क्या हिमाचल में कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता हो रही है?

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क्या हिमाचल में कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता हो रही है?

सारांश

भाजपा के नेता सुरेश कश्यप ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह राज्य के इतिहास में सबसे खराब शासन का दौर है। जानिए क्या हैं उनके दावे और सरकार की प्रतिक्रिया।

Key Takeaways

  • भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप
  • प्रशासनिक विफलता की पहचान
  • सरकार की चुप्पी पर सवाल
  • सांसदों का राजनीतिक संरक्षण के खिलाफ बयान
  • भ्रष्टाचार का साफ सबूत

शिमला, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद सुरेश कश्यप ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता और बढ़ती अराजकता की तीखी आलोचना की। उनका कहना है कि राज्य वर्तमान में अपने इतिहास के सबसे खराब शासन दौर का सामना कर रहा है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के शासन में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था खतरनाक स्तर तक पहुँच गई है, जहाँ न तो सरकारी धन सुरक्षित है और न ही संवैधानिक अनुशासन का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने 2024-25 में जल शक्ति विभाग के 36.77 करोड़ रुपए के जीआई पाइप खरीद घोटाले का जिक्र करते हुए इसे सिस्टमैटिक भ्रष्टाचार का स्पष्ट प्रमाण बताया।

कश्यप ने कहा कि आधिकारिक स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट में यह दर्शाया गया है कि टेंडर नियमों का गंभीर उल्लंघन करते हुए 4,770 मीट्रिक टन जीआई पाइप खरीदे गए।

उन्होंने एक बयान में कहा, "सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में वजन, डिस्पैच और ट्रांस-शिपमेंट जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। कोई वीडियोग्राफी नहीं हुई, कोई आधिकारिक उपस्थिति नहीं थी और किसी भी वैधानिक अनुपालन का रिकॉर्ड नहीं रखा गया। दस्तावेजों में फर्जी ई-वे बिल और संदिग्ध ट्रांस-शिपमेंट के रिकॉर्ड में हेरफेर का पता चलता है, जो संभावित मिलीभगत और बड़े पैमाने पर घोटाले की ओर इशारा करता है।"

सांसद ने यह भी सवाल उठाया कि जब इतनी गंभीर बातें आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड की गई हैं, तो फिर दोषी अधिकारियों या "राजनीतिक संरक्षकों" के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि मात्र 22 करोड़ रुपए का भुगतान रोकना केवल दिखावा है, असली जवाबदेही नहीं।

उन्होंने कहा, "यदि भाजपा ने लगातार इस मुद्दे को नहीं उठाया होता, तो यह घोटाला भी फाइलों में दब जाता।" उन्होंने सरकार पर मामला दबाने का आरोप लगाया।

प्रशासनिक अनुशासन को समाप्त करने का आरोप लगाते हुए सांसद राजीव भारद्वाज ने हाल में दिए गए विवादास्पद बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट की निंदा की।

उन्होंने कहा कि बाहर के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ ऐसी गैर-जिम्मेदार टिप्पणियाँ न केवल संवैधानिक मानदंडों के खिलाफ हैं, बल्कि राज्य की सामाजिक सद्भाव, प्रशासनिक एकता और सांस्कृतिक लोकाचार के लिए भी गंभीर खतरा हैं।

भारद्वाज ने इस बात पर जोर दिया कि देवभूमि के नाम से जाने जाने वाले हिमाचल प्रदेश ने हमेशा देश भर के अधिकारियों और कर्मचारियों का स्वागत किया है, जिन्होंने समर्पण और ईमानदारी से सेवा की है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काना, संस्थानों को कमजोर करना और प्रशासन का राजनीतिकरण करना खतरनाक और अस्वीकार्य है।

दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री की लगातार चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि इससे गंभीर संदेह पैदा होता है।

उन्होंने कहा, "या तो मुख्यमंत्री इन कार्यों का समर्थन कर रहे हैं या उन्होंने अपनी सरकार और प्रशासन पर पूरी तरह से नियंत्रण खो दिया है।"

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ताकि जनता का विश्वास बहाल हो सके।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोप क्यों लगे?
भाजपा के नेता सुरेश कश्यप ने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें सरकारी धन के दुरुपयोग का जिक्र है।
क्या सरकार ने इन आरोपों का जवाब दिया है?
अभी तक कांग्रेस सरकार ने इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो रही है।
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