एनडीएमसी वीसी कुलजीत सिंह चहल ने जनपथ सबवे में 'हर घर तिरंगा 2026' कला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) के वाइस चेयरमैन कुलजीत सिंह चहल ने 11 अगस्त 2026 को कनॉट प्लेस स्थित जनपथ सबवे आर्ट गैलरी में 'हर घर तिरंगा 2026 – आर्ट एग्जिबिशन और लाइव पेंटिंग वर्कशॉप' का उद्घाटन किया। यह 10-दिवसीय कला प्रदर्शनी भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित की गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर घर तिरंगा अभियान' तथा 'विकसित भारत 2047' के विजन से प्रेरित है।
प्रदर्शनी की मुख्य विशेषताएँ
एनडीएमसी ने 'नव सिद्धार्थ आर्ट ग्रुप' के सहयोग से इस प्रदर्शनी का आयोजन किया है। इसमें 10 प्रमुख कलाकारों की 50 से अधिक कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं। प्रदर्शनी की थीम तिरंगे के रंगों, भारत की सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता आंदोलन, एकता, विविधता और देशभक्ति की भावना पर केंद्रित है। 'आर्ट एक्सप्रेशन पैट्रियटिज्म' — अर्थात कला के माध्यम से देशभक्ति की अभिव्यक्ति — इस आयोजन का मूल सूत्र है।
चहल का संबोधन
दीप प्रज्ज्वलन के बाद चहल ने कहा, 'तिरंगा न केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज है, बल्कि हमारे सामूहिक गौरव, आकांक्षाओं और एकता का प्रतीक भी है। प्रधानमंत्री मोदी के हर घर तिरंगा अभियान ने हर नागरिक के मन में तिरंगे के प्रति भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत किया है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि विकसित भारत का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता, राष्ट्रीय गौरव और जनभागीदारी भी है।
लाइव पेंटिंग वर्कशॉप की खासियत
इस आयोजन की एक विशेष आकर्षण लाइव पेंटिंग वर्कशॉप है, जिसमें कलाकार केवल तिरंगे के चार रंगों — केसरिया, सफेद, हरा और अशोक चक्र का नीला — का उपयोग करते हुए देशभक्तिपूर्ण कलाकृतियाँ बनाएँगे। चहल के अनुसार, यह प्रस्तुति एकता, स्वतंत्रता और भारत की सामूहिक भावना की एक सशक्त कलात्मक अभिव्यक्ति होगी।
सार्वजनिक स्थानों पर कला का विस्तार
एनडीएमसी के कला और संस्कृति सलाहकार हर्ष वर्धन शर्मा ने बताया कि 2023 में भी सबवे में कला प्रदर्शनियों का आयोजन हुआ था, जिन्हें बाद में बंद करना पड़ा था। अब कला और संस्कृति विभाग के माध्यम से इस परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है ताकि सार्वजनिक स्थानों को अधिक जीवंत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाया जा सके।
युवाओं और कला प्रेमियों से आह्वान
चहल ने युवा कलाकारों को 'विकसित भारत 2047' के विजन का रचनात्मक एंबेसडर बताया। उन्होंने छात्रों, युवा कलाकारों और कला प्रेमियों से इस तरह की पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। यह प्रदर्शनी कनॉट प्लेस के एक प्रमुख सार्वजनिक स्थान को जीवंत सांस्कृतिक केंद्र में रूपांतरित करने की एनडीएमसी की व्यापक पहल का हिस्सा है, जो युवाओं, परिवारों, पर्यटकों और कला प्रेमियों को एक साझा मंच पर लाती है।