हजारीबाग होटल पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गैंगस्टर राहुल दुबे ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के हजारीबाग जिले के मटवारी इलाके में स्थित एक होटल पर गुरुवार देर रात अज्ञात हमलावरों ने कई राउंड गोलियाँ चलाकर दहशत का माहौल बना दिया। फायरिंग में होटल के मुख्य प्रवेश द्वार का शीशा चकनाचूर हो गया, जबकि वहाँ तैनात सुरक्षा गार्ड बाल-बाल बच गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। वारदात के तुरंत बाद गैंगस्टर राहुल दुबे के नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया।
घटनाक्रम और पुलिस की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही कोर्रा थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी। हमलावर गोलीबारी के बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस होटल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान हो सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता और गोलीबारी में राहुल दुबे की कथित भूमिका की अलग से जाँच की जा रही है। फायरिंग के पीछे के मकसद और इसमें शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल जारी है।
सोशल मीडिया पोस्ट में धमकी और दावे
राहुल दुबे के नाम से जारी सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि होटल मालिक अभय सिंह द्वारा उसके फोन कॉल और संदेशों की अनदेखी किए जाने के कारण होटल को निशाना बनाया गया। पोस्ट में अभय सिंह को चेतावनी दी गई है कि वह संपर्क करे, अन्यथा अगली बार उसके घर या परिवार पर हमला हो सकता है।
उक्त पोस्ट में हजारीबाग के कोयला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों को भी कथित तौर पर धमकी दी गई है कि वे उससे संपर्क और तथाकथित 'समझौते' के बिना अपना व्यापार न चलाएँ। पोस्ट में न्यू बिरसा साइडिंग में कथित अवैध कोयला उत्खनन का मुद्दा उठाते हुए संजय करमाली और सोनाराम मांझी पर अवैध कोयला उठाने का आरोप भी लगाया गया है।
राहुल दुबे गिरोह की गतिविधियाँ
गैंगस्टर राहुल दुबे का गिरोह झारखंड के रांची, रामगढ़, हजारीबाग और चतरा समेत कई जिलों में सक्रिय बताया जाता है। गिरोह पर कोयला कारोबारियों, बिल्डरों और अन्य व्यवसायियों से रंगदारी वसूली तथा गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम देने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, राहुल दुबे कथित तौर पर विदेश में रहकर सोशल मीडिया पोस्ट, व्हाट्सएप कॉल और संदेशों के जरिए अपने नेटवर्क को संचालित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब हाल के हफ्तों में रांची, हजारीबाग, रामगढ़ और चतरा पुलिस ने अलग-अलग छापेमारी अभियानों में इस गिरोह से जुड़े कई संदिग्ध सदस्यों और शूटरों को गिरफ्तार किया है।
आम जनता और कारोबारियों पर असर
गौरतलब है कि यह घटना हजारीबाग के कारोबारी वर्ग के बीच गहरी चिंता का विषय बन गई है। कोयला व्यापार से जुड़े लोगों को खुलेआम धमकी देना और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा करना, संगठित अपराध के बदलते तरीकों को उजागर करता है।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की जाँच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष तक पहुँचने से पहले साक्ष्यों का मूल्यांकन ज़रूरी है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ इस मामले की दिशा तय करेंगी।