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हैदराबाद साइबर पुलिस ने जुलाई में 15 राज्यों से 49 आरोपी दबोचे, पीड़ितों को ₹98.89 लाख वापस

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हैदराबाद साइबर पुलिस ने जुलाई में 15 राज्यों से 49 आरोपी दबोचे, पीड़ितों को ₹98.89 लाख वापस

सारांश

हैदराबाद साइबर पुलिस ने जुलाई में एकसाथ 15 राज्यों में जाल बिछाकर 49 आरोपी पकड़े — ट्रेडिंग फ्रॉड से लेकर डिजिटल अरेस्ट तक। ₹98.89 लाख की वापसी और 1,086 फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल हटाना बताता है कि साइबर ठगी अब सिर्फ शहरी नहीं, राष्ट्रव्यापी समस्या बन चुकी है।

मुख्य बातें

हैदराबाद साइबर अपराध पुलिस ने जुलाई 2026 में 15 राज्यों से 49 आरोपियों को 25 मामलों में गिरफ्तार किया।
पीड़ितों को ₹98,89,202 की राशि सफलतापूर्वक वापस दिलाई गई।
सर्वाधिक 29 आरोपी ट्रेडिंग धोखाधड़ी के मामलों में; ट्रेडिंग फ्रॉड में कुल नुकसान ₹11.75 करोड़ से अधिक।
साइबर गश्ती में 1,086 सोशल मीडिया प्रोफाइल और 2,553 विज्ञापन हटाए गए; 9 एफआईआर प्रमोटरों पर।
सी-मित्र पहल के तहत 1,537 कॉल और 231 जीरो एफआईआर दर्ज।
गुरुग्राम निवासी अभिनंदन कुमार कामत को व्हाट्सएप हैक कर ₹25 लाख ठगने के मामले में गिरफ्तार किया गया।

हैदराबाद की साइबर अपराध पुलिस ने जुलाई 2026 में 15 राज्यों से 49 आरोपियों को 25 साइबर अपराध मामलों में गिरफ्तार किया। इस अभियान के दौरान पुलिस ने पीड़ितों को ₹98,89,202 की राशि सफलतापूर्वक वापस दिलाई — जो डिजिटल ठगी के खिलाफ शहर की सबसे व्यापक मासिक कार्रवाइयों में से एक है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध पुलिस स्टेशन को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके आधार पर 70 एफआईआर दर्ज की गईं। गिरफ्तार किए गए 49 आरोपियों में सर्वाधिक 29 ट्रेडिंग धोखाधड़ी से जुड़े हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया धोखाधड़ी (5), डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी (3), व्हाट्सएप डीपी धोखाधड़ी (3), वैवाहिक धोखाधड़ी (2) तथा एपीके धोखाधड़ी, क्रिप्टो ट्रेडिंग में प्रतिरूपण, निवेश धोखाधड़ी, नौकरी धोखाधड़ी, पॉक्सो और पुराने सिक्के खरीदने की धोखाधड़ी के एक-एक मामले शामिल हैं।

राज्यवार गिरफ्तारियाँ

गिरफ्तारियाँ देशभर में फैली रहीं। तेलंगाना से सर्वाधिक 13, महाराष्ट्र से 7, राजस्थान से 6, पश्चिम बंगाल से 5, उत्तर प्रदेश से 4, बिहार से 3, दिल्ली और हरियाणा से 2-2, तथा झारखंड से भी 2 आरोपी पकड़े गए। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, पंजाब और उत्तराखंड से एक-एक गिरफ्तारी हुई।

जब्त सामग्री और वित्तीय नुकसान

अभियान के दौरान पुलिस ने 25 डेबिट कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 9 चेकबुक, 7 पासबुक, 5 रबर स्टैम्प, 3 लैपटॉप, 2 पैन कार्ड, 2 किराये के समझौते, 1 यूएई निवासी पहचान पत्र, 1 क्रेडिट कार्ड और 1 पासपोर्ट जब्त किए। वित्तीय नुकसान के आँकड़े बताते हैं कि ट्रेडिंग धोखाधड़ी के 25 मामलों में ₹11,75,83,416 का नुकसान हुआ, जिसमें से ₹58,23,217 वापस कराए गए। एपीके धोखाधड़ी के 3 मामलों में ₹13,19,218 का नुकसान हुआ और ₹8,75,386 वापस मिले। निवेश धोखाधड़ी के 3 मामलों में ₹1,50,79,585 का नुकसान और ₹12,78,136 की वसूली दर्ज की गई।

