27 जून 2026
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स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी पर हिंदू महासभा का विरोध, आगरा में प्रतीकात्मक प्रदर्शन

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स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी पर हिंदू महासभा का विरोध, आगरा में प्रतीकात्मक प्रदर्शन

सारांश

आगरा में अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने स्वामी प्रसाद मौर्य की कथित अशोभनीय धार्मिक टिप्पणियों पर तीखा विरोध दर्ज कराया। महिला अध्यक्ष मीरा राठौड़ के ₹5 लाख इनाम वाले बयान ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है।

मुख्य बातें

अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने 27 जून को आगरा में स्वामी प्रसाद मौर्य की धार्मिक टिप्पणियों के विरुद्ध प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय प्रमुख अवतार सिंह गिल ने मौर्य को चेतावनी दी कि वे अभी भी अपनी राह सुधार सकते हैं, अन्यथा गंभीर परिणाम होंगे।
महिला अध्यक्ष मीरा राठौड़ ने ₹5 लाख के इनाम का विवादास्पद और कानूनी रूप से संदिग्ध ऐलान किया।
महानगर अध्यक्ष निशा ठाकुर ने मौर्य को 'मानसिक रूप से अस्वस्थ' बताते हुए उन्हें 'पागलखाने में भर्ती' कराने की माँग की।
मौर्य पहले भी धार्मिक विषयों पर विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं।

अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने आगरा में 27 जून को स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा देवताओं पर की गई कथित अशोभनीय टिप्पणियों के विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन के नेताओं ने मौर्य की तीखी आलोचना करते हुए उन्हें अपने बयानों पर पुनर्विचार करने की चेतावनी दी। इस अवसर पर लोगों ने प्रतीकात्मक रूप से भी विरोध दर्ज कराया।

महासभा प्रमुख की प्रतिक्रिया

अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रमुख अवतार सिंह गिल ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य लंबे समय से मंदिरों और गुरुद्वारों के संदर्भ में अनुचित बयान देते आए हैं। उन्होंने कहा, 'स्वामी प्रसाद मौर्य के पास अभी भी समय है कि वे अपनी राह सुधार लें, अन्यथा परिणाम गंभीर होंगे।' गिल ने यह भी कहा कि मौर्य के आचरण से सुधार की कोई संभावना नज़र नहीं आती।

महिला अध्यक्ष का विवादास्पद बयान

अखिल भारतीय हिंदू महासभा की महिला अध्यक्ष मीरा राठौड़ ने आरोप लगाया कि मौर्य केवल हिंदू देवताओं — भगवान राम और हनुमान — पर टिप्पणी करते हैं, जबकि अन्य धर्मस्थलों के बारे में मौन रहते हैं। उन्होंने एक विवादास्पद बयान में कहा कि जो व्यक्ति मौर्य की 'जीभ काटकर' लाएगा, उसे ₹5 लाख का इनाम दिया जाएगा। यह बयान स्पष्ट रूप से उकसावे वाला और कानूनी दृष्टि से संदिग्ध है।

महानगर अध्यक्ष की टिप्पणी

अखिल भारतीय हिंदू महासभा की महानगर अध्यक्ष निशा ठाकुर ने मौर्य को 'मानसिक रूप से अस्वस्थ' बताते हुए उन्हें 'पागलखाने में भर्ती' कराने की माँग की। उन्होंने कहा कि जब तक मौर्य 'ठीक' नहीं हो जाते, उन्हें वहाँ से नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

संदर्भ और पृष्ठभूमि

स्वामी प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ राजनेता हैं, जो पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) में थे और बाद में अन्य दलों से जुड़े। वे पहले भी धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं पर विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक भावनाओं को लेकर राजनीतिक संवेदनशीलता उच्च स्तर पर है।

आगे क्या

हिंदू महासभा के नेताओं ने संकेत दिया है कि यदि मौर्य ने माफी नहीं माँगी तो विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। मीरा राठौड़ के इनाम वाले बयान पर कानूनी कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्वयं कानूनी जाँच का विषय बन सकते हैं। यह विडंबना है कि एक धार्मिक संगठन, जो अशोभनीय भाषा का विरोध करने निकला है, स्वयं हिंसा को प्रोत्साहित करने वाली भाषा का उपयोग कर रहा है। मुख्यधारा की कवरेज मौर्य के बयानों पर केंद्रित रहती है, लेकिन इस प्रतिक्रिया की भाषा की जवाबदेही भी उतनी ही ज़रूरी है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वामी प्रसाद मौर्य ने क्या विवादित टिप्पणी की थी?
स्रोत के अनुसार, स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान राम और हनुमान सहित हिंदू देवताओं के बारे में कथित तौर पर अशोभनीय टिप्पणियाँ की थीं। मौर्य पहले भी धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं पर विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं।
अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने क्या माँग की है?
संगठन ने मौर्य से माफी और अपने बयानों पर पुनर्विचार की माँग की है। राष्ट्रीय प्रमुख अवतार सिंह गिल ने चेतावनी दी है कि यदि मौर्य नहीं सुधरे तो परिणाम गंभीर होंगे।
मीरा राठौड़ के ₹5 लाख इनाम वाले बयान पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
महिला अध्यक्ष मीरा राठौड़ का यह बयान कानूनी दृष्टि से उकसावे की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे बयानों पर भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई संभव है, हालाँकि अभी तक किसी एफआईआर की जानकारी सामने नहीं आई है।
स्वामी प्रसाद मौर्य कौन हैं?
स्वामी प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ राजनेता हैं, जो पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) में थे। वे धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर विवादित बयानों के कारण बार-बार चर्चा में आते रहे हैं।
यह विरोध प्रदर्शन कहाँ और कब हुआ?
यह विरोध प्रदर्शन 27 जून को आगरा में हुआ, जहाँ अखिल भारतीय हिंदू महासभा के नेताओं ने प्रतीकात्मक रूप से मौर्य का विरोध किया।
राष्ट्र प्रेस
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