10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुंगेर: हवलदार संजीव कुमार का निधन, 5 वर्षीय बेटे योगेश ने दी मुखाग्नि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुंगेर: हवलदार संजीव कुमार का निधन, 5 वर्षीय बेटे योगेश ने दी मुखाग्नि

सारांश

मुंगेर के वासुदेवपुर में 22 साल की सेवा के बाद हवलदार संजीव कुमार का निधन हो गया। सबसे मर्मांतक पल वह था जब उनके 5 वर्षीय बेटे योगेश राज ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी — एक ऐसी विदाई जिसने पूरे गाँव को रुला दिया।

मुख्य बातें

हवलदार संजीव कुमार (41 वर्ष), आर्मी एयर डिफेंस रेजीमेंट , का लखनऊ के कमान अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हुआ।
उन्होंने वर्ष 2004 से लगभग 22 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा की; पोस्टिंग गोपालपुर, ओडिशा में थी।
5 वर्षीय पुत्र योगेश राज ने 10 अगस्त को मुंगेर के श्मशान घाट पर पिता को मुखाग्नि दी।
गया से पहुँची सैन्य यूनिट ने हवाई फायर के साथ सैन्य सम्मान अर्पित किया।
संजीव कुमार अपने पीछे पत्नी और दो बेटों (5 वर्ष व 3 वर्ष) को छोड़ गए; ग्रामवासियों ने सरकार से परिवार को सहायता देने की माँग की।

मुंगेर के वासुदेवपुर गाँव में 10 अगस्त 2026 को एक हृदयविदारक दृश्य उस समय उपस्थित हुआ जब आर्मी एयर डिफेंस रेजीमेंट के हवलदार संजीव कुमार के 5 वर्षीय पुत्र योगेश राज ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। 41 वर्षीय हवलदार संजीव कुमार का लखनऊ के कमान अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था, जहाँ वे कुछ दिनों से गंभीर बीमारी के कारण भर्ती थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही सेना के जवान पार्थिव शरीर को ताबूत में रखकर एंबुलेंस से मुंगेर लेकर पहुँचे।

सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

श्मशान घाट पर सेना की परंपरा के अनुसार हवलदार संजीव कुमार को विधिवत सैन्य सलामी दी गई। गया से पहुँची सैन्य यूनिट के जवानों ने बंदूक से हवाई फायर कर उन्हें अंतिम सम्मान अर्पित किया। इस अवसर पर सुबेदार किशोर कुमार, नायक सुभाष कुमार निराला, नायक सुबेदार रंजीत सिंह और सुबेदार दीपक चौधरी सहित अनेक सैन्यकर्मी उपस्थित रहे। तिरंगे में लिपटे ताबूत के समीप खड़े मासूम योगेश को देखकर वहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आँखें भर आईं।

22 वर्षों की निष्ठावान सेवा

हवलदार संजीव कुमार वर्ष 2004 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और उन्होंने लगभग 22 वर्षों तक देश की सेवा की। उनकी वर्तमान पोस्टिंग ओडिशा के गोपालपुर में थी, जहाँ वे आर्मी एयर डिफेंस रेजीमेंट में तैनात थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के कमान अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम साँस ली। सेना के जवान सुभाष कुमार ने कहा, 'संजीव एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे। देश ने एक बहादुर सपूत खो दिया है।'

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हवलदार संजीव कुमार अपने पीछे पत्नी और दो छोटे पुत्रों को छोड़ गए हैं। बड़े बेटे योगेश राज की आयु 5 वर्ष है और छोटे बेटे की लगभग 3 वर्ष। अंतिम संस्कार के दौरान उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था और पार्थिव शरीर को देख वे बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। परिजन और ग्रामवासी उन्हें संभालते रहे। गौरतलब है कि जिस उम्र में बच्चे पिता का हाथ थामकर स्कूल जाते हैं, उस उम्र में योगेश को पिता को अंतिम विदाई देनी पड़ी।

शोक में डूबा वासुदेवपुर

निधन की सूचना मिलते ही वासुदेवपुर और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और सेना के जवान शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने 'शहीद संजीव कुमार अमर रहें' के नारे लगाए। ग्रामवासियों ने सरकार से हवलदार संजीव के परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करने की माँग की है। यह दृश्य इस बात की याद दिलाता है कि सेना के जवानों के परिवार किस तरह की अदृश्य कुर्बानी देते हैं, जिसकी चर्चा प्रायः सुर्खियों से परे रह जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बीमारी और सेवा की थकान से असमय चले जाते हैं — और जिनकी चर्चा राष्ट्रीय शोक की परिधि से बाहर रह जाती है। 22 वर्षों की निष्ठावान सेवा के बाद परिवार की स्थिति यह सवाल उठाती है कि क्या सैन्य स्वास्थ्य सेवाएँ और पारिवारिक पुनर्वास तंत्र पर्याप्त हैं। एक 5 वर्षीय बच्चे का मुखाग्नि देना भावनात्मक रूप से मर्मस्पर्शी है, लेकिन इसके पीछे जो नीतिगत प्रश्न हैं — पेंशन, बच्चों की शिक्षा, विधवा सहायता — वे उतने ही ज़रूरी हैं जितना यह श्रद्धांजलि।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हवलदार संजीव कुमार कौन थे और उनका निधन कैसे हुआ?
हवलदार संजीव कुमार मुंगेर के वासुदेवपुर निवासी और आर्मी एयर डिफेंस रेजीमेंट में तैनात 41 वर्षीय सैनिक थे। बीमार पड़ने पर उन्हें लखनऊ के कमान अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
हवलदार संजीव कुमार के 5 वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि क्यों दी?
परिवार में बड़े पुत्र योगेश राज (5 वर्ष) ने हिंदू परंपरा के अनुसार पिता की चिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य अत्यंत भावुक करने वाला था और उपस्थित सभी लोगों की आँखें नम हो गईं।
हवलदार संजीव कुमार ने सेना में कितने वर्ष सेवा की?
हवलदार संजीव कुमार वर्ष 2004 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और उन्होंने लगभग 22 वर्षों तक देश की सेवा की। उनकी अंतिम पोस्टिंग ओडिशा के गोपालपुर में थी।
अंतिम संस्कार में किस प्रकार का सैन्य सम्मान दिया गया?
गया से पहुँची सैन्य यूनिट के जवानों ने बंदूक से हवाई फायर कर हवलदार संजीव कुमार को अंतिम सम्मान दिया। सुबेदार किशोर कुमार, नायक सुभाष कुमार निराला, नायक सुबेदार रंजीत सिंह और सुबेदार दीपक चौधरी सहित कई सैन्यकर्मी उपस्थित रहे।
हवलदार संजीव कुमार के परिवार के लिए क्या माँग की गई है?
ग्रामवासियों ने सरकार से हवलदार संजीव कुमार के परिवार — पत्नी और दो छोटे बेटों (5 वर्ष व 3 वर्ष) — को हरसंभव सहायता प्रदान करने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले