1 सितंबर 2026
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हिमाचल प्रदेश में स्टांप ड्यूटी संशोधन: महिलाओं को ₹1 करोड़ तक की संपत्ति पर सिर्फ 4% शुल्क

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हिमाचल प्रदेश में स्टांप ड्यूटी संशोधन: महिलाओं को ₹1 करोड़ तक की संपत्ति पर सिर्फ 4% शुल्क

सारांश

हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्टांप ड्यूटी ढाँचे को पूरी तरह बदल दिया है — महिलाओं को ₹1 करोड़ तक की संपत्ति पर सिर्फ 4%, और परिजनों के बीच हस्तांतरण पर महज 0.1% शुल्क। 1899 के पुराने कानून की जगह नई सरल सूची लागू होगी।

मुख्य बातें

भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया गया।
महिलाओं को ₹1 करोड़ तक की संपत्ति पर 4% और उससे अधिक पर 8% स्टांप ड्यूटी देनी होगी।
पुरुषों के लिए ₹40 लाख तक पर 6% और उससे अधिक पर 8% स्टांप ड्यूटी निर्धारित।
पति-पत्नी या माता-पिता व बच्चों के बीच संपत्ति हस्तांतरण पर केवल 0.1% शुल्क।
राज्य के बाहरी खरीदारों और धारा 118 के तहत अनुमति प्राप्त मामलों में 12% एकसमान दर।
शपथ पत्र पर ₹100 और दत्तक ग्रहण दस्तावेज पर ₹2,000 स्टांप शुल्क तय।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1 सितंबर 2026 को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान संपत्ति पंजीकरण और हस्तांतरण से जुड़े स्टांप ड्यूटी नियमों में व्यापक बदलाव की घोषणा की। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है, जिसका उद्देश्य 1899 के पुराने और जटिल कानूनों को आधुनिक एवं सरल स्वरूप देना है। नए प्रावधानों के तहत महिलाओं को संपत्ति स्वामित्व में विशेष रियायत दी गई है और परिवार के भीतर हस्तांतरण पर शुल्क घटाकर मात्र 0.1 प्रतिशत कर दिया गया है।

नई दरें: महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रावधान

नए प्रस्तावित ढाँचे के अनुसार, यदि कोई महिला ₹1 करोड़ तक मूल्य की संपत्ति अपने नाम पंजीकृत कराती है या उसे उपहार (गिफ्ट) के रूप में संपत्ति प्राप्त होती है, तो उसे केवल 4 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी देनी होगी। ₹1 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्ति पर महिलाओं के लिए यह दर 8 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

पुरुषों और अन्य श्रेणियों के लिए ₹40 लाख तक की संपत्ति के पंजीकरण पर 6 प्रतिशत तथा ₹40 लाख से अधिक मूल्य की संपत्ति पर 8 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी लागू होगी।

पारिवारिक हस्तांतरण पर बड़ी राहत

सरकार ने पति-पत्नी या माता-पिता और बच्चों जैसे रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति हस्तांतरण को उल्लेखनीय रूप से सस्ता किया है। ऐसे मामलों में अब कुल संपत्ति मूल्य का केवल 0.1 प्रतिशत स्टांप शुल्क देना होगा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विधानसभा में बताया कि पुराने नियमों में बार-बार किए गए छोटे-छोटे बदलावों से आम नागरिकों में भ्रम की स्थिति बन रही थी, और कई दरें वर्षों से अपरिवर्तित थीं।

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्य महिला संपत्ति स्वामित्व को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजनाएँ ला रहे हैं। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण की दर राष्ट्रीय औसत से अब भी कम रही है।

राज्य के बाहरी खरीदारों पर अलग नियम

हालाँकि, राज्य के बाहर के लोगों और धारा 118 के तहत विशेष अनुमति लेकर ज़मीन खरीदने या लीज पर लेने वाले मामलों में महिला-पुरुष के बीच कोई भिन्न व्यवस्था नहीं होगी। ऐसे सभी मामलों में एकसमान 12 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी लागू होगी।

अन्य दस्तावेजों पर नई दरें

तहसील कार्यालयों में तैयार किए जाने वाले सामान्य शपथ पत्रों (एफिडेविट) पर अब ₹100 का स्टांप शुल्क लगेगा। दत्तक ग्रहण (एडॉप्शन) से संबंधित कानूनी दस्तावेजों के निष्पादन की लागत ₹2,000 तय की गई है। नई एकीकृत सूची शेड्यूल 1-ए के माध्यम से इन सभी दरों को एक ही स्थान पर स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध किया जाएगा।

आगे की राह

विधेयक के पारित होने के बाद नए नियम अधिसूचना की तारीख से प्रभावी होंगे। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं के लिए रियायती दरें संपत्ति स्वामित्व में लैंगिक अंतर को कम करने में सहायक हो सकती हैं, बशर्ते ज़मीनी स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएँ।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है। महिलाओं के लिए रियायती दरें तब तक कागज़ी राहत बनी रहेंगी जब तक तहसील स्तर पर जागरूकता और पारदर्शिता नहीं बढ़ती। गौरतलब है कि धारा 118 के तहत बाहरी खरीदारों पर 12% की एकसमान दर बनाए रखना राज्य की भूमि-संरक्षण नीति की निरंतरता दर्शाता है, जो राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा है। 1899 के कानून को बदलना ज़रूरी था, पर नई शेड्यूल 1-ए की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे डिजिटल पंजीकरण प्रणाली से कितनी कुशलता से जोड़ा जाता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश के नए स्टांप ड्यूटी नियम क्या हैं?
भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत महिलाओं को ₹1 करोड़ तक की संपत्ति पर 4% और उससे अधिक पर 8% स्टांप ड्यूटी देनी होगी। पुरुषों के लिए ₹40 लाख तक पर 6% और उससे अधिक पर 8% दर निर्धारित है।
परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति हस्तांतरण पर कितना शुल्क लगेगा?
पति-पत्नी या माता-पिता और बच्चों जैसे रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति हस्तांतरण पर अब कुल संपत्ति मूल्य का केवल 0.1% स्टांप शुल्क देना होगा, जो पहले की तुलना में काफी कम है।
राज्य के बाहर के लोगों के लिए हिमाचल में संपत्ति खरीदने पर कितनी स्टांप ड्यूटी लगेगी?
राज्य के बाहर के लोगों और धारा 118 के तहत विशेष अनुमति लेकर ज़मीन खरीदने या लीज पर लेने वाले मामलों में 12% एकसमान स्टांप ड्यूटी लागू होगी। इन मामलों में महिला-पुरुष के बीच कोई भिन्न व्यवस्था नहीं है।
नए नियम कब से लागू होंगे?
विधेयक अभी विधानसभा में पेश किया गया है। पारित होने और राज्यपाल की स्वीकृति के बाद अधिसूचना की तारीख से नए नियम प्रभावी होंगे। सरकार ने अभी तक कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है।
शपथ पत्र और दत्तक ग्रहण दस्तावेजों पर कितना स्टांप शुल्क देना होगा?
तहसील कार्यालयों में तैयार किए जाने वाले सामान्य शपथ पत्रों पर ₹100 का स्टांप शुल्क लगेगा। दत्तक ग्रहण (एडॉप्शन) से संबंधित कानूनी दस्तावेजों के निष्पादन की लागत ₹2,000 तय की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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