ट्रेनी आईपीएस अधिकारी एम. उदय कृष्ण रेड्डी यौन उत्पीड़न मामले में 11 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद की उप्परपल्ली कोर्ट ने 29 जुलाई 2026 को कथित यौन उत्पीड़न मामले में प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी एम. उदय कृष्ण रेड्डी को 11 अगस्त तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। रेड्डी को इसके बाद चंचलगुडा सेंट्रल जेल भेजा गया। यह मामला सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी में प्रशिक्षण के दौरान कथित तौर पर की गई घटनाओं से जुड़ा है।
मुख्य घटनाक्रम
अट्टापुर पुलिस ने रेड्डी को मंगलवार, 28 जुलाई को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले पुलिस उन्हें अशोक नगर स्थित उनके आवास पर ले गई थी, जहाँ कथित घटनास्थल का दोबारा जायजा लिया गया। अगले दिन उन्हें अदालत में पेश किया गया, जिसने न्यायिक हिरासत का आदेश दिया।
पीड़िता के आरोप
यह मामला 18 जुलाई को अट्टापुर पुलिस स्टेशन में एक 30 वर्षीय महिला ट्रेनी आईपीएस अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में महिला ने बार-बार यौन उत्पीड़न, अभद्र व्हाट्सऐप संदेश भेजने, पीछा करने (स्टॉकिंग), गलत तरीके से बंधक बनाने, शारीरिक मारपीट, आपराधिक धमकी और चुपके से निजी वीडियो रिकॉर्ड करने के आरोप लगाए। आरोप है कि यह वीडियो उन्हें ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से उनके पति को भेजा गया था। पुलिस ने रेड्डी पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
आरोपी का पक्ष
रेड्डी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सभी आरोप झूठे हैं और उन्होंने कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा जताया। 21 जुलाई को रेड्डी मोतीनगर में एक रिश्तेदार के घर बेहोशी की हालत में मिले थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय आत्महत्या की कोशिश की अफवाहें फैलीं, हालाँकि पुलिस ने प्रारंभिक जाँच के आधार पर कहा कि यह सहानुभूति पाने का प्रयास हो सकता है।
रेड्डी के कथित हस्तलिखित सुसाइड नोट में दावा किया गया कि वे और महिला ट्रेनी अधिकारी जून 2025 से आपसी सहमति से रिश्ते में थे और यह संबंध महिला की शादी के बाद भी जारी रहा। उन्होंने जबरदस्ती और दबाव के आरोपों को नकारते हुए दावा किया कि उनके पास तस्वीरें और वीडियो के रूप में साक्ष्य हैं। इस नोट में चार लोगों के नाम लिए गए, जिनमें महिला और उनके पति भी शामिल थे।
आगे क्या होगा
रेड्डी 11 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे, जब अदालत अगली सुनवाई करेगी। मामले की जाँच अट्टापुर पुलिस कर रही है। यह मामला देश के प्रतिष्ठित पुलिस प्रशिक्षण संस्थान में कार्यरत अधिकारियों के आचरण को लेकर गंभीर सवाल उठाता है।