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समुद्री क्षेत्र में 12 साल के सुधार का जश्न: सोनोवाल ने किया 'मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव' का ऐलान

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समुद्री क्षेत्र में 12 साल के सुधार का जश्न: सोनोवाल ने किया 'मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव' का ऐलान

सारांश

भारत के समुद्री क्षेत्र में 12 साल के सुधारों का जश्न मनाने के लिए 'मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव' की घोषणा हुई। साथ ही डीजी शिपिंग के तहत एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप बनाने का फैसला — यह बंदरगाह से लेकर ग्रीन शिपिंग तक के क्षेत्र में भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षा को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 26 मई को नई दिल्ली में समुद्री क्षेत्र के 12 वर्षों के सुधार के उपलक्ष्य में 'मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव' की घोषणा की।
उत्सव में बंदरगाह, जहाजरानी, ग्रीन शिपिंग, डिजिटलीकरण और तटीय बुनियादी ढाँचे में भारत की उपलब्धियाँ प्रदर्शित की जाएँगी।
डीजी शिपिंग के अंतर्गत एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप विकसित करने का निर्णय लिया गया, जिससे रियल-टाइम सेवाएँ और शिकायत निवारण एक ही प्रणाली से मिलेंगे।
परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग और कोऑर्डिनेशन कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने मंत्रालयों, राज्य सरकारों, बंदरगाह प्राधिकरणों और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 26 मई को नई दिल्ली में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का समुद्री क्षेत्र 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार होकर आगे बढ़ रहा है और प्रत्येक सुधार का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने समुद्री क्षेत्र में 12 वर्षों के सुधार और विकास के उपलक्ष्य में देशभर में 'मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव' आयोजित करने की घोषणा की।

मुख्य घटनाक्रम

सोनोवाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें भारत के समुद्री क्षेत्र में तेज़ बदलाव लाने के लिए सुधार-आधारित रोडमैप पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में सुशासन को सुदृढ़ करने, कारोबार में आसानी बढ़ाने, डिजिटल इंटीग्रेशन को प्रभावी बनाने और प्रमुख समुद्री परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।

'मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव' के माध्यम से बंदरगाह, जहाजरानी, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय बुनियादी ढाँचे, ग्रीन शिपिंग, डिजिटलीकरण और समुद्री कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप की पहल

डिजिटल गवर्नेंस और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रालय ने महानिदेशालय जहाजरानी (डीजी शिपिंग) के अंतर्गत एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप विकसित करने का निर्णय लिया है। इस प्रस्तावित प्लेटफॉर्म के ज़रिये सभी हितधारकों को रियल-टाइम सेवाएँ, डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन, शिकायत निवारण और एकीकृत समुद्री सेवाएँ एक ही डिजिटल प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएँगी।

समन्वय और निगरानी तंत्र

सोनोवाल ने मंत्रालयों, राज्य सरकारों, बंदरगाह प्राधिकरणों, समुद्री संस्थानों और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि बड़े समुद्री और लॉजिस्टिक प्रोजेक्ट्स पर त्वरित निर्णय लिए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को मंत्रालयों के बीच संस्थागत परामर्श व्यवस्था को मज़बूत करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त, परिणामों, प्रतिबद्धताओं और रणनीतिक पहलों की समीक्षा एवं निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग और कोऑर्डिनेशन कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए गए।

मंत्री का विज़न

सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के समुद्री क्षेत्र में 'रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और इन्फॉर्म' के मंत्र के ज़रिये अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा, 'मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव भारत के आधुनिक, प्रभावी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री शक्ति बनने की यात्रा का जश्न होगा।'

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी समुद्री अर्थव्यवस्था को वैश्विक व्यापार में एक निर्णायक भूमिका दिलाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। आगामी 'मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव' के ब्यौरे और आयोजन की तारीखें शीघ्र घोषित किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि 12 साल के सुधारों से बंदरगाह टर्नअराउंड समय, शिपिंग लागत और रोज़गार सृजन के ठोस आँकड़े क्या कहते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म की घोषणा स्वागतयोग्य है, परंतु सरकारी तकनीकी परियोजनाओं में समयसीमा चूकने का इतिहास रहा है। 'मॉनिटरिंग कमेटी' का गठन जवाबदेही की दिशा में सही कदम है — बशर्ते इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक हो। वैश्विक समुद्री सूचकांकों में भारत की स्थिति तब तक नहीं सुधरेगी जब तक उत्सव से आगे बढ़कर मापने योग्य परिणाम सामने न आएँ।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव' क्या है?
यह भारत के समुद्री क्षेत्र में 12 वर्षों के सुधार और विकास को रेखांकित करने के लिए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा घोषित एक राष्ट्रव्यापी आयोजन है। इसमें बंदरगाह, जहाजरानी, ग्रीन शिपिंग, डिजिटलीकरण और समुद्री कनेक्टिविटी में भारत की उपलब्धियाँ प्रदर्शित की जाएँगी।
डीजी शिपिंग का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म क्या सुविधाएँ देगा?
प्रस्तावित एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के ज़रिये हितधारकों को रियल-टाइम सेवाएँ, डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन, शिकायत निवारण और समुद्री सेवाएँ एक ही प्रणाली से मिलेंगी। यह कारोबार में आसानी और डिजिटल गवर्नेंस को बेहतर बनाने के लिए बनाया जा रहा है।
समुद्री क्षेत्र में नई मॉनिटरिंग कमेटी का क्या काम होगा?
यह विशेष कमेटी समुद्री परियोजनाओं के परिणामों, प्रतिबद्धताओं और रणनीतिक पहलों की समीक्षा और निगरानी करेगी। इसका उद्देश्य परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
भारत के समुद्री क्षेत्र में किन प्रमुख सुधारों पर ध्यान दिया जा रहा है?
बैठक में सुशासन, कारोबार में आसानी, डिजिटल इंटीग्रेशन, शिकायत निवारण और प्रमुख परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर ज़ोर दिया गया। ग्रीन शिपिंग और अंतर्देशीय जलमार्ग विकास भी प्राथमिकता में हैं।
इस पहल से किसे फायदा होगा?
बंदरगाह प्राधिकरण, शिपिंग कंपनियाँ, लॉजिस्टिक्स उद्योग और आम व्यापारी — सभी को डिजिटल सेवाओं और बेहतर समन्वय से लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकारें और समुद्री संस्थान भी इस व्यापक सुधार ढाँचे के हिस्सेदार होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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