पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा: 200 एफआईआर दर्ज, 433 गिरफ्तार; डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने दी जानकारी

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पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा: 200 एफआईआर दर्ज, 433 गिरफ्तार; डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने दी जानकारी

सारांश

बंगाल में चुनाव नतीजों के 48 घंटे के भीतर 200 एफआईआर और 433 गिरफ्तारियाँ — यह आँकड़ा बताता है कि राज्य में पोस्ट-पोल हिंसा कितनी व्यापक है। ECI के 'जीरो टॉलरेंस' आदेश के बाद CAPF की 500 कंपनियाँ अभी भी तैनात हैं।

मुख्य बातें

200 एफआईआर दर्ज और 433 लोग गिरफ्तार — 4 मई 2026 के बाद से पश्चिम बंगाल में पोस्ट-पोल हिंसा के मामलों में।
इसके अतिरिक्त 1,100 लोगों को एहतियाती हिरासत में रखा गया है।
ECI ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और CAPF को 'जीरो टॉलरेंस' नीति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की अतिरिक्त सुरक्षा हटाकर कानून-व्यवस्था में लगाई गई।
CAPF की 500 कंपनियाँ अगले आदेश तक राज्य में तैनात रहेंगी।

पश्चिम बंगाल में 4 मई 2026 को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से राज्य में चुनाव-पश्चात हिंसा की घटनाओं को लेकर अब तक 200 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 433 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्ध नाथ गुप्ता ने बुधवार, 6 मई को कोलकाता में मीडिया को यह जानकारी दी।

गिरफ्तारियाँ और एहतियाती हिरासत

डीजीपी गुप्ता के अनुसार, 433 गिरफ्तारियाँ उन लोगों की हैं जिन पर हिंसा में सीधे तौर पर शामिल होने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 1,100 लोगों को एहतियाती हिरासत में भी रखा गया है। यह कार्रवाई भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के उस निर्देश के एक दिन बाद सामने आई, जिसमें आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) को चुनाव-पश्चात हिंसा के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति सुनिश्चित करने का आदेश दिया था।

ममता और अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में बदलाव

डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव एवं लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी के आवासों तथा कार्यालयों के बाहर से कुछ अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था हटाई गई है। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक हस्तक्षेप करना पड़ा था। 200 एफआईआर और 433 गिरफ्तारियाँ दो दिन के भीतर — यह आँकड़ा बड़ा है, लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने मामले अदालत में टिकेंगे और कितने राजनीतिक दबाव में दब जाएंगे। ECI का 'जीरो टॉलरेंस' निर्देश तभी अर्थपूर्ण होगा जब CAPF की तैनाती के बाद भी स्वतंत्र जाँच सुनिश्चित हो, न कि राज्य पुलिस पर पूरी निर्भरता।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में पोस्ट-पोल हिंसा में अब तक कितनी एफआईआर और गिरफ्तारियाँ हुई हैं?
6 मई 2026 तक कुल 200 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 433 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 1,100 लोगों को एहतियाती हिरासत में रखा गया है।
ECI ने बंगाल में पोस्ट-पोल हिंसा को लेकर क्या निर्देश दिए?
भारतीय चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजीपी और राज्य में तैनात CAPF को चुनाव-पश्चात हिंसा के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह निर्देश 5 मई को जारी किया गया था।
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में क्या बदलाव हुआ?
डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता के अनुसार, दोनों नेताओं को प्रोटोकॉल के तहत विशिष्ट सुरक्षा मिलती रहेगी, लेकिन उनकी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था हटाकर उन सुरक्षाकर्मियों को राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है।
बंगाल में CAPF की तैनाती कब तक रहेगी?
ECI के निर्देशानुसार CAPF की 500 कंपनियाँ अगले आदेश मिलने तक पश्चिम बंगाल में तैनात रहेंगी। ये बल 4 मई के बाद भी राज्य में बने हुए हैं।
डीजीपी ने जनता से क्या अपील की?
डीजीपी गुप्ता ने मीडिया के माध्यम से जनता से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें और शिकायत होने पर पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जहाँ औपचारिक शिकायत नहीं होगी, वहाँ पुलिस स्वयं मामले दर्ज करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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