3 अगस्त 2026
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जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम अनिवार्य करो: वडेट्टीवार की मंडल यात्रा 2026 से ललकार

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जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम अनिवार्य करो: वडेट्टीवार की मंडल यात्रा 2026 से ललकार

सारांश

भंडारा में मंडल यात्रा 2026 की शुरुआत करते हुए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम की अनिवार्यता, 'महाज्योति' के लिए ₹1,000 करोड़ और स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी प्रतिनिधित्व की बहाली की माँग रखी। यात्रा विदर्भ के 11 जिलों से गुजरकर 9 अगस्त को चंद्रपुर में समाप्त होगी।

मुख्य बातें

विजय वडेट्टीवार ने 3 अगस्त 2026 को भंडारा से मंडल यात्रा 2026 की शुरुआत की।
माँग: जाति जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम; सरकार का 'दूसरे चरण' वाला आश्वासन अपर्याप्त बताया।
ओबीसी निगम को मात्र ₹500 करोड़ मिले; वडेट्टीवार ने 'महाज्योति' के लिए ₹1,000 करोड़ और हर जिले-तालुका में हॉस्टल की माँग की।
राज्य की आबादी का लगभग 50 प्रतिशत होने के बावजूद ओबीसी छात्रों के लिए पर्याप्त सुविधाएँ नहीं।
ओबीसी आरक्षण विवाद के कारण स्थानीय निकाय चुनाव अटके, हजारों पद रिक्त — वडेट्टीवार ने इसे राजनीतिक प्रतिनिधित्व घटाने की कोशिश बताया।
यात्रा विदर्भ के 11 जिलों से गुजरकर 9 अगस्त को चंद्रपुर में समाप्त होगी।

कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने 3 अगस्त 2026 को भंडारा में मंडल यात्रा 2026 की शुरुआत करते हुए केंद्र और महाराष्ट्र सरकार दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने माँग की कि जाति-आधारित जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए एक अलग और स्पष्ट कॉलम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। सकल ओबीसी महामोर्चा द्वारा आयोजित यह यात्रा विदर्भ के 11 जिलों से होकर गुजरेगी और 9 अगस्त को चंद्रपुर में संपन्न होगी।

मंडल यात्रा का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

वडेट्टीवार ने बताया कि यह यात्रा पिछले पाँच वर्षों से लगातार निकाली जा रही है, जिसका मूल लक्ष्य मंडल आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाना और ओबीसी समुदाय में उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि भंडारा में उमड़ी भारी भीड़ इस आंदोलन की सामूहिक ताकत का प्रमाण है।

जनगणना में ओबीसी कॉलम पर विवाद

वडेट्टीवार के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा जाति-आधारित जनगणना का मुद्दा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने जनगणना की घोषणा की। हालाँकि, उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा गणना प्रक्रिया में ओबीसी के लिए कोई अलग कॉलम नहीं रखा गया है। आलोचना के बाद सरकार ने दावा किया कि दूसरे चरण में यह कॉलम जोड़ा जाएगा, लेकिन वडेट्टीवार ने सवाल उठाया कि जब पहले चरण में ही ओबीसी को दर्ज नहीं किया जाता, तो ऐसे आश्वासन कितने विश्वसनीय हैं।

ओबीसी निगम और 'महाज्योति' को फंड की माँग

महाराष्ट्र सरकार की आलोचना करते हुए वडेट्टीवार ने बजट आवंटन में असमानता का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, जहाँ अन्य समुदायों के विकास निगमों को भारी धनराशि मिलती है, वहीं ओबीसी निगम को मात्र ₹500 करोड़ आवंटित किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य की आबादी का लगभग 50 प्रतिशत होने के बावजूद ओबीसी छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल और जिला-स्तरीय सुविधाएँ नहीं हैं। उन्होंने 'महाज्योति' संस्थान के लिए कम से कम ₹1,000 करोड़ के आवंटन और हर जिले व तालुका में छात्रावास निर्माण की माँग रखी।

