9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हैदराबाद बोनालु 2025: लाल दरवाजा महाकाली मंदिर में 118वाँ उत्सव, हजारों भक्तों ने चढ़ाया बोनम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हैदराबाद बोनालु 2025: लाल दरवाजा महाकाली मंदिर में 118वाँ उत्सव, हजारों भक्तों ने चढ़ाया बोनम

सारांश

हैदराबाद में 118वें बोनालु उत्सव पर लाल दरवाजा सिंहवाहिनी महाकाली मंदिर में हजारों भक्तों ने बोनम चढ़ाया। मंत्रियों से लेकर टॉलीवुड सितारों तक सभी ने देवी महाकाली के दर्शन किए। 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ दो दिवसीय उत्सव का समापन सोमवार को होगा।

मुख्य बातें

हैदराबाद के लाल दरवाजा स्थित सिंहवाहिनी महाकाली मंदिर में 118वाँ वार्षिक बोनालु उत्सव मनाया गया।
राज्य मंत्री कोंडा सुरेखा , पोन्नम प्रभाकर , केंद्रीय मंत्री जी.
किशन रेड्डी और बंडी संजय कुमार सहित कई नेताओं ने विभिन्न मंदिरों में पूजा की।
टॉलीवुड अभिनेता विजय देवरकोंडा और निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने लाल दरवाजा मंदिर में दर्शन किए।
सुरक्षा के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात; शराब की दुकानें और बार बंद रखने के आदेश।
2014 में तेलंगाना राज्य गठन के बाद बोनालु को आधिकारिक राज्य त्योहार घोषित किया गया था।
दो दिवसीय उत्सव का समापन सोमवार को अक्कन्ना मादन्ना मंदिर में होगा।

हैदराबाद में 10 अगस्त 2025 को तेलंगाना के राजकीय त्योहार बोनालु का पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजन हुआ। ओल्ड सिटी के लाल दरवाजा स्थित सिंहवाहिनी महाकाली मंदिर में 118वें वार्षिक बोनालु उत्सव पर विशेष पूजा-अर्चना की गई, जहाँ सुबह से ही हजारों भक्तों की कतारें लग गईं। महिलाएँ सिर पर सजे हुए बोनम पात्र लेकर देवी महाकाली को प्रसाद चढ़ाने पहुँचीं और अच्छी सेहत व समृद्धि की प्रार्थना की।

बोनालु उत्सव का महत्व और परंपरा

बोनालु तेलंगाना का एक प्रमुख लोक उत्सव है, जो हर वर्ष आषाढ़ मास (जुलाई-अगस्त) में शक्ति की देवी महाकाली और उनके विभिन्न स्वरूपों को समर्पित होता है। मान्यता है कि यह त्योहार बुराई का नाश करता है और जीवन में शांति व समृद्धि लाता है।

बोनम में पका हुआ चावल, गुड़, दही और हल्दी का पानी होता है, जिसे स्टील या मिट्टी के बर्तन में सजाकर महिलाएँ सिर पर रखकर मंदिर तक की यात्रा करती हैं। 2014 में तेलंगाना राज्य गठन के बाद इसे आधिकारिक रूप से राज्य त्योहार घोषित किया गया, तब से यह उत्सव और भव्य रूप से मनाया जाता है।

राजनेताओं और सेलेब्रिटी की उपस्थिति

राज्य मंत्री कोंडा सुरेखा और पोन्नम प्रभाकर, टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ तथा सांसद अनिल कुमार यादव ने लाल दरवाजा मंदिर में पूजा की। मंत्रियों ने राज्य सरकार की ओर से देवी को रेशमी साड़ी भेंट की।

उद्योग और आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने अक्कन्ना मादन्ना महाकाली मंदिर में दर्शन कर देवी को रेशमी साड़ी अर्पित की। पंचायत राज मंत्री सीतक्का और सरकारी सलाहकार वी. हनुमंथा राव ने अंबरपेट के महाकाली मंदिर में पूजा की। सीतक्का ने कहा कि उन्होंने लोगों के लिए अच्छी बारिश और समृद्धि की प्रार्थना की।

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और उनकी पत्नी ने अंबरपेट मंदिर में दर्शन किए। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने मदन्नापेट के नल्लापोचम्मा मंदिर में पूजा की। राज्य स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राज नरसिम्हा ने करवान क्षेत्र के दरबार मैसम्मा मंदिर में दर्शन किए।

भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव चारमीनार के भाग्यलक्ष्मी मंदिर और लाल दरवाजा मंदिर पहुँचे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्य अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने मलकाजगिरी के श्री उज्जैनी महाकाली अम्मावारी मंदिर में विशेष पूजा की।

टॉलीवुड अभिनेता विजय देवरकोंडा, आनंद देवरकोंडा और निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा भी लाल दरवाजा मंदिर में दर्शन के लिए पहुँचे। मीडिया से बात करते हुए विजय देवरकोंडा ने बोनालु की शुभकामनाएँ दीं और बताया कि उन्होंने संदीप रेड्डी के प्रोडक्शन हाउस 'भद्रकाली' के नाम से पूजा की।

सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था

उत्सव के दौरान दान विभाग आयुक्त हनुमंथा राव, पुलिस कमिश्नर सज्जनार, हैदराबाद कलेक्टर प्रियंका आला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। भक्तों की सुरक्षा के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए। सरकारी विभागों ने पीने का पानी, साफ-सफाई, सड़क और बिजली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की।

हैदराबाद, साइबराबाद और रचकोंडा कमिश्नरेट में त्योहार के दौरान शराब की दुकानें, बार, रेस्तरां और ताड़ी की दुकानें बंद रखने का आदेश जारी किया गया।

उत्सव का समापन

दो दिवसीय बोनालु उत्सव का समापन सोमवार को शाह अली बंदा स्थित अक्कन्ना मादन्ना मंदिर में होगा। यह त्योहार हर वर्ष हैदराबाद की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करता है तथा लाखों श्रद्धालुओं को एक सूत्र में बाँधता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो धार्मिक आस्था कम और राजनीतिक दृश्यता अधिक लगती है। असली सवाल यह है कि क्या इस बढ़ती राजनीतिक भागीदारी के बावजूद आम भक्तों के लिए बुनियादी सुविधाएँ — भीड़ प्रबंधन, पानी, स्वच्छता — पर्याप्त हैं। 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती सुरक्षा के प्रति सजगता दिखाती है, लेकिन पिछले वर्षों में भीड़ के दबाव की घटनाओं को देखते हुए यह संख्या पर्याप्त है या नहीं, यह विचारणीय प्रश्न है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोनालु त्योहार क्या है और यह कब मनाया जाता है?
बोनालु तेलंगाना का एक प्रमुख लोक उत्सव है जो हर वर्ष आषाढ़ मास (जुलाई-अगस्त) में देवी महाकाली को समर्पित होता है। 2014 में तेलंगाना राज्य गठन के बाद इसे आधिकारिक राज्य त्योहार घोषित किया गया।
बोनम क्या होता है और इसे कैसे चढ़ाया जाता है?
बोनम एक पारंपरिक प्रसाद पात्र है जिसमें पका हुआ चावल, गुड़, दही और हल्दी का पानी रखा जाता है। महिलाएँ इसे स्टील या मिट्टी के बर्तन में सजाकर सिर पर रखकर मंदिर तक ले जाती हैं और देवी महाकाली को अर्पित करती हैं।
हैदराबाद में 2025 के बोनालु उत्सव में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए?
राज्य मंत्री कोंडा सुरेखा, पोन्नम प्रभाकर, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, बंडी संजय कुमार, BRS के केटी रामा राव और BJP के राज्य अध्यक्ष एन. रामचंदर राव सहित कई नेताओं ने विभिन्न मंदिरों में दर्शन किए।
लाल दरवाजा महाकाली मंदिर का बोनालु में क्या महत्व है?
लाल दरवाजा स्थित सिंहवाहिनी महाकाली मंदिर हैदराबाद के बोनालु उत्सव का केंद्रबिंदु माना जाता है। यहाँ 2025 में 118वाँ वार्षिक बोनालु उत्सव मनाया गया, जहाँ मंत्रियों से लेकर टॉलीवुड सितारों तक ने दर्शन किए।
2025 के बोनालु उत्सव का समापन कब और कहाँ होगा?
दो दिवसीय बोनालु उत्सव का समापन सोमवार को शाह अली बंदा स्थित ऐतिहासिक अक्कन्ना मादन्ना महाकाली मंदिर में होगा। इस दौरान हैदराबाद, साइबराबाद और रचकोंडा में शराब की दुकानें और बार बंद रखने के आदेश हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले