काजुगुमलाई मंदिर में बंदरों से घबराई नवविवाहिता की पहाड़ी से गिरकर मौत, थूथुकुडी में मातम
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में 27 जून 2026 को एक तीर्थयात्रा दुखांत में बदल गई, जब काजुगुमलाई स्थित कलुगासलामुर्थी मंदिर परिसर में 24 वर्षीया नवविवाहिता अनीता बंदरों के झुंड से बचने की कोशिश में पहाड़ी की चोटी से नीचे गिर गईं और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस के प्रारंभिक बयान के अनुसार, महिला का संतुलन अचानक बिगड़ा और वे पथरीली जमीन पर जा गिरीं।
घटना का घटनाक्रम
साउथ थिट्टनकुलम निवासी अनीता का विवाह मात्र एक महीने पहले सुरेश से हुआ था, जो विदेश में कार्यरत थे और हाल ही में स्वदेश लौटे थे। दोनों ने काजुगुमलाई के प्रसिद्ध कलुगासलामुर्थी मंदिर में दर्शन करने का निर्णय लिया। मुख्य मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद वे पहाड़ी की चोटी पर स्थित उचिप्पिल्लयार मंदिर पहुँचे।
पुलिस जाँच के अनुसार, जब दंपती बंदरों को फल खिला रहे थे, तभी अचानक बड़ी संख्या में बंदर उनके इर्द-गिर्द जमा हो गए। बंदरों की इस अप्रत्याशित हरकत से अनीता घबरा गईं और तेज़ी से वहाँ से हटने की कोशिश करने लगीं। इसी घबराहट में पहाड़ी के किनारे उनका पैर फिसल गया और वे नीचे पथरीली ज़मीन पर जा गिरीं।
बचाव और मृत्यु की पुष्टि
यह हादसा अनीता के पति सुरेश की आँखों के सामने हुआ, जिससे वे गहरे सदमे में चले गए। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी तुरंत सहायता के लिए आगे आए, किंतु अनीता को बचाया नहीं जा सका। पुलिस कर्मियों ने स्थानीय निवासियों और मंदिर प्रशासन की मदद से पहाड़ी से शव बरामद किया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया। मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँचकर्ता घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें शोकाकुल पति को पत्नी के शव के पास विलाप करते देखा जा सकता है, जबकि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई थी।
पहाड़ी मंदिरों में बंदरों की बढ़ती समस्या
इस दुखद घटना ने तमिलनाडु के पहाड़ी तीर्थ स्थलों पर बंदरों की बढ़ती उपस्थिति को लेकर पुरानी चिंताओं को फिर से सतह पर ला दिया है। मंदिर प्रशासन और वन विभाग बार-बार श्रद्धालुओं को जंगली जानवरों को भोजन न खिलाने की सलाह देते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इस चेतावनी की अनदेखी के कारण बंदरों का व्यवहार उत्तरोत्तर आक्रामक होता जा रहा है, जिससे भीड़भाड़ वाले तीर्थ स्थलों पर दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ता है।
गौरतलब है कि पहाड़ी मंदिरों पर बंदरों द्वारा श्रद्धालुओं को परेशान करने की घटनाएँ तमिलनाडु में नई नहीं हैं, लेकिन इस तरह की जानलेवा दुर्घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने पुष्टि की है कि उपलब्ध साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि अनीता बंदरों से डरकर अनजाने में फिसल गईं। जाँच जारी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। मंदिर प्रशासन से भी पूछताछ किए जाने की संभावना है कि क्या पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद थे।