पश्चिम बंगाल: दस्तावेज सुरक्षा के लिए ECI ने नबन्ना समेत सरकारी कार्यालयों में CRPF तैनात किया
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के प्रमुख सरकारी कार्यालयों में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की टीमें तैनात करने का आदेश दिया है। राज्य में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद संभावित सत्ता परिवर्तन के मद्देनजर सरकारी दस्तावेजों को नष्ट होने से बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
किन कार्यालयों में हुई तैनाती
अधिकारियों के अनुसार, दोपहर में राज्य के कई महत्वपूर्ण सरकारी भवनों में त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) भेजे गए। इनमें राज्य सचिवालय नबन्ना, राइटर्स बिल्डिंग, विकास भवन, जल संपद भवन और खाद्य भवन शामिल हैं। सुरक्षा कारणों से इन कार्यालयों के परिसर में केंद्रीय बलों की निगरानी स्थापित की गई है।
राज्य सरकार के कर्मचारियों के बैग की जाँच की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी कर्मचारी राज्य सचिवालय से बाहर कोई फाइल न ले जाए। अधिकारियों ने बताया कि यह निगरानी तब तक जारी रहेगी जब तक सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए थे। दोनों नेताओं ने बार-बार चेतावनी दी थी कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सत्ता में आने पर सभी फाइलें खोली जाएंगी। माना जा रहा है कि इसी घोषणा के मद्देनजर दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए यह पहल की गई है।
नबन्ना और राइटर्स बिल्डिंग का महत्व
फिलहाल, हावड़ा के मंदिरतला स्थित शरत चटर्जी रोड पर स्थित नबन्ना राज्य सरकार का मुख्य प्रशासनिक भवन है, जहाँ मुख्यमंत्री कार्यालय स्थित है। वाम मोर्चा के शासनकाल में राइटर्स बिल्डिंग आधिकारिक सचिवालय भवन हुआ करता था। अटकलें हैं कि BJP इस ऐतिहासिक भवन को फिर से महत्व दे सकती है और इसके जीर्णोद्धार की योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है।
चुनाव परिणामों की स्थिति
चुनाव आयोग के नवीनतम अपडेट के अनुसार, BJP 203 सीटों पर आगे चल रही थी और उसने 9 सीटें जीती थीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस 84 सीटों पर आगे चल रही है। यह स्थिति राज्य में स्पष्ट सत्ता परिवर्तन की ओर संकेत करती है, जिसके चलते दस्तावेज सुरक्षा की यह आपात पहल और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में प्रशासनिक संक्रमण की प्रक्रिया शुरू होने की आशंका है। आने वाले दिनों में सत्ता हस्तांतरण के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि ECI की यह तैनाती कितनी प्रभावी साबित होती है।