4 अक्टूबर 2026
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ऑपरेशन क्लीन एयर: CAQM की 4 फ्लाइंग स्क्वाड टीमों ने दिल्ली रिंग रोड पर पकड़े 17 उल्लंघन

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ऑपरेशन क्लीन एयर: CAQM की 4 फ्लाइंग स्क्वाड टीमों ने दिल्ली रिंग रोड पर पकड़े 17 उल्लंघन

सारांश

प्रदूषण सीज़न की दस्तक से ठीक पहले CAQM ने दिल्ली रिंग रोड पर कार्रवाई की — 35 किलोमीटर के दायरे में 25 सड़क खंडों की जाँच में 17 उल्लंघन मिले। धूल और C&D कचरे का जमाव बड़ी चिंता, PWD को तत्काल सुधार के निर्देश।

मुख्य बातें

CAQM ने 3 अक्टूबर 2026 को 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत दिल्ली में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया।
4 फ्लाइंग स्क्वाड टीमों ने भीतरी और बाहरी रिंग रोड के लगभग 35 किमी लंबे 25 सड़क खंडों की जाँच की।
निरीक्षण में अत्यधिक धूल और निर्माण-विध्वंस (C&D) कचरे से जुड़े 17 उल्लंघन पाए गए।
दिल्ली PWD और संबंधित एजेंसियों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश जारी।
दिल्ली-एनसीआर में 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 3 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें रिंग रोड के 25 सड़क खंडों पर अत्यधिक धूल और निर्माण-विध्वंस कचरे से जुड़े 17 उल्लंघन पाए गए। आयोग ने 4 अक्टूबर को यह जानकारी सार्वजनिक करते हुए संबंधित एजेंसियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण अभियान का दायरा

आयोग द्वारा गठित 4 फ्लाइंग स्क्वाड टीमों को दिल्ली लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों की जाँच के लिए तैनात किया गया था। इन टीमों ने भीतरी और बाहरी रिंग रोड के कुल लगभग 35 किलोमीटर लंबे 25 सड़क खंडों का बारीकी से निरीक्षण किया।

यह अभियान विशेष रूप से सड़क की सतह पर दिखाई देने वाली धूल की उपस्थिति और सड़क सफाई एवं झाड़ू लगाने के कार्यों की व्यावहारिक प्रभावशीलता को परखने के उद्देश्य से चलाया गया था। गौरतलब है कि सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर तेज़ी से बढ़ने लगता है, और सड़क की धूल उसमें एक प्रमुख योगदानकर्ता मानी जाती है।

मुख्य उल्लंघन और चिंताएँ

निरीक्षण के दौरान पाए गए 17 उल्लंघन मुख्य रूप से दो श्रेणियों में थे — सड़क खंडों पर अत्यधिक धूल का जमाव और निर्माण एवं विध्वंस (C&D) अपशिष्ट का अनधिकृत संचय। आयोग के अनुसार, सड़कों के किनारे और कैरिजवे पर जमा यह धूल और मलबा वाहनों की आवाजाही से पुनः हवा में उड़ता है और परिवेशी वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर डालता है।

आयोग ने स्पष्ट किया कि यह ऐसे समय में आया है जब अक्टूबर से आरंभ होने वाले प्रदूषण-संकट सीज़न से पहले धूल नियंत्रण उपायों को पूरी तरह सक्रिय होना चाहिए था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अभी से सख्त अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो नवंबर-दिसंबर में AQI के 'गंभीर' श्रेणी में पहुँचने की आशंका बनी रहती है।

एजेंसियों को निर्देश

दिल्ली PWD और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्राथमिकता के आधार पर सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए उचित सुधारात्मक उपाय करें। आयोग ने विशेष रूप से जोर दिया है कि सड़कों की नियमित सफाई, जमा हुई धूल और C&D कचरे को समय पर हटाना और सड़कों को धूल रहित बनाए रखना अनिवार्य है।

साथ ही आयोग ने रेखांकित किया कि नियमित और प्रभावी झाड़ू लगाने की प्रक्रिया वाहनों की आवाजाही के कारण धूल के पुनः उड़ने को रोकने में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

आगे भी जारी रहेंगे निरीक्षण

CAQM ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत दिल्ली-एनसीआर में निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे। इनका उद्देश्य वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का आकलन करना, अनुपालन में कमियों की पहचान करना और एजेंसियों द्वारा समय पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में सड़क धूल प्रबंधन को लेकर नियामक एजेंसियाँ सक्रिय हुई हों — पिछले वर्षों में भी ऐसे अभियान चले हैं, परंतु अनुपालन की स्थिरता एक बड़ी चुनौती रही है। इस बार आयोग का यह अभियान प्रदूषण सीज़न की दहलीज़ पर आया है, जिससे इसकी प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वर्ष भर के अनुपालन की जवाबदेही तय नहीं होती। 17 उल्लंघन सिर्फ PWD की विफलता नहीं हैं — ये उस प्रवर्तन तंत्र की कमज़ोरी को उजागर करते हैं जो पूरे साल सक्रिय रहने की बजाय मौसमी हो गया है। असली सवाल यह है कि क्या इन निर्देशों के बाद सुधारात्मक कार्रवाई की निगरानी होगी, या यह अभियान भी पिछले वर्षों की तरह कागज़ों तक सीमित रह जाएगा।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन क्लीन एयर' क्या है?
'ऑपरेशन क्लीन एयर' वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा दिल्ली-एनसीआर में धूल नियंत्रण उपायों के जमीनी क्रियान्वयन की जाँच के लिए चलाया जाने वाला विशेष निरीक्षण अभियान है। इसके तहत फ्लाइंग स्क्वाड टीमें सड़क सफाई, झाड़ू लगाने और C&D कचरे के निपटान की प्रभावशीलता का आकलन करती हैं।
CAQM ने दिल्ली में कितने उल्लंघन पाए?
3 अक्टूबर 2026 को किए गए निरीक्षण अभियान में CAQM की टीमों ने रिंग रोड के 25 सड़क खंडों पर 17 उल्लंघन दर्ज किए। ये उल्लंघन अत्यधिक धूल के जमाव और निर्माण-विध्वंस अपशिष्ट के अनधिकृत संचय से संबंधित थे।
दिल्ली में सड़क की धूल वायु प्रदूषण को कैसे बढ़ाती है?
सड़कों के किनारे और कैरिजवे पर जमा धूल और C&D कचरा वाहनों की आवाजाही के कारण पुनः हवा में उड़ता है, जिससे परिवेशी वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ता है। CAQM के अनुसार, नियमित और प्रभावी सड़क सफाई इस 'रिसस्पेंशन' को रोकने का सबसे कारगर उपाय है।
PWD और अन्य एजेंसियों को क्या निर्देश दिए गए हैं?
CAQM ने दिल्ली PWD और संबंधित एजेंसियों को प्राथमिकता के आधार पर सड़क धूल नियंत्रण के लिए सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए हैं। इनमें नियमित सफाई, जमा धूल और C&D कचरे को समय पर हटाना और सड़कों को धूल रहित बनाए रखना शामिल है।
क्या दिल्ली-एनसीआर में आगे भी ऐसे निरीक्षण होंगे?
हाँ, CAQM ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत दिल्ली-एनसीआर में निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे। इनका उद्देश्य अनुपालन में कमियों की पहचान करना और एजेंसियों द्वारा समय पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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