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हैदराबाद पुलिस ने ट्रेनी आईपीएस एम. उदय कृष्ण रेड्डी को यौन उत्पीड़न मामले में हिरासत में लिया

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हैदराबाद पुलिस ने ट्रेनी आईपीएस एम. उदय कृष्ण रेड्डी को यौन उत्पीड़न मामले में हिरासत में लिया

सारांश

हैदराबाद पुलिस ने ट्रेनी आईपीएस अधिकारी एम. उदय कृष्ण रेड्डी को यौन उत्पीड़न मामले में हिरासत में लिया। SVPNPA की एक महिला साथी ने 23 जून से 10 जुलाई के बीच उत्पीड़न, ब्लैकमेल और निजी वीडियो साझा करने का आरोप लगाया है। रेड्डी ने सभी आरोपों को झूठा बताया है।

मुख्य बातें

हैदराबाद पुलिस ने 28 जुलाई 2026 को ट्रेनी आईपीएस अधिकारी एम.
उदय कृष्ण रेड्डी को यौन उत्पीड़न मामले में हिरासत में लिया।
पीड़िता 30 वर्षीय महिला ट्रेनी अधिकारी ने 23 जून से 10 जुलाई के बीच SVPNPA में उत्पीड़न, ब्लैकमेल और निजी वीडियो साझा करने का आरोप लगाया।
मामला भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धारा 66ई व 67ए के तहत अट्टापुर पुलिस स्टेशन में 19 जुलाई को दर्ज किया गया।
रेड्डी ने 21 जुलाई को कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया; अस्पताल में जाँच में अत्यधिक शराब का पता चला।
रेड्डी ने उच्च न्यायालय में एफआईआर रद्द करने की याचिका दायर की है और सभी आरोपों को झूठा बताया है।
पुलिस ने रेड्डी को खोजने के लिए चार विशेष टीमें गठित की थीं।

हैदराबाद पुलिस ने 28 जुलाई 2026 को ट्रेनी आईपीएस अधिकारी एम. उदय कृष्ण रेड्डी को हिरासत में ले लिया। उन पर सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी (SVPNPA) में प्रशिक्षण के दौरान अपनी ही बैच की एक 30 वर्षीय महिला ट्रेनी अधिकारी के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है। यह मामला 19 जुलाई को अट्टापुर पुलिस स्टेशन, हैदराबाद में दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है।

मुख्य घटनाक्रम

पीड़िता महिला ट्रेनी अधिकारी ने आरोप लगाया कि रेड्डी ने 23 जून से 10 जुलाई के बीच अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें लगातार परेशान किया। आरोपों के अनुसार, रेड्डी ने उन्हें अभद्र संदेश भेजे, आपराधिक धमकियाँ दीं, उनका निजी वीडियो रिकॉर्ड कर उनके पति को भेज दिया, उनका मोबाइल फोन अपने कमरे में ले जाकर पासवर्ड बताने के लिए मजबूर किया और निजी संदेशों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया।

शिकायत के आधार पर अट्टापुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66ई (प्राइवेसी का उल्लंघन) और धारा 67ए के तहत मामला दर्ज किया।

आरोपी की अनुपस्थिति और खोज अभियान

जाँच के दौरान जब पुलिस रेड्डी द्वारा दिए गए दो पतों पर नोटिस देने पहुँची, तो वह वहाँ नहीं मिले और उनका मोबाइल फोन भी बंद था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें खोजने के लिए चार विशेष टीमें गठित कीं।

रेड्डी ने हालाँकि फरार होने के आरोप से इनकार किया। उन्होंने बताया कि वे आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के उल्लापालेम स्थित अपने पैतृक गाँव में अपनी दादी से मिलने गए थे, जिनकी तबीयत उन पर लगे आरोपों के बाद खराब हो गई थी। उन्होंने एक मीडिया चैनल को बताया कि वे हैदराबाद लौट रहे हैं और जाँच अधिकारियों का पूरा सहयोग करेंगे।

