ज्ञानेश कुमार के खिलाफ VACB जांच जारी: केरल गृह मंत्री चेन्निथला बोले, 'अपराध कभी खत्म नहीं होता'
सारांश
मुख्य बातें
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 14 अक्टूबर 2026 को केरल विधानसभा में स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े करीब दो दशक पुराने आरोपों की सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) जांच सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस जांच के निष्कर्ष प्रक्रिया पूरी होने के बाद सार्वजनिक किए जाएंगे।
मुख्य घटनाक्रम
चेन्निथला ने सदन में कहा, 'यह घटना 20 साल पहले हुई थी, लेकिन अपराध कभी खत्म नहीं होता। जांच शुरू हो गई है और इसमें कुछ घटनाएं शामिल हैं, इसलिए इसमें समय लगेगा। जांच आगे बढ़ेगी और सभी पहलुओं को देखा जाएगा।' यह बयान उन्होंने भारतीय संघ मुस्लिम लीग (IUML) के सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायक ए.के.एम. अशरफ के सवाल के जवाब में दिया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला केरल के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव के रूप में ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल से जुड़े आरोपों पर आधारित है। विवाद का केंद्र मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन की मौत से जुड़ा है, जिनका नवंबर 2006 में कुआलालंपुर में आत्महत्या से निधन हो गया था। ली केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) के अंतर्गत एमसी रोड उन्नयन परियोजना पर कार्यरत PATI-Bell कंसोर्टियम से जुड़े थे। कथित सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार के नाम का उल्लेख होने की बात सामने आई थी, हालाँकि इससे अपने आप किसी गलत काम की पुष्टि नहीं होती।
गौरतलब है कि 4 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता मलयिनकीझु वेणुगोपाल की याचिका के बाद इस मामले में नई जांच के आदेश दिए गए। नई जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वर्ष 2006 में शुरू की गई प्रारंभिक VACB जांच को किसी बाहरी दबाव से प्रभावित किया गया था या नहीं।
सरकार की प्रतिक्रिया और निर्देश
चेन्निथला ने पिछले सप्ताह सतर्कता निदेशक को इन आरोपों की विस्तृत जांच करने और निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राज्य के गृह विभाग ने पहले की सतर्कता जांच से संबंधित रिकॉर्ड भी मांगे हैं। मंत्री ने जांच में बाहरी हस्तक्षेप के आरोपों को गंभीर बताते हुए गहन पड़ताल की जरूरत पर जोर दिया।
राष्ट्रीय संदर्भ और राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह जांच ऐसे समय में सुर्खियों में है, जब कांग्रेस नेतृत्व दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अलग-अलग विवादों के बीच उनका विरोध कर रहा है। हालाँकि, केरल में चल रही VACB जांच का संबंध राष्ट्रीय स्तर के उन विवादों से नहीं, बल्कि करीब दो दशक पहले राज्य अधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल से जुड़े आरोपों से है। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की स्वायत्तता और शीर्ष पदों पर नियुक्तियों को लेकर राष्ट्रीय बहस तेज है।
आगे क्या होगा
राज्य सरकार के अनुसार, जांच में सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा और प्रक्रिया पूरी होने के बाद निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि कथित सुसाइड नोट में नाम के उल्लेख या प्रारंभिक जांच में हस्तक्षेप के आरोप किसी गलत काम की स्वतः पुष्टि नहीं करते — नई जांच इन्हीं सवालों की पड़ताल के लिए अधिकृत की गई है। जांच का दायरा और समयसीमा आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।