सचिन पायलट के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस का चंडीगढ़ में मार्च, वित्त मंत्री चीमा के इस्तीफे की मांग
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के नव नियुक्त महासचिव और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में हजारों कार्यकर्ताओं के साथ पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा के आवास की ओर मार्च किया। दलित गुलजार सिंह की आत्महत्या के लिए चीमा को कथित तौर पर उकसावे का ज़िम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस ने उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की। यह मार्च इस मायने में भी उल्लेखनीय रहा कि लंबे समय से आपसी मतभेदों में उलझे पंजाब कांग्रेस के नेता एकजुट होकर सड़क पर उतरे।
मार्च और पुलिस कार्रवाई
भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को चीमा के आवास तक पहुँचने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। वाटर कैनन की तेज बौछार में वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुलजीत नागरा सहित कई पार्टी कार्यकर्ता घायल हो गए।
पायलट के आरोप और सवाल
मार्च को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का वित्त मंत्री के प्रति कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है, बल्कि यह कानूनी और नैतिक सवाल है। उन्होंने पूछा कि जब किसी व्यक्ति ने अपने मृत्यु पूर्व बयान में किसी मंत्री का नाम लिया हो, तो क्या कानूनन उस मंत्री के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करना अनिवार्य नहीं है?
पायलट ने कहा कि गुलजार सिंह की मौत पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के शासन की वास्तविकता को उजागर करती है। उनके अनुसार, एक गरीब दलित को केवल इसलिए जान देनी पड़ी क्योंकि उसने उन नशीले पदार्थों की खुलेआम उपलब्धता पर सवाल उठाया था, जिनकी चपेट में उसका बेटा आ चुका था।
AAP पर नशे के मुद्दे पर हमला
कांग्रेस नेता ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के उस चुनावी वादे की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने सरकार बनने के तीन महीने के भीतर पंजाब से नशे का सफाया करने का दावा किया था। पायलट ने कहा कि AAP के लगभग पाँच साल के शासन के बाद अब 'चिट्टा' (हेरोइन-आधारित नशीला पदार्थ) इतनी सहजता से उपलब्ध है कि उसकी 'होम डिलीवरी' तक हो रही है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि AAP ने चुनाव पूर्व एक दलित उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति का वादा किया था, लेकिन वह वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि दलित उपमुख्यमंत्री तो दूर, दलित समुदाय के लोग AAP शासन में आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
कांग्रेस की एकजुटता का संदेश
पायलट ने अल्प समय में हजारों की संख्या में जुटे पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया और उन्हें आश्वस्त किया कि कांग्रेस हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी। AICC प्रभारी के रूप में उन्होंने संकल्प लिया कि न्याय की हर लड़ाई में वे सबसे आगे रहेंगे और पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता की गरिमा की रक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब में AAP सरकार और विपक्षी दल के बीच दलित अधिकार और नशा-विरोधी नीतियों को लेकर टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को और तेज़ करने की रणनीति पर काम कर सकती है।