लिएंडर पेस का बड़ा बयान: 'गंदी राजनीति' ने रोकी बंगाल की तरक्की, 'डबल इंजन सरकार' से अब मिलेगी नई रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा नेता और पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस ने 7 मई 2026 को कोलकाता में कहा कि पश्चिम बंगाल में 'गंदी राजनीति' के कारण राज्य दशकों से तरक्की की राह पर आगे नहीं बढ़ पाया है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की 'डबल इंजन सरकार' के आने से अब बंगाल के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
चंद्रनाथ रथ की हत्या पर दुख
पेस ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या पर गहरा दुख जताया। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मेरा दिल उनके परिवार, उनकी सुरक्षा में लगे लोगों, उनके आसपास रहने वाले लोगों और उनके परिवारों के लिए दुखी है।" उन्होंने कहा कि 4 मई (चुनाव नतीजों) के बाद पिछले कुछ दिनों में जो हालात सामने आए हैं, उससे साफ पता चलता है कि बंगाल ने तरक्की क्यों नहीं की और उसे तरक्की करने क्यों नहीं दिया गया।
गंदी राजनीति पर तीखा हमला
पेस ने कहा कि बंगाल के लोग एकजुट हैं और मिल-जुलकर रहते हैं, लेकिन 'गंदी राजनीति' ने इस राज्य को पीछे धकेला है। उनके अनुसार, यह बात एक बार फिर स्पष्ट रूप से सामने आ गई है। गौरतलब है कि पेस विधानसभा चुनावों से लगभग छह हफ्ते पहले भाजपा में शामिल हुए थे।
मोदी के नेतृत्व को दिया जीत का श्रेय
भाजपा नेता ने बंगाल में पार्टी की जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा, "छह हफ्ते पहले, जब मैं पार्टी में शामिल हुआ था तो मैंने कहा था कि 'डबल इंजन' का होना बहुत जरूरी है, और अब हमें वह मिल गया है।" पेस ने इसे अपने जीवन की एक नई साझेदारी बताया और कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अपने लोगों की सेवा करने का सौभाग्य मिला है।
बंगाल के भविष्य पर उम्मीद
पेस ने उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल एक बार फिर देश की कृषि, विनिर्माण और खेल राजधानी के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा, "अगर असम और ओडिशा इतने बड़े पावरहाउस बन सकते हैं तो पश्चिम बंगाल भी बिल्कुल वैसा ही कर सकता है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बंगाल को एक 'मिसाल बनने वाले राज्य' के तौर पर देखने की उम्मीद जाहिर की। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनाव के बाद की हिंसा की खबरें चर्चा में हैं और नई सरकार के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।