाए और नियमित रखरखाव के ज़रिए पुनर्निर्मित सड़क ढाँचे को बनाए रखा जाए। आयोग ने स्पष्ट किया कि दिल्ली-एनसीआर में सड़कों की देखरेख करने वाली सभी एजेंसियों के लिए शहरी सड़कों की पेविंग और हरियाली का मानक ढाँचा लागू करना अनिवार्य है। 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों के ज़मीनी क्रियान्वयन पर नज़र रखी जा सके और जहाँ ज़रूरी हो, समय पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एमसीडी क्षेत्र में 78/79 का अनुपालन आँकड़ा और पीडब्ल्यूडी क्षेत्र में 21 सड़कों पर अधूरे सेंट्रल वर्ज — दोनों एक साथ सच हैं। पीडब्ल्यूडी से गलत रिपोर्टिंग पर स्पष्टीकरण माँगना बताता है कि ज़मीनी हकीकत और सरकारी दावों के बीच अंतर अभी भी है। असली सवाल यह है कि क्या यह निरीक्षण चक्र केवल अनुपालन दर्ज करता है, या उल्लंघन पर वास्तविक दंडात्मक कार्रवाई भी होती है — जो दिल्ली के प्रदूषण संकट में सूई हिलाने के लिए ज़रूरी है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन क्लीन एयर' क्या है?
'ऑपरेशन क्लीन एयर' वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) का एक चल रहा निरीक्षण अभियान है, जिसका उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों के ज़मीनी क्रियान्वयन की निगरानी करना है। इसके तहत फ्लाइंग स्क्वाड सड़क पेविंग, धूल नियंत्रण और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की जाँच करती हैं।
9 जुलाई के निरीक्षण में क्या पाया गया?
9 जुलाई को एमसीडी क्षेत्र की 79 सड़कों की जाँच में 78 पर पूरी पेविंग पाई गई, जो आयोग के मानक ढाँचे के अनुरूप है। केवल एक सड़क पर पुनर्निर्माण कार्य अभी जारी था।
18 जून की जाँच में पीडब्ल्यूडी सड़कों की क्या स्थिति थी?
18 जून को पीडब्ल्यूडी की 48 सड़कों की जाँच में 41 पर पूरी पेविंग मिली, लेकिन 7 सड़कों पर पेविंग अधूरी थी, 9 सड़कों के किनारे बिना पेविंग के थे और 21 सड़कों पर पक्के सेंट्रल वर्ज नहीं थे। आयोग ने पीडब्ल्यूडी से गलत रिपोर्टिंग पर स्पष्टीकरण भी माँगा है।
सड़क पेविंग का वायु प्रदूषण से क्या संबंध है?
सड़क की धूल दिल्ली-एनसीआर में पार्टिकुलेट प्रदूषण (PM2.5 और PM10) के प्रमुख स्रोतों में से एक है। पक्की सड़कें वाहनों की आवाजाही से धूल के दोबारा उड़ने को रोकती हैं और मशीनीकृत सफाई को अधिक प्रभावी बनाती हैं।
आगे और निरीक्षण होंगे?
हाँ, सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे। आयोग ने संबंधित एजेंसियों को बचे हुए पुनर्निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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