आत्महत्या की कोशिश और कथित सुसाइड नोट

आरोप है कि रेड्डी ने 21 जुलाई को हैदराबाद में एक रिश्तेदार के घर पर आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जाँच के लिए भेजे गए नमूनों में अत्यधिक मात्रा में शराब का पता चला; संदेह है कि अत्यधिक शराब सेवन के कारण वे बेहोश हो गए थे।

रेड्डी के हाथ से लिखे कथित सुसाइड नोट में उन्होंने दावा किया कि वे और पीड़िता महिला अधिकारी जून 2025 से आपसी सहमति के आधार पर एक रिश्ते में थे और महिला की शादी के बाद भी यह संबंध जारी रहा। उन्होंने चार लोगों का उल्लेख किया, जिनमें पीड़िता और उनके पति भी शामिल थे। रेड्डी ने दावा किया कि उनके पास फोटो और वीडियो के रूप में साक्ष्य हैं जो आपसी सहमति को साबित करते हैं — हालाँकि ये दावे अभी जाँच के दायरे में हैं।

न्यायालय में चुनौती

हिरासत से पहले रेड्डी ने उच्च न्यायालय में एफआईआर रद्द करने की याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी झूठे आरोपों पर आधारित है और वे अपनी बेगुनाही साबित करने में सक्षम हैं।

क्या होगा आगे

हिरासत में लिए जाने के बाद रेड्डी को अट्टापुर पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहाँ जाँच अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे। यह मामला देश की प्रतिष्ठित पुलिस प्रशिक्षण संस्था में अनुशासन और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है। आगे की कार्यवाही और उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर सुनवाई का परिणाम इस मामले की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल उठता है कि 23 जून से 10 जुलाई के बीच चले कथित उत्पीड़न को अकादमी प्रशासन ने समय रहते क्यों नहीं रोका। दूसरी ओर, आरोपी की उच्च न्यायालय याचिका और कथित सुसाइड नोट में किए गए दावे जाँच को जटिल बनाते हैं — लेकिन ये दावे न्यायालय में साबित होने तक महज दावे ही हैं। SVPNPA जैसी संस्था में इस तरह के मामले का सामने आना पूरी पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता पर असर डालता है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रेनी आईपीएस एम. उदय कृष्ण रेड्डी पर क्या आरोप हैं?
उन पर SVPNPA में प्रशिक्षण के दौरान एक 30 वर्षीय महिला ट्रेनी अधिकारी के साथ यौन उत्पीड़न, ब्लैकमेल, आपराधिक धमकी और निजी वीडियो रिकॉर्ड कर उसके पति को भेजने के आरोप हैं। यह आरोप 23 जून से 10 जुलाई 2026 के बीच की घटनाओं से संबंधित हैं।
यह मामला कब और कहाँ दर्ज किया गया?
पीड़िता की शिकायत पर 19 जुलाई 2026 को हैदराबाद के अट्टापुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 66ई और 67ए के तहत दर्ज है।
रेड्डी ने आरोपों पर क्या कहा है?
रेड्डी ने सभी आरोपों को झूठा बताया है और उच्च न्यायालय में एफआईआर रद्द करने की याचिका दायर की है। उन्होंने दावा किया कि वे और पीड़िता जून 2025 से आपसी सहमति के रिश्ते में थे और उनके पास इसे साबित करने के लिए फोटो व वीडियो साक्ष्य हैं।
रेड्डी की 21 जुलाई की घटना क्या थी?
आरोप है कि रेड्डी ने 21 जुलाई को हैदराबाद में एक रिश्तेदार के घर पर आत्महत्या का प्रयास किया और उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जाँच में भेजे गए नमूनों में अत्यधिक शराब पाई गई; संदेह है कि वे अत्यधिक शराब सेवन से बेहोश हो गए थे।
SVPNPA क्या है और इस मामले का उस पर क्या असर है?
सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी (SVPNPA) भारत की प्रमुख आईपीएस प्रशिक्षण संस्था है। इस मामले ने संस्था में महिला सुरक्षा, अनुशासन और आंतरिक शिकायत तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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