हावड़ा होटल रेड: सीबीआई ने RDSO के 2 अधिकारियों समेत 4 को ₹4 लाख रिश्वत में रंगे हाथों पकड़ा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित एक होटल में जाल बिछाकर ₹4 लाख की रिश्वत लेते हुए चार आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इनमें लखनऊ स्थित अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (RDSO) के दो सरकारी कर्मचारी और कोलकाता की एक निजी कंपनी के दो प्रतिनिधि शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
सीबीआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सरकारी कर्मचारियों में RDSO के उप निदेशक आशुतोष कुमार और वरिष्ठ अनुभाग अभियंता दीपक कुमार शामिल हैं। निजी क्षेत्र के दो आरोपियों की पहचान कोलकाता स्थित उत्कर्ष इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि शशांक अग्रवाल और स्वरूप कुमार राय के रूप में हुई है।
मुख्य आरोप: निरीक्षण रिपोर्ट के बदले रिश्वत
सीबीआई के अनुसार, आरोप है कि RDSO के इन दोनों सरकारी कर्मचारियों ने कोलकाता की एक निजी कंपनी के पक्ष में अनुकूल संयंत्र एवं मशीनरी निरीक्षण रिपोर्ट जारी करने के बदले कथित तौर पर अनुचित लाभ की माँग की थी। एजेंसी ने जाल बिछाकर हावड़ा के एक होटल में ₹4 लाख की रिश्वत का लेन-देन होते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
गौरतलब है कि RDSO रेलवे से संबद्ध एक प्रमुख केंद्रीय तकनीकी संस्था है, जो उपकरणों और सामग्री की मानकीकरण एवं निरीक्षण प्रक्रियाओं की देखरेख करती है। ऐसे में इस संस्था के अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप रेलवे खरीद और सुरक्षा मानकों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हैं।
तलाशी में बड़े पैमाने पर साक्ष्य बरामद
सीबीआई ने बताया कि ₹4 लाख की रिश्वत के अतिरिक्त आरोपियों के पास से ₹4.73 लाख नकद और भी बरामद किए गए हैं। इसके बाद एजेंसी ने कोलकाता, लखनऊ और बिहार में आरोपियों के आवासीय व कार्यालय परिसरों में छापेमारी की, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य ज़ब्त किए गए। सभी चारों आरोपियों को संबंधित विशेष सीबीआई न्यायालय में पेश किए जाने की तैयारी है।
बोकारो में भी अलग मामले में गिरफ्तारी
यह ऐसे समय में आया है जब सीबीआई ने उसी दिन एक अलग मामले में भी कार्रवाई की। दक्षिण पूर्वी रेलवे के आद्रा डिवीजन के बोकारो स्थित भोजुडीह के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक चंद्र शेखर गुप्ता को ₹25,000 की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई के बयान के अनुसार, आरोप है कि गुप्ता ने चिकित्सा अवकाश स्वीकृत कराने के बदले शिकायतकर्ता से ₹25,000 की माँग की थी। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने जाल बिछाया और गुप्ता को ₹10,000 की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। उनके कार्यालय और आवास की भी तलाशी ली गई। गुप्ता को धनबाद स्थित विशेष सीबीआई न्यायालय में पेश किया जाएगा।
आगे क्या होगा
सभी आरोपियों के विरुद्ध 15 सितंबर 2026 को ही मामला दर्ज कर लिया गया है। अदालत में पेशी के बाद न्यायिक हिरासत या ज़मानत पर फैसला होगा। सीबीआई की यह कार्रवाई सरकारी खरीद और रेलवे निरीक्षण तंत्र में पारदर्शिता को लेकर व्यापक चिंताओं के बीच आई है और इस दिशा में जाँच के और आगे बढ़ने की संभावना है।