स्थानीय निकाय चुनाव और राजनीतिक प्रतिनिधित्व

वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि ओबीसी आरक्षण से जुड़े अनसुलझे कानूनी मुद्दों के कारण राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव अटके हुए हैं, जिससे हजारों पद रिक्त पड़े हैं। उन्होंने इसे ओबीसी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को जानबूझकर कमजोर करने की कोशिश बताया।

आंदोलन का संदेश और आगे की राह

वडेट्टीवार ने स्पष्ट किया कि वे इस सभा को किसी पार्टी नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक ओबीसी कार्यकर्ता के रूप में संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधायक, मंत्री या सत्ता जैसे पद अस्थायी हैं, लेकिन समुदाय के अधिकार स्थायी हैं। यह आंदोलन, उनके शब्दों में, सिर्फ आँकड़ों की लड़ाई नहीं है — यह शिक्षा, रोजगार, वित्तीय संसाधन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में ओबीसी की आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की लड़ाई है। मंडल यात्रा 2026 के 9 अगस्त को चंद्रपुर में समापन के साथ इस आंदोलन की अगली रणनीति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक है — क्योंकि बिना सटीक आँकड़ों के आरक्षण की न्यायसंगत समीक्षा संभव नहीं। सरकार का 'दूसरे चरण में जोड़ेंगे' वाला तर्क संदिग्ध इसलिए है क्योंकि पहले चरण की अनुपस्थिति में दूसरे चरण का डेटा अधूरा और अविश्वसनीय रहेगा। महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद से स्थानीय निकाय चुनाव वर्षों से लटके हैं — यह प्रशासनिक विफलता है, जिसका खामियाजा सबसे अधिक ओबीसी प्रतिनिधित्व को भुगतना पड़ रहा है। असली सवाल यह है कि जनगणना के बाद भी क्या नीतिगत ढाँचा बदलेगा, या यह आँकड़े फिर किसी रिपोर्ट में दफन हो जाएँगे।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजय वडेट्टीवार ने जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम की माँग क्यों की?
वडेट्टीवार का कहना है कि मौजूदा जनगणना प्रक्रिया के पहले चरण में ओबीसी के लिए कोई अलग कॉलम नहीं है, जिससे समुदाय की सटीक आबादी दर्ज नहीं होगी। उनके अनुसार, बिना सटीक आँकड़ों के शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित करना संभव नहीं।
मंडल यात्रा 2026 क्या है और यह कहाँ-कहाँ जाएगी?
मंडल यात्रा 2026 सकल ओबीसी महामोर्चा द्वारा आयोजित एक जागरूकता अभियान है, जो पिछले पाँच वर्षों से लगातार निकाली जा रही है। यह यात्रा विदर्भ के 11 जिलों से गुजरेगी और 9 अगस्त 2026 को चंद्रपुर में समाप्त होगी।
'महाज्योति' संस्थान के लिए वडेट्टीवार ने क्या माँग रखी?
वडेट्टीवार ने 'महाज्योति' संस्थान के लिए कम से कम ₹1,000 करोड़ के आवंटन की माँग की, जबकि अभी ओबीसी निगम को मात्र ₹500 करोड़ मिल रहे हैं। उन्होंने हर जिले और तालुका में ओबीसी छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने की भी अपील की।
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव क्यों अटके हैं?
वडेट्टीवार के अनुसार, ओबीसी आरक्षण से जुड़े अनसुलझे कानूनी और प्रशासनिक विवादों के कारण राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव रुके हुए हैं, जिससे हजारों पद रिक्त पड़े हैं। उन्होंने इसे ओबीसी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को कमजोर करने की कोशिश बताया।
राहुल गांधी की जाति जनगणना की माँग का क्या असर हुआ?
वडेट्टीवार ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा जाति-आधारित जनगणना का मुद्दा उठाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने जनगणना की घोषणा की। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि घोषणा के बावजूद पहले चरण में ओबीसी कॉलम न होना इस प्रतिबद्धता को अधूरा बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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