पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा: चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी और सीएपीएफ को 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश दिए

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पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा: चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी और सीएपीएफ को 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश दिए

सारांश

पश्चिम बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद पोस्ट-पोल हिंसा की लहर — टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ और कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी और सीएपीएफ को जीरो टॉलरेंस के कड़े निर्देश दिए। डेढ़ दशक बाद सत्ता-परिवर्तन के साथ राज्य एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजीपी और सीएपीएफ को पोस्ट-पोल हिंसा पर जीरो टॉलरेंस के निर्देश दिए।
BJP ने 293 में से 207 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की; टीएमसी की सीटें 215 से घटकर 80 रह गईं।
टीएमसी ने टॉलीगंज और बेलियाघाटा सहित कई इलाकों में पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया।
अभिषेक बनर्जी के आम्तला स्थित कार्यालय पर भी भीड़ के हमले का दावा किया गया।
कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी या भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर BJP समर्थकों ने नारेबाजी की, बाद में पुलिस ने भीड़ तितर-बितर की।

चुनाव आयोग ने मंगलवार, 6 मई 2025 को पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और राज्य में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) को पोस्ट-पोल हिंसा पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के कड़े निर्देश दिए। यह कदम तब उठाया गया जब सोमवार की शाम से राज्य के कई हिस्सों में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हिंसा की घटनाओं की रिपोर्टें सामने आईं।

मुख्य घटनाक्रम

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आरोप लगाया कि उसके कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई। दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज इलाके में पूर्व टीएमसी विधायक अरूप बिस्वास का पार्टी कार्यालय भी कथित तौर पर तोड़ दिया गया। इसी तरह बेलियाघाटा क्षेत्र में एक टीएमसी कार्यालय में तोड़फोड़ और एक कार्यकर्ता की पिटाई की सूचना है।

टीएमसी ने यह भी दावा किया कि अभिषेक बनर्जी का आम्तला स्थित कार्यालय भी भीड़ के हमले का शिकार हुआ। हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

राजनीतिक बदलाव की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि लगभग डेढ़ दशक बाद पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक परिवर्तन देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 293 में से 207 सीटें जीतकर राज्य की सत्ता हासिल की है, जबकि टीएमसी की सीटें 2021 के 215 से घटकर महज 80 रह गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता-परिवर्तन के बाद हिंसा की आशंका पहले से जताई जा रही थी।

कोलकाता पुलिस की चेतावनी और सोशल मीडिया

कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस ने कहा कि शहर की स्थिति नियंत्रण में है और नागरिकों से ऐसी पोस्ट साझा न करने की अपील की। यह चेतावनी उस समय जारी हुई जब सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे थे, जिनमें चुनाव परिणामों के बाद हिंसा के दावे किए जा रहे थे।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर नारेबाजी

सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास के बाहर BJP के कई कार्यकर्ता और समर्थक इकट्ठा हुए और नारेबाजी की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सैकड़ों BJP समर्थक कालीघाट इलाके में 'जय श्री राम', 'भाजपा जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाते दिखे। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुँचकर भीड़ को तितर-बितर कर स्थिति नियंत्रित की।

आगे क्या होगा

चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद अब सभी की निगाहें राज्य प्रशासन पर टिकी हैं कि वह जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था बहाल करने में कितना सफल होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सत्ता-परिवर्तन के बाद के शुरुआती दिन बेहद संवेदनशील होते हैं और किसी भी ढिलाई से स्थिति बिगड़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह राज्य की उस पुरानी बीमारी की याद दिलाती है जो हर सत्ता-परिवर्तन के साथ उभरती रही है — चाहे वामपंथ से टीएमसी का बदलाव हो या अब टीएमसी से BJP का। चुनाव आयोग का 'जीरो टॉलरेंस' निर्देश स्वागतयोग्य है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह महज कागजी आदेश बनकर रह जाएगा या जमीन पर असर दिखाएगा। आरोप और प्रत्यारोप दोनों तरफ से हैं, और स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है — ऐसे में मीडिया और नागरिक समाज की जिम्मेदारी है कि वे तथ्यों को भावनाओं से अलग रखें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में जीरो टॉलरेंस निर्देश क्यों दिया?
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सोमवार की शाम से राज्य के कई हिस्सों में हिंसा की घटनाओं की रिपोर्टें सामने आईं, जिसके बाद चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी और सीएपीएफ को पोस्ट-पोल हिंसा पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2025 में किसने जीत हासिल की?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 293 में से 207 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सीटें 2021 के 215 से घटकर 80 रह गईं, जो लगभग डेढ़ दशक बाद राज्य में बड़ा राजनीतिक परिवर्तन है।
टीएमसी ने पोस्ट-पोल हिंसा में क्या आरोप लगाए हैं?
टीएमसी ने आरोप लगाया कि टॉलीगंज, बेलियाघाटा और आम्तला सहित कई इलाकों में उसके पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई। पूर्व विधायक अरूप बिस्वास और अभिषेक बनर्जी के कार्यालयों पर भी हमले का दावा किया गया है, हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया पर क्या चेतावनी दी?
कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी या भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी और नागरिकों से ऐसी सामग्री साझा न करने की अपील की। पुलिस ने कहा कि शहर की स्थिति नियंत्रण में है।
ममता बनर्जी के आवास के बाहर क्या हुआ?
सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर BJP के सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक इकट्ठा हुए और 'जय श्री राम', 'भाजपा जिंदाबाद' जैसे नारे लगाए। बाद में पुलिस ने पहुँचकर भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति नियंत्रित की।
राष्ट्र प्रेस
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