हैदराबाद: आधी रात को आम महिला बनकर सड़क पर खड़ी रहीं IPS अधिकारी बी. सुमति, 40 पुरुषों ने किया उत्पीड़न

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हैदराबाद: आधी रात को आम महिला बनकर सड़क पर खड़ी रहीं IPS अधिकारी बी. सुमति, 40 पुरुषों ने किया उत्पीड़न

सारांश

पद संभालने के एक हफ्ते के भीतर मलकाजगिरी की पुलिस आयुक्त बी. सुमति ने आधी रात को आम महिला का वेश धारण कर हैदराबाद की सड़क पर खड़ी रहीं — और कुछ मिनटों में 40 पुरुषों ने उन्हें परेशान किया। यह अंडरकवर ऑपरेशन शहरी महिला सुरक्षा की खतरनाक हकीकत को बेनकाब करता है।

मुख्य बातें

मलकाजगिरी पुलिस आयुक्त बी.
सुमति ने 6 मई 2026 को दिलसुखनगर में आधी रात के बाद अंडरकवर ऑपरेशन किया।
कुछ ही मिनटों में लगभग 40 पुरुषों ने उन्हें कथित तौर पर परेशान किया, जिनमें से कई नशे में थे।
पास में तैनात पुलिस टीम ने सभी को हिरासत में लिया, बाद में चेतावनी देकर छोड़ा ।
सुमति 2006 बैच की IPS अधिकारी हैं और पद संभालने के एक सप्ताह के भीतर यह कदम उठाया।
पिछले दो वर्षों में उनके प्रयासों से 591 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।

मलकाजगिरी पुलिस आयुक्त बी. सुमति ने 6 मई 2026 को हैदराबाद के दिलसुखनगर में आधी रात के बाद एक आम महिला का वेश धारण कर सड़क पर अकेले खड़े होकर महिला सुरक्षा का जमीनी आकलन किया। पुलिस के अनुसार, कुछ ही मिनटों में लगभग 40 पुरुषों ने उन्हें कथित तौर पर परेशान किया, जिनमें से कई नशे में थे।

अंडरकवर ऑपरेशन का मकसद

2006 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी सुमति ने पद संभालने के मात्र एक सप्ताह के भीतर यह साहसिक कदम उठाया। उनका उद्देश्य रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की वास्तविक सुरक्षा स्थिति परखना था। वह दिलसुखनगर बस स्टैंड पर एक सामान्य महिला के रूप में अकेले इंतजार करती रहीं।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के बयान के अनुसार, कुछ ही मिनटों में करीब 40 पुरुष उनके पास आए और कथित रूप से अश्लील टिप्पणियाँ कीं तथा अनुचित व्यवहार किया। इनमें से कई लोग नशे की हालत में बताए जा रहे हैं। पास में पहले से तैनात पुलिस टीमों ने सभी को हिरासत में ले लिया और बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया।

महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल

यह ऑपरेशन रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता को उजागर करता है। मलकाजगिरी, ग्रेटर हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले चार पुलिस कमिश्नरेट्स में से एक है। पुलिस के अनुसार, इस ऑपरेशन का स्पष्ट उद्देश्य महिलाओं के उत्पीड़न के विरुद्ध सख्त संदेश देना था। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी क्षेत्रों में महिला सुरक्षा राष्ट्रीय बहस का केंद्र बनी हुई है।

बी. सुमति का करियर और पहचान

सुमति ने 2001 में ग्रुप-1 डीएसपी के रूप में अपना करियर शुरू किया और बाद में IPS में चयनित होकर विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। मलकाजगिरी कमिश्नर बनने से पूर्व वह इंटेलिजेंस विभाग में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर थीं। गौरतलब है कि यह उनका पहला ऐसा ऑपरेशन नहीं है — डीएसपी रहते हुए उन्होंने काजीपेट रेलवे स्टेशन के पास भी इसी तरह का अंडरकवर अभियान चलाया था।

नक्सल मोर्चे पर उपलब्धि

सुमति को नक्सल विरोधी अभियानों में उनके संवाद-आधारित दृष्टिकोण के लिए व्यापक सराहना मिली है। पिछले दो वर्षों में उनके प्रयासों से 591 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। वह वरिष्ठ माओवादी नेता तिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवूजी के आत्मसमर्पण से जुड़ी वार्ताओं में भी सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस ऑपरेशन के बाद मलकाजगिरी में महिला सुरक्षा को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो आम महिला की स्थिति क्या होगी? हिरासत के बाद महज चेतावनी देकर छोड़ना दर्शाता है कि कानूनी ढाँचा अभी भी उत्पीड़न को गंभीर अपराध की तरह नहीं देखता। असली परीक्षा यह होगी कि यह ऑपरेशन सिर्फ सुर्खियों तक सीमित रहता है या मलकाजगिरी में रात्रि गश्त, स्थायी निगरानी और सख्त कार्रवाई के रूप में बदलता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बी. सुमति का हैदराबाद में अंडरकवर ऑपरेशन क्या था?
मलकाजगिरी पुलिस आयुक्त बी. सुमति ने 6 मई 2026 को दिलसुखनगर बस स्टैंड पर आधी रात के बाद एक आम महिला का वेश धारण कर अकेले खड़ी रहीं। पुलिस के अनुसार, कुछ ही मिनटों में लगभग 40 पुरुषों ने उन्हें कथित तौर पर परेशान किया, जिन्हें बाद में हिरासत में लेकर चेतावनी दी गई।
इस ऑपरेशन का उद्देश्य क्या था?
इस अंडरकवर अभियान का मकसद रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की वास्तविक सुरक्षा स्थिति का जमीनी आकलन करना और महिला उत्पीड़न के खिलाफ सख्त संदेश देना था। पुलिस के अनुसार, यह ऑपरेशन सुमति ने पद संभालने के एक सप्ताह के भीतर ही किया।
बी. सुमति कौन हैं और उनका करियर कैसा रहा है?
बी. सुमति 2006 बैच की IPS अधिकारी हैं, जिन्होंने 2001 में ग्रुप-1 डीएसपी के रूप में करियर शुरू किया। मलकाजगिरी आयुक्त बनने से पहले वह इंटेलिजेंस विभाग में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस थीं और पिछले दो वर्षों में 591 नक्सलियों के आत्मसमर्पण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
हिरासत में लिए गए लोगों के साथ क्या हुआ?
पास में पहले से तैनात पुलिस टीमों ने सभी 40 पुरुषों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया; किसी के खिलाफ औपचारिक मामला दर्ज किए जाने की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।
क्या सुमति ने पहले भी इस तरह का ऑपरेशन किया है?
हाँ, यह उनका पहला ऐसा अभियान नहीं है। डीएसपी रहते हुए उन्होंने काजीपेट रेलवे स्टेशन के पास भी इसी तरह का अंडरकवर ऑपरेशन चलाया था, जो महिला सुरक्षा के प्रति उनके सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
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