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भगवान राम पर विवादित बयान से स्वामी प्रसाद मौर्य को कुछ नहीं मिलेगा: जगदंबिका पाल

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भगवान राम पर विवादित बयान से स्वामी प्रसाद मौर्य को कुछ नहीं मिलेगा: जगदंबिका पाल

सारांश

BJP सांसद जगदंबिका पाल ने बस्ती में स्वामी प्रसाद मौर्य के भगवान राम संबंधी बयानों को कुंठा और बौखलाहट का नतीजा बताया। पाल का कहना है कि राजनीतिक रूप से गुमनाम हो चुके मौर्य को ऐसे बयानों से कोई लाभ नहीं मिलेगा।

मुख्य बातें

BJP सांसद जगदंबिका पाल ने 25 जून 2026 को बस्ती में स्वामी प्रसाद मौर्य के भगवान राम पर दिए विवादित बयान की कड़ी निंदा की।
पाल ने कहा कि मौर्य तुष्टिकरण की राजनीति के कारण जनता द्वारा नकारे जाने से कुंठित और बौखलाए हुए हैं।
पाल ने मौर्य की राजनीतिक जड़ें बहुजन समाज पार्टी (BSP) से जोड़ते हुए उनकी भाषाशैली पर सवाल उठाए।
BJP सांसद ने समाजवादी पार्टी , कांग्रेस , ममता बनर्जी और एम.
स्टालिन पर भी निशाना साधा।
पाल ने दावा किया कि 2027 के चुनावों में कांग्रेस और सपा की स्थिति अनुकूल नहीं रहेगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद जगदंबिका पाल ने 25 जून 2026 को बस्ती में पत्रकारों से बातचीत में स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा भगवान राम पर की गई अशोभनीय टिप्पणी की कड़ी निंदा की। पाल ने कहा कि भगवान राम और सनातन धर्म पर इस तरह की टिप्पणियाँ करना मौर्य की पुरानी आदत बन चुकी है, जो पूरी तरह अनुचित है।

कुंठा और बौखलाहट का आरोप

जगदंबिका पाल ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने लंबे समय तक तुष्टिकरण की राजनीति की, लेकिन जनता ने उन्हें सिरे से नकार दिया। पाल के अनुसार, इसी राजनीतिक उपेक्षा के कारण मौर्य के मन में गहरी कुंठा और बौखलाहट है, जो उनके विवादित बयानों में झलकती है।

पाल ने तीखे शब्दों में कहा कि यदि मौर्य को किसी नेता से असहमति है, तो वे किसी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की कार्यशैली की आलोचना कर सकते हैं — यह लोकतंत्र में स्वाभाविक है। परंतु भगवान राम को लेकर विवादित टिप्पणी करना न केवल अनुचित है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी निरर्थक है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि पर निशाना

BJP सांसद ने मौर्य की राजनीतिक यात्रा का विश्लेषण करते हुए कहा कि उनकी शुरुआत बहुजन समाज पार्टी (BSP) से हुई थी। पाल के अनुसार, मौर्य की भाषाशैली पर BSP की विचारधारा का गहरा प्रभाव है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज BSP की राजनीतिक स्थिति किसी से छुपी नहीं है।

पाल ने कहा कि मौर्य कभी भगवान राम पर तो कभी रामचरितमानस पर अशोभनीय टिप्पणियाँ करते रहते हैं। उनके अनुसार, आज की तारीख में मौर्य राजनीतिक जीवन में लगभग गुमनाम हो चुके हैं और ऐसे में इस तरह की टिप्पणियों से उन्हें कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला।

विपक्षी दलों पर भी हमला

जगदंबिका पाल ने इस अवसर पर समाजवादी पार्टी (SP) और अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव लगातार बयान और ट्वीट कर रहे हैं, लेकिन ज़मीन पर उनकी उपस्थिति नहीं दिखती। पाल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वालों की भी आलोचना की।

उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में एम. के. स्टालिन को हार का सामना करना पड़ा। पाल ने यह भी कहा कि 2027 के चुनावों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की स्थिति भी अनुकूल नहीं रहेगी — हालाँकि यह उनका राजनीतिक आकलन है, न कि कोई प्रमाणित तथ्य।

आगे क्या

स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ जारी हैं। BJP की ओर से इस तरह की सीधी और तीखी प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि पार्टी धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर किसी भी विपक्षी नेता को राजनीतिक छूट देने के मूड में नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी समीकरण इतने सरल नहीं होते।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगदंबिका पाल ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर क्या कहा?
BJP सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य तुष्टिकरण की राजनीति के कारण जनता द्वारा नकारे जाने की वजह से कुंठित हैं और इसी बौखलाहट में भगवान राम पर अशोभनीय टिप्पणियाँ कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे बयानों से मौर्य को कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान राम पर क्या टिप्पणी की थी?
स्रोत के अनुसार स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान राम और सनातन धर्म पर अशोभनीय टिप्पणी की, जिसे BJP ने आपत्तिजनक बताया। इससे पहले भी वे रामचरितमानस पर विवादित बयान दे चुके हैं। टिप्पणी की सटीक सामग्री का विवरण उपलब्ध स्रोत में नहीं है।
जगदंबिका पाल ने मौर्य की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर क्या कहा?
पाल ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य की राजनीतिक यात्रा बहुजन समाज पार्टी (BSP) से शुरू हुई और उनकी भाषाशैली पर BSP की विचारधारा का गहरा प्रभाव है। उन्होंने BSP की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को भी कमज़ोर बताया।
पाल ने समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर क्या टिप्पणी की?
जगदंबिका पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी की दुर्गति किसी से छुपी नहीं है और अखिलेश यादव के बयान व ट्वीट ज़मीनी असर नहीं दिखाते। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2027 के चुनावों में कांग्रेस और सपा की स्थिति अनुकूल नहीं रहेगी।
क्या भगवान राम पर की गई टिप्पणियों से मौर्य को राजनीतिक फायदा मिल सकता है?
BJP सांसद जगदंबिका पाल के अनुसार, आज की तारीख में स्वामी प्रसाद मौर्य राजनीतिक जीवन में गुमनाम हैं और भगवान राम पर विवादित बयान देने से उन्हें कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा। पाल का मानना है कि यह केवल कुंठा की अभिव्यक्ति है।
राष्ट्र प्रेस
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