जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम अनिवार्य करो: वडेट्टीवार की मंडल यात्रा 2026 से ललकार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने 3 अगस्त 2026 को भंडारा में मंडल यात्रा 2026 की शुरुआत करते हुए केंद्र और महाराष्ट्र सरकार दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने माँग की कि जाति-आधारित जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए एक अलग और स्पष्ट कॉलम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। सकल ओबीसी महामोर्चा द्वारा आयोजित यह यात्रा विदर्भ के 11 जिलों से होकर गुजरेगी और 9 अगस्त को चंद्रपुर में संपन्न होगी।
मंडल यात्रा का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
वडेट्टीवार ने बताया कि यह यात्रा पिछले पाँच वर्षों से लगातार निकाली जा रही है, जिसका मूल लक्ष्य मंडल आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाना और ओबीसी समुदाय में उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि भंडारा में उमड़ी भारी भीड़ इस आंदोलन की सामूहिक ताकत का प्रमाण है।
जनगणना में ओबीसी कॉलम पर विवाद
वडेट्टीवार के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा जाति-आधारित जनगणना का मुद्दा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने जनगणना की घोषणा की। हालाँकि, उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा गणना प्रक्रिया में ओबीसी के लिए कोई अलग कॉलम नहीं रखा गया है। आलोचना के बाद सरकार ने दावा किया कि दूसरे चरण में यह कॉलम जोड़ा जाएगा, लेकिन वडेट्टीवार ने सवाल उठाया कि जब पहले चरण में ही ओबीसी को दर्ज नहीं किया जाता, तो ऐसे आश्वासन कितने विश्वसनीय हैं।
ओबीसी निगम और 'महाज्योति' को फंड की माँग
महाराष्ट्र सरकार की आलोचना करते हुए वडेट्टीवार ने बजट आवंटन में असमानता का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, जहाँ अन्य समुदायों के विकास निगमों को भारी धनराशि मिलती है, वहीं ओबीसी निगम को मात्र ₹500 करोड़ आवंटित किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य की आबादी का लगभग 50 प्रतिशत होने के बावजूद ओबीसी छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल और जिला-स्तरीय सुविधाएँ नहीं हैं। उन्होंने 'महाज्योति' संस्थान के लिए कम से कम ₹1,000 करोड़ के आवंटन और हर जिले व तालुका में छात्रावास निर्माण की माँग रखी।
स्थानीय निकाय चुनाव और राजनीतिक प्रतिनिधित्व
वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि ओबीसी आरक्षण से जुड़े अनसुलझे कानूनी मुद्दों के कारण राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव अटके हुए हैं, जिससे हजारों पद रिक्त पड़े हैं। उन्होंने इसे ओबीसी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को जानबूझकर कमजोर करने की कोशिश बताया।
आंदोलन का संदेश और आगे की राह
वडेट्टीवार ने स्पष्ट किया कि वे इस सभा को किसी पार्टी नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक ओबीसी कार्यकर्ता के रूप में संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधायक, मंत्री या सत्ता जैसे पद अस्थायी हैं, लेकिन समुदाय के अधिकार स्थायी हैं। यह आंदोलन, उनके शब्दों में, सिर्फ आँकड़ों की लड़ाई नहीं है — यह शिक्षा, रोजगार, वित्तीय संसाधन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में ओबीसी की आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की लड़ाई है। मंडल यात्रा 2026 के 9 अगस्त को चंद्रपुर में समापन के साथ इस आंदोलन की अगली रणनीति स्पष्ट होने की उम्मीद है।