हैदराबाद साइबर पुलिस ने जुलाई में 15 राज्यों से 49 आरोपी दबोचे, पीड़ितों को ₹98.89 लाख लौटाए
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद की साइबर अपराध पुलिस ने जुलाई 2026 में 15 राज्यों से 49 आरोपियों को गिरफ्तार किया — यह कार्रवाई 25 साइबर अपराध मामलों के तहत की गई। इस अभियान में पुलिस ने पीड़ितों को ₹98,89,202 की राशि सफलतापूर्वक वापस दिलाई, जो डिजिटल धोखाधड़ी के विरुद्ध एक उल्लेखनीय वित्तीय पुनर्प्राप्ति है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध पुलिस स्टेशन को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अनेक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके आधार पर 70 एफआईआर दर्ज की गईं। गिरफ्तार 49 आरोपियों में सर्वाधिक 29 पर ट्रेडिंग धोखाधड़ी का आरोप है। इसके अलावा सोशल मीडिया धोखाधड़ी (5), डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी (3), व्हाट्सएप डीपी धोखाधड़ी (3), वैवाहिक धोखाधड़ी (2) और एपीके धोखाधड़ी, क्रिप्टो ट्रेडिंग में प्रतिरूपण, निवेश धोखाधड़ी, नौकरी धोखाधड़ी, पॉक्सो तथा पुराने सिक्के खरीदने से जुड़े मामलों में एक-एक आरोपी शामिल हैं।
राज्यवार गिरफ्तारियाँ
गिरफ्तारियाँ देशभर में फैली हैं। तेलंगाना से सर्वाधिक 13 आरोपी पकड़े गए, इसके बाद महाराष्ट्र (7), राजस्थान (6), पश्चिम बंगाल (5), उत्तर प्रदेश (4), बिहार (3), दिल्ली (2), हरियाणा (2), झारखंड (2), और आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, पंजाब व उत्तराखंड से एक-एक आरोपी गिरफ्तार हुए।
इन अभियानों में पुलिस ने 25 डेबिट कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 9 चेकबुक, 7 पासबुक, 5 रबर स्टैम्प, 3 लैपटॉप, 2 पैन कार्ड, 2 किराये के समझौते, 1 संयुक्त अरब अमीरात निवासी पहचान पत्र, 1 क्रेडिट कार्ड और 1 पासपोर्ट जब्त किए।
वित्तीय नुकसान और पुनर्प्राप्ति
ट्रेडिंग धोखाधड़ी के 25 मामलों में पीड़ितों को ₹11,75,83,416 का नुकसान हुआ, जिसमें से ₹58,23,217 वापस दिलाए गए। एपीके धोखाधड़ी के 3 मामलों में ₹13,19,218 का नुकसान हुआ और ₹8,75,386 की वसूली हुई। निवेश धोखाधड़ी के 3 मामलों में ₹1,50,79,585 का नुकसान दर्ज किया गया, जिसमें से ₹12,78,136 वापस किए गए।
गौरतलब है कि क्षेत्रीय साइबर प्रकोष्ठों को इसी अवधि में 2,059 NCRP याचिकाएँ प्राप्त हुईं, 298 एफआईआर दर्ज हुईं, 5 मामलों में 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और पीड़ितों को ₹27,09,320 अतिरिक्त वापस किए गए।
साइबर गश्ती और सी-मित्र पहल
साइबर गश्ती अभियान के तहत 1,086 सोशल मीडिया प्रोफाइल और 2,553 सशुल्क प्रचार विज्ञापन हटाए गए, तथा प्रमोटरों के विरुद्ध 9 एफआईआर दर्ज की गईं। सी-मित्र पहल के अंतर्गत पीड़ितों को सहायता देने के लिए 1,537 कॉल किए गए और 231 जीरो एफआईआर दर्ज की गईं।
प्रमुख मामला: व्हाट्सएप हैक से ₹25 लाख की ठगी
एक उल्लेखनीय मामले में जालसाजों ने भूमि बायो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के व्हाट्सएप संचार को हैक कर प्रतिनिधि की प्रोफाइल तस्वीर का दुरुपयोग किया और लेखा टीम को आरटीजीएस के माध्यम से इंडसइंड बैंक में AKK कॉन्ट्रैक्टर्स के खाते में ₹25 लाख हस्तांतरित करवा लिए। NCRP पर शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी अभिनंदन कुमार कामत, लेखाकार, निवासी गुरुग्राम, हरियाणा, को गिरफ्तार किया। यह मामला दर्शाता है कि किस प्रकार कॉर्पोरेट संचार प्रणालियाँ भी साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं।