हिजाब विवाद पर भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी का बयान: स्कूल यूनिफॉर्म नियम सबके लिए समान हों
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी ने 29 अगस्त को पुणे में स्कूलों में हिजाब पहनने के मुद्दे पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की हालिया टिप्पणी का समर्थन किया और कहा कि सभी विद्यार्थियों को जाति-धर्म से ऊपर उठकर निर्धारित यूनिफॉर्म नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने हिजाब के मुद्दे को स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से भी जोड़ा।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की टिप्पणी का समर्थन
कुलकर्णी ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में सही कहा है कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है और इसलिए स्कूलों में इसे अनिवार्य नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार, यूनिफॉर्म का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच समानता स्थापित करना है — और इस व्यवस्था से किसी एक धर्म या समुदाय को छूट देना उसी भावना के विरुद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल और कॉलेजों में हिजाब पहनने को अनिवार्य रूप से अनुमति देना आवश्यक नहीं है।
सुरक्षा और पहचान का सवाल
कुलकर्णी ने एक व्यावहारिक सुरक्षा-चिंता भी उठाई। उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्रा का नाम स्कूल में दर्ज हो और उसकी जगह चेहरा ढककर कोई अन्य व्यक्ति आए, तो पहचान सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। परीक्षा व्यवस्था का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई दूसरा व्यक्ति किसी छात्र की जगह परीक्षा देने पहुँचे, तो यह परीक्षा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन होगा — और हिजाब की आड़ में ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मालेगांव में टीपू सुल्तान की तस्वीर पर नाराज़गी
मालेगांव महानगरपालिका के डिप्टी मेयर के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने के सवाल पर कुलकर्णी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को यह तय करना चाहिए कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में किन व्यक्तित्वों को आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया जाए। उनके अनुसार, जिन व्यक्तियों पर इतिहास में भारतीयों के विरुद्ध हिंसा के आरोप दर्ज हैं, उन्हें सरकारी स्थानों पर आदर्श के रूप में स्थापित करना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर लोकतांत्रिक संस्थाओं में गंभीरता से विचार होना चाहिए।
नेपाल-तिब्बत आपदा पर चिंता, केंद्र और महाराष्ट्र सरकार सक्रिय
नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में आई हालिया प्राकृतिक आपदा पर कुलकर्णी ने गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस आपदा में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई गाँवों को भारी नुकसान पहुँचा है। केंद्र सरकार नेपाल में फँसे भारतीय नागरिकों और पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास कर रही है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी राज्य के नागरिकों की वापसी के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रयासरत हैं। यह घटना ऐसे समय में आई है जब सीमावर्ती क्षेत्रों में मानसून के कारण पहले से ही राहत-बचाव कार्य जटिल हो चुके हैं।