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पश्चिम बंगाल चुनाव में सीआरपीएफ पर टीएमसी के गंभीर आरोप: मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र

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पश्चिम बंगाल चुनाव में सीआरपीएफ पर टीएमसी के गंभीर आरोप: मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र

सारांश

तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने सीआरपीएफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है। इस पत्र में चुनावी प्रक्रिया में अनुचित प्रभाव और मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप शामिल हैं।

मुख्य बातें

टीएमसी का आरोप : सीआरपीएफ ने भाजपा को समर्थन दिया।
वीडियो साक्ष्य : फेसबुक पर वायरल वीडियो में यह दिखाई दिया।
कानूनी उल्लंघन : जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र : कार्रवाई की मांग।
निष्पक्ष चुनाव : केंद्रीय बलों की भूमिका पर सवाल।

कोलकाता, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पत्र में यह आरोप किया गया है कि चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए 'फोर्स डिप्लॉयमेंट इन इलेक्शंस मैनुअल, २०२३' और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, १९५१ तथा भारतीय न्याय संहिता, २०२३ का उल्लंघन हुआ है।

इस पत्र में कहा गया है कि फेसबुक पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के आधार पर यह शिकायत की गई है। वीडियो में कुछ नागरिक यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि सीआरपीएफ के जवान कथित तौर पर भाजपा के उम्मीदवारों के साथ घूम रहे थे, भाजपा के पर्चे बांट रहे थे और मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में वोट देने के लिए प्रेरित कर रहे थे।

पत्र में बताया गया है कि यह व्यवहार आपराधिक धमकी और चुनावी प्रक्रिया में अनुचित प्रभाव (धारा १७४) के अंतर्गत आता है। इसमें यह भी कहा गया है कि ऐसा व्यवहार मतदाताओं में डर का माहौल उत्पन्न करता है और स्वतंत्र मतदान के अधिकार को प्रभावित करता है।

टीएमसी ने आगे कहा है कि सीआरपीएफ जैसे केंद्रीय बलों का चुनाव ड्यूटी के दौरान निष्पक्ष रहना अनिवार्य है और इस तरह के कार्य चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हैं।

पत्र में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा १२३ और १२९ का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी पुलिस बल के सदस्य को मतदाताओं को प्रभावित करने या किसी विशेष पार्टी के पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित करने की अनुमति नहीं है।

टीएमसी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अनुरोध किया है कि संबंधित सीआरपीएफ कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं। सभी केंद्रीय बलों को पश्चिम बंगाल में निष्पक्षता और चुनाव आयोग के नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए निर्देशित किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि लोकतंत्र के लिए खतरा है। सभी पक्षों को चुनावी नियमों का पालन करना चाहिए ताकि संसदीय प्रक्रिया की शुचिता बनी रहे।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीएमसी ने सीआरपीएफ पर क्या आरोप लगाए हैं?
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि सीआरपीएफ के जवान भाजपा के उम्मीदवारों के साथ मिलकर मतदाताओं को प्रभावित कर रहे हैं।
पत्र में किन कानूनी धाराओं का उल्लेख किया गया है?
पत्र में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराएँ 123 और 129 का हवाला दिया गया है।
सीआरपीएफ का चुनाव ड्यूटी के दौरान क्या कर्तव्य है?
सीआरपीएफ जैसे केंद्रीय बलों का चुनाव ड्यूटी के दौरान निष्पक्ष रहना अनिवार्य है।
टीएमसी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से क्या मांग की है?
टीएमसी ने संबंधित सीआरपीएफ कर्मियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
चुनाव आयोग की भूमिका क्या है?
चुनाव आयोग का कर्तव्य है कि वह चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और स्वतंत्र बनाए रखे।
राष्ट्र प्रेस
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