क्षेत्रीय साइबर प्रकोष्ठ और साइबर गश्ती

इसी अवधि में क्षेत्रीय साइबर प्रकोष्ठों को 2,059 एनसीआरपी याचिकाएँ प्राप्त हुईं, 298 एफआईआर दर्ज की गईं, 5 मामलों में 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और पीड़ितों को ₹27,09,320 वापस दिलाए गए। साइबर गश्ती अभियान के तहत 1,086 सोशल मीडिया प्रोफाइल और 2,553 सशुल्क प्रचार विज्ञापन हटाए गए तथा प्रमोटरों के खिलाफ 9 एफआईआर दर्ज की गईं। सी-मित्र पहल के अंतर्गत पीड़ितों को मार्गदर्शन देने के लिए 1,537 कॉल किए गए और 231 जीरो एफआईआर दर्ज की गईं।

प्रमुख मामला: व्हाट्सएप हैक से ₹25 लाख की ठगी

एक उल्लेखनीय मामले में जालसाजों ने भूमि बायो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के व्हाट्सएप संचार को हैक कर प्रतिनिधि की प्रोफाइल तस्वीर का दुरुपयोग किया और कंपनी की लेखा टीम को आरटीजीएस के माध्यम से इंडसइंड बैंक में एकेके कॉन्ट्रैक्टर्स के खाते में ₹25 लाख स्थानांतरित करने के लिए बरगलाया। एनसीआरपी पर शिकायत के बाद पुलिस ने गुरुग्राम, हरियाणा निवासी लेखाकार अभिनंदन कुमार कामत को गिरफ्तार किया। यह मामला कॉर्पोरेट संचार चैनलों की बढ़ती साइबर भेद्यता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आँकड़े एक गहरी विडंबना उजागर करते हैं — ट्रेडिंग धोखाधड़ी में ₹11.75 करोड़ का नुकसान हुआ और वापसी मात्र ₹58 लाख रही, यानी पीड़ितों को उनके नुकसान का 5% से भी कम मिला। गिरफ्तारियाँ 15 राज्यों तक फैली हैं, जो बताती हैं कि साइबर ठगी का नेटवर्क किसी एक राज्य की पुलिस की पहुँच से कहीं बड़ा है। सी-मित्र और साइबर गश्ती जैसी पहलें सराहनीय हैं, पर जब तक बैंकिंग प्रणाली में फ्रॉड-रोकथाम की रियल-टाइम व्यवस्था नहीं बनती, गिरफ्तारी के बाद वसूली की दर इसी तरह निराशाजनक बनी रहेगी।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद साइबर पुलिस ने जुलाई 2026 में कितने आरोपी गिरफ्तार किए?
हैदराबाद साइबर अपराध पुलिस ने जुलाई 2026 में 15 राज्यों से 49 आरोपियों को 25 साइबर अपराध मामलों में गिरफ्तार किया। इस दौरान 70 एफआईआर दर्ज की गईं और पीड़ितों को ₹98,89,202 वापस दिलाए गए।
किस प्रकार की साइबर धोखाधड़ी में सबसे ज़्यादा गिरफ्तारियाँ हुईं?
ट्रेडिंग धोखाधड़ी में सर्वाधिक 29 आरोपी गिरफ्तार हुए, जो कुल 49 गिरफ्तारियों का लगभग 60% है। इस श्रेणी में ₹11,75,83,416 का वित्तीय नुकसान दर्ज किया गया।
डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी क्या है और इसमें कितने आरोपी पकड़े गए?
डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी में जालसाज खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर पीड़ित को 'डिजिटल हिरासत' में रखने का भय दिखाते हैं और पैसे ऐंठते हैं। इस मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
व्हाट्सएप हैक से जुड़े ₹25 लाख के मामले में क्या हुआ?
जालसाजों ने भूमि बायो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के व्हाट्सएप को हैक कर कंपनी की लेखा टीम को आरटीजीएस से ₹25 लाख फर्जी खाते में ट्रांसफर करवाए। एनसीआरपी पर शिकायत के बाद पुलिस ने गुरुग्राम निवासी अभिनंदन कुमार कामत को गिरफ्तार किया।
सी-मित्र पहल क्या है और इससे पीड़ितों को कैसे मदद मिलती है?
सी-मित्र हैदराबाद साइबर पुलिस की एक पहल है जिसके तहत साइबर अपराध पीड़ितों को फोन पर मार्गदर्शन दिया जाता है और उनकी शिकायत दर्ज करने में सहायता की जाती है। जुलाई में इस पहल के तहत 1,537 कॉल किए गए और 231 जीरो एफआईआर दर्ज की गईं।
राष्ट्र प्रेस
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