अहमदाबाद में ₹1.05 करोड़ का एम्बरग्रीस जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार; 'ऑपरेशन थंडर-2026' के तहत कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद शहर अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को नरोदा क्षेत्र में छापेमारी कर 1.051 किलोग्राम एम्बरग्रीस जब्त की और तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। जब्त सामग्री का अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹1,05,10,000 (लगभग ₹1.05 करोड़) बताया गया है। एम्बरग्रीस स्पर्म व्हेल से प्राप्त एक दुर्लभ पदार्थ है, जिसकी भारत में बिक्री और परिवहन वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत प्रतिबंधित है।
मुख्य घटनाक्रम
क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि तीन व्यक्ति नरोदा इलाके में एम्बरग्रीस की खरीद-फरोख्त करने की फिराक में हैं। सूचना की पुष्टि होने पर विशेष टीमों ने जाल बिछाया और तीनों संदिग्धों को मौके पर दबोच लिया। उनके पास से 1.051 किलोग्राम एम्बरग्रीस बरामद हुई।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान इस प्रकार है — महेशभाई राठौड़ (आयु 46 वर्ष), निवासी लीलालनगर, खोडियारनगर, अहमदाबाद; किरण उर्फ भूराभाई भरवाड़ (आयु 25 वर्ष), निवासी रोहिणी गाँव, बस स्टैंड के निकट, खंभात तालुका, आनंद जिला; तथा करण दिनीनाथ गोड (आयु 27 वर्ष), निवासी लीलालनगर, खोडियारनगर, अहमदाबाद। अधिकारियों के अनुसार तीनों कथित तौर पर इस सामग्री की बिक्री और परिवहन में संलिप्त थे।
'ऑपरेशन थंडर-2026' से जुड़ी कार्रवाई
यह छापेमारी केंद्र के 'ऑपरेशन थंडर-2026' के तहत की गई, जो वन्यजीव एवं वन संबंधी अपराधों तथा जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए चलाया गया वैश्विक अभियान है। इसी अभियान के अंतर्गत अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने स्थलीय और समुद्री वन्यजीव तस्करी पर नज़र रखने के लिए अलग-अलग विशेष टीमें गठित की थीं।
गौरतलब है कि एम्बरग्रीस की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अत्यधिक माँग है — परफ्यूम उद्योग में इसका उपयोग होने के कारण यह 'समुद्री सोना' कहलाता है। भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत स्पर्म व्हेल संरक्षित प्राणी है, इसलिए एम्बरग्रीस का कब्ज़ा, परिवहन और व्यापार दंडनीय अपराध है।
जब्ती और जाँच की स्थिति
बरामद 1.051 किलोग्राम एम्बरग्रीस को सरकारी हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह सामग्री कहाँ से प्राप्त की गई, इसकी आपूर्ति श्रृंखला कितनी बड़ी है, और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति अथवा नेटवर्क शामिल है। क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जाँच जारी रहेगी।
वन्यजीव कानून का उल्लंघन
अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण कानूनों के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में वन्यजीव तस्करी विरोधी अभियानों की तीव्रता बढ़ाई गई है, और 'ऑपरेशन थंडर-2026' इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपियों के अन्य संबंधों और पिछली गतिविधियों की भी जाँच की जा रही है, और